Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
योग · पृष्ठ 216
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1सुख की समाधि तो है गोविंद राधे।
2मायिक सत्वगुण की ही बता दे॥ 2453॥
3समाधि सविकल्प गोविंद राधे।
4संप्रज्ञात समाधि है बता दे॥ 2454॥
5सात्विक दस सिद्धि गोविंद राधे।
6योगियों को भी मिलती हैं बता दे॥ 2455॥
7योगियों को योग शक्ति गोविंद राधे।
8रिद्धि सिद्धि दै के वाय बुद्धू बना दे॥ 2456॥
9सिद्धियाँ तो आठ हैं गोविंद राधे।
10जो पूर्णतया हैं कृष्ण में बता दे॥ 2457॥
11अणिमा अरु लघिमा गोविंद राधे।
12महिमा ईशिता प्राप्ति सिद्धि बता दे॥ 2458॥
13प्राकाम्या वशिता गोविंद राधे।
14कामावशायिता आठ हैं बता दे॥ 2459॥
15एक सिद्धि अणिमा है गोविंद राधे।
16सिद्ध अणुवत हो क्षुद्र बता दे॥ 2460॥
17एक सिद्धि लघिमा है गोविंद राधे।
18सिद्ध हो अति लघु हलका बता दे॥ 2461॥
19एक सिद्धि महिमा है गोविंद राधे।
20सिद्ध हो भारी गिरि सदृश बता दे॥ 2462॥
21एक सिद्धि प्राप्ति है गोविंद राधे।
22सिद्ध जो चाहे करे प्राप्त बता दे॥ 2463॥
23एक सिद्धि ईशित्व गोविंद राधे।
24सिद्ध भी भौतिक सृष्टि करा दे॥ 2464॥