Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संसार · पृष्ठ 115
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1आगन्तुक माया गोविंद राधे।
2माया को भगाया जा सकता बता दे॥ 1291॥
3माया की प्रतीति हो गोविंद राधे।
4हरि की प्रतीति ना होने पै बता दे॥ 1292॥
5माया की प्रतीति ना हो गोविंद राधे।
6हरि की शक्ति बिनु, जड़ है बता दे॥ 1293॥
7माया जड़ चीमटी है गोविंद राधे।
8हरि कर जो चाहे सोई करा दे॥ 1294॥
9जीव माया गुण माया गोविंद राधे।
10माया की वृत्ति दो हैं सब को बता दे॥ 1295॥
11गुण माया शक्ति रूपा गोविंद राधे।
12सत्व, रज, तम साम्यावस्था बता दे॥ 1296॥
13पराशक्ति ते कृष्ण गोविंद राधे।
14जग केनिमित्त कारण हैं बता दे॥ 1297॥
15जीव माया शक्ति द्वारा गोविंद राधे।
16कृष्ण जग का उपादान हैं बता दे॥ 1298॥
17जीव माया सृष्टि का तो गोविंद राधे।
18गौण निमित्त कारण है बता दे॥ 1299॥
19गुण माया सृष्टि का है गोविंद राधे।
20गौण उपादान कारण बता दे॥ 1300॥
21प्रकृति है जड़ याते गोविंद राधे।
22ब्रह्म शक्ति ते ही उपादान बता दे॥ 1301॥
23निमित्तोपादान कारण गोविंद राधे।
24मुख्य तो हैं भगवान कृष्ण ही बता दे॥ 1302॥