Skip to main contentJagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
शरणागति, कृपा · पृष्ठ 85
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2“इन्द्रं त्रिधातु शरणं” गोविंद राधे।
3शरणागति वेद सम्मत बता दे॥ 961॥
4“यो ब्रह्माणं” मंत्र गोविंद राधे।
5शरणागति वेद सम्मत बता दे॥ 962॥
6अनुकूल संकल्प गोविंद राधे।
7प्रतिकूल मनन न शरण बता दे॥ 963॥
8विश्वास रक्षा में गोविंद राधे।
9वरण गोप्तृत्व में शरण बता दे॥ 964॥
10आत्म निक्षेप अरु गोविंद राधे।
11भाव कार्पण्य शरण बता दे॥ 965॥
12चला जा शरण श्याम गोविंद राधे।
13बिनु ही कहे माया भागे बता दे॥ 966॥