Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संसार · पृष्ठ 124
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1अन्त में बचेगा जो गोविंद राधे।
2वह भी रहूँगा मैं ही बता दे॥ 1399॥
3ऐसा उपदेश दै के गोविंद राधे।
4हरि भये अन्तर्धान बता दे॥ 1400॥
5ब्रह्मा ने प्रणाम किया गोविंद राधे।
6पुनि प्रारम्भ किया सृष्टि बता दे॥ 1401॥
7प्रलय पूर्व जैसी गोविंद राधे।
8सृष्टि थी वैसी की पुनः बता दे॥ 1402॥
9“यतो वा इमानि” गोविंद राधे।
10कह सृष्टिकर्ता हरि हैं बता दे॥ 1403॥
11“सदेव सौम्येद” गोविंद राधे।
12मंत्र कह हरि हैं स्रष्टा बता दे॥ 1404॥
13“तदैक्षत” मंत्र गोविंद राधे।
14कह ईश्वर ही स्रष्टा बता दे॥ 1405॥
15“स ईक्षत” मंत्र गोविंद राधे।
16कह हरि जग स्रष्टा हैं बता दे॥ 1406॥
17“स ईक्षांचक्रे” गोविंद राधे।
18मंत्र कह कृष्ण ही हैं स्रष्टा बता दे॥ 1407॥
19“ब्रह्म वा इदमेकं” गोविंद राधे।
20मंत्र कह हरि हैं स्रष्टा बता दे॥ 1408॥
21“आत्मा वा इदमेकं” गोविंद राधे।
22मंत्र कह श्याम जग स्रष्टा बता दे॥ 1409॥
23“तस्माद्वा एतस्मात्” गोविंद राधे।
24मंत्र कह हरि हैं स्रष्टा बता दे॥ 1410॥