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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

महापुरुष · पृष्ठ 168

Reading 180 of 516 · Source nos. 1920–1931 · Source PDF 185

1सिन्धु प्रकट हुआ गोविंद राधे।

2पूजा की राम श्याम की बता दे॥ 1920॥

3भगवान बोले सिन्धु गोविंद राधे।

4गुरु पुत्र को तुम ला दो बता दे॥ 1921॥

5तुमने डुबाया है गोविंद राधे।

6तुमको ही लाना होगा बता दे॥ 1922॥

7सिन्धु बोला हे कृष्ण! गोविंद राधे।

8मैंने डुबाया नाहिं पुत्र बता दे॥ 1923॥

9मेरे जल में ही गोविंद राधे।

10शंख रूप में एक दैत्य बता दे॥ 1924॥

11उसने ही गुरु पुत्र गोविंद राधे।

12अवशि चुराया होगा बता दे॥ 1925॥

13पंचजन नामक गोविंद राधे।

14वह दैत्य अति बलवान बता दे॥ 1926॥

15कृष्ण घुसे सिन्धु मधि गोविंद राधे।

16मार दिया शंख पंचजन को बता दे॥ 1927॥

17शंख के उदर में भी गोविंद राधे।

18गुरु पुत्र मिलि नहिं पाया बता दे॥ 1928॥

19शंखासुर शंख लै गोविंद राधे।

20लौटे पुनि राम श्याम थे बता दे॥ 1929॥

21पुनि गये राम श्याम गोविंद राधे।

22संयमनीपुरी यम की बता दे॥ 1930॥

23शंख बजाया तहँ गोविंद राधे।

24आया यम भयभीत बता दे॥ 1931॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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