Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मानव देह · पृष्ठ 84
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1बेर न करु भजु गोविंद राधे।
2जाने कब यम यमदूत पठा दे॥ 955॥
3आयु जल बुलबुला गोविंद राधे।
4जाने कब फूट जाये सबको बता दे॥ 956॥
5पल का भरोसा नहिं गोविंद राधे।
6जाने कब काल नर तनु छिनवा दे॥ 957॥
7सब तज हरि भज गोविंद राधे।
8तेरी सब बिगरी आपु बना दे॥ 958॥
9हरि दंड देंगे तो गोविंद राधे।
10लख चौरासी द्वार घुमा दे॥ 959॥
11सैर तो बड़ों का काम गोविंद राधे।
12हरि साथ होंगे सौभाग्य बता दे॥ 960॥