Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
महापुरुष · पृष्ठ 166
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1किया राम श्याम का गोविंद राधे।
2यज्ञोपवीत संस्कार बता दे॥ 1896॥
3पूज्य जनों को दी गोविंद राधे।
4दक्षिणा गाय आदि की भी बता दे॥ 1897॥
5इमि भये राम श्याम गोविंद राधे।
6प्राप्त द्विजत्व को सविधि बता दे॥ 1898॥
7सारी विद्यायें गोविंद राधे।
8राम श्याम ते ही निकसीं बता दे॥ 1899॥
9फिर भी लीला हित गोविंद राधे।
10पढ़ने गये राम श्याम बता दे॥ 1900॥
11जाकी श्वास चारों वेद गोविंद राधे।
12वाको गुरु फिर क, ख, ग, घ पढ़ा दे॥ 1901॥
13उज्जैन में गये गोविंद राधे।
14सान्दीपनि गुरु पास बता दे॥ 1902॥
15गुरु की इच्छा में गोविंद राधे।
16इच्छा रखि किये सेवा बता दे॥ 1903॥
17शिष्य कर्तव्य को गोविंद राधे।
18दोनों ने करके दिखाया बता दे॥ 1904॥
19सान्दीपनि मुनि गोविंद राधे।
20हुये प्रसन्न राम श्याम ते बता दे॥ 1905॥
21छहों शास्त्र चारों वेद गोविंद राधे।
22सांगोपांग पढ़ाया बता दे॥ 1906॥
23राजनीति में भी किया गोविंद राधे।
24श्याम राम को अति दक्ष बता दे॥ 1907॥