Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अनुपमेय श्री राधे, राधे राधे राधे।
Reading 86 of 119 · Source no. 75 · Source PDF 155–156
1अनुपमेय श्री राधे, राधे राधे राधे।
2श्री वृषभानु दुलारी राधे,
3कीर्ति कुमारी राधे, राधे राधे राधे।
4धाम दिव्य बरसानो राधे,
5भईं प्रकट जहँ राधे, राधे राधे राधे।
6भोरी भारी प्यारी राधे,
7ब्रजरस वारी राधे, राधे राधे राधे।
8आनंदहुँ दें आनँद राधे,
9रसहूँ दें रस राधे, राधे राधे राधे।
10मादन महाभाव तनु राधे,
11प्रेम सुधा निधि राधे, राधे राधे राधे।
12चिदघन आनँदघन श्री राधे,
13गौर बरन तन राधे, राधे राधे राधे।
14बह प्रति रोम प्रेमरस राधे,
15जेहि पिय पिय नित राधे, राधे राधे राधे।
16सेवत रसिक शिरोमणि राधे,
17ब्रह्म श्यामहूँ राधे, राधे राधे राधे।
18चूमत चरण कमल नित राधे,
19चह पिय पद रज राधे, राधे राधे राधे।
20जपत रैन दिन राधे राधे,
21धरत ध्यान छवि राधे, राधे राधे राधे।
22सिंहासन बैठें जब राधे,
23पिय चापत पग राधे, राधे राधे राधे।
24पिय “कृपालु” ही अनुपम राधे,
25पुनि का उपमा राधे, राधे राधे राधे॥
26भावार्थ—भक्त महरानी राधा का गुणगान करते हुए
27कहता है- हे श्री राधे! तुम्हारे समान तो एकमात्र तुम ही हो। हे
28वृषभानुनन्दिनी! हे कीर्ति कुमारी! तुम अनुपम हो। दिव्य बरसाना
29धाम में नित्य निकुंजेश्वरी श्री राधा का प्राकट्य हुआ। ब्रजरस
30की वर्षा करने वाली प्यारी राधा अत्यन्त ही भोली भाली हैं।
31श्री राधा आनन्द को भी आनन्द एवं रस को भी रस देने वाली
32हैं (आनन्द एवं रसरूप श्री कृष्ण भी श्री राधा द्वारा आनन्द एवं
33रस प्राप्त करते हैं) प्रेमामृत की सिंधु स्वरूपा श्री राधा का
34दिव्य वपु मादन महाभाव का साकार रूप ही है। चिदानन्द-
35घनरूपा श्री राधा गौर वर्ण वाली हैं। श्री राधा के रोम रोम से
36प्रेम-रस की वर्षा होती रहती है जिसे प्रियतम श्री कृष्ण निरन्तर
37पान करते हैं। रसिक शिरोमणि ब्रह्म श्री कृष्ण भी निरन्तर श्री
38राधा शक्ति की आराधना करते हैं। प्रियतम श्री राधा की चरण-
39रज प्राप्त करने हेतु उनके पावन चरण-कमलों को अपने मुख-
40कमल से चूमते हैं। निशि-दिन राधा नाम का जप करते हुए श्री
41कृष्ण उनकी दिव्य रूपमाधुरी का ध्यान करते हैं। सिंहासनारूढ़
42श्री राधा के चरण-कमलों को निज अंक में धारण कर उनका
43संवाहन कर श्री कृष्ण निज सौभाग्य की सराहना करते हैं।
44“कृपालु”कहते हैं जब श्री कृष्ण ही अनुपम हैं तब श्री राधा
45की उपमा भला किससे दी जा सकती है।