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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

कर्म · पृष्ठ 202

Reading 213 of 516 · Source nos. 2301–2312 · Source PDF 219

1किन्तु ये याज्ञिक गोविंद राधे।

2भोले अल्पज्ञ स्वर्गकामी बता दे॥ 2301॥

3श्याम अरु राम को भी गोविंद राधे।

4याज्ञिकों ने माना नर शिशु ही बता दे॥ 2302॥

5अतएव उन ने भी गोविंद राधे।

6ना कहा हाँ ना तो ना ही बता दे॥ 2303॥

7निराश ग्वाल बाल गोविंद राधे।

8लौटि के बताया सब श्याम को बता दे॥ 2304॥

9श्याम ने कहा मित्रों गोविंद राधे।

10असफलता ते हो निराश ना बता दे॥ 2305॥

11असफलता में तो गोविंद राधे।

12और भी यत्न करणीय बता दे॥ 2306॥

13अब तुम सब जाओ गोविंद राधे।

14यज्ञ-पत्नियों के पास बता दे॥ 2307॥

15उनते भी वही बात गोविंद राधे।

16कहो जो कहा याज्ञिकों ते बता दे॥ 2308॥

17उन यज्ञ-पत्नियों ते गोविंद राधे।

18भोजन अवश्य मिल जायगा बता दे॥ 2309॥

19पुनि सब ग्वाल बाल गोविंद राधे।

20गये उसी यज्ञशाला में बता दे॥ 2310॥

21यज्ञ-पत्नियों ते कहा गोविंद राधे।

22थोड़ी दूर पै राम श्याम हैं बता दे॥ 2311॥

23राम श्याम ग्वाल बाल गोविंद राधे।

24सब को लगी है बड़ी भूख बता दे॥ 2312॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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