Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
महापुरुष · पृष्ठ 170
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1गुरुदेव आज्ञा ते गोविंद राधे।
2राम श्याम बैठे रथ पै बता दे॥ 1944॥
3वायु सम वेग वाले गोविंद राधे।
4घोड़े ले आये मथुरा बता दे॥ 1945॥
5मथुरा की जनता गोविंद राधे।
6राम श्याम बिनु थी विकल बता दे॥ 1946॥
7सब ने देखा अब गोविंद राधे।
8सब हुये आनन्दमग्न बता दे॥ 1947॥
9एक बार दुर्वासा गोविंद राधे।
10चिल्ला चिल्ला कर बोले बता दे॥ 1948॥
11कोई बना लो मुझे गोविंद राधे।
12गुरु अपना, शिष्य बनि के बता दे॥ 1949॥
13किन्तु यदि कोई गोविंद राधे।
14किया अपराध दण्ड दूँगा बता दे॥ 1950॥
15ऐसे ही बोलते गोविंद राधे।
16गये द्वारिका धाम कृष्ण के बता दे॥ 1951॥
17कृष्ण ने बुलाया अरु गोविंद राधे।
18महल में उन्हें ठहराया बता दे॥ 1952॥
19पुनि दुर्वासा ने गोविंद राधे।
20महल में आग लगा दी बता दे॥ 1953॥
21पुनि कहा रु क्मिणी गोविंद राधे।
22आज खाऊँगा मैं खीर बता दे॥ 1954॥
23पुनि कहा कृष्ण ते गोविंद राधे।
24खीर पूरे तन में पोत लो बता दे॥ 1955॥