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Yugal Ras

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

तू नहिं मोरी मैया, मैया मैया मैया।

Reading 50 of 119 · Source no. 39 · Source PDF 89–90

1तू नहिं मोरी मैया, मैया मैया मैया।

2झगरत अति बिरुझाय कन्हैया,

3लेत बलैया मैया, मैया मैया मैया।

4मैया कह का चहिय कन्हैया,

5जो चहु कहु निज मैया, मैया मैया मैया।

6मैं न लाल तव कहत कन्हैया,

7तू भुराय मोहिं मैया, मैया मैया मैया।

8मोहिं बतायेउ आजुहिं भैया,

9परो मिल्यो तू मैया, मैया मैया मैया।

10याही ते है तोर कन्हैया,

11अति कारो तन मैया, मैया मैया मैया।

12साँचु साँचु कहु कहत कन्हैया,

13शपथ मोर तोहिं मैया, मैया मैया मैया।

14परो मिल्यो तू नाहिं कन्हैया,

15हौँ साँची तव मैया, मैया मैया मैया।

16बोले झूठ सदा ते भैया,

17मानु मोर कह मैया, मैया मैया मैया।

18तोको भोरो जानि कन्हैया,

19रहत चिढ़ावत भैया, मैया मैया मैया।

20कह “कृपालु” यह तोर कन्हैया,

21सब कोइ बाबा मैया, मैया मैया मैया।

22भावार्थ—बालकृष्ण माँ से झगड़ रहे हैं। अत्यन्त खीझे

23हुए कृष्ण यशोदा से कहते हैं- तू मेरी माँ नहीं है। यशोदा

24अपने लाल की इस झाँकी पर बलिहार जाती हैं। पुनः पुत्र से

25पूछती हैं-तुम क्या चाहते हो? मुझे बताओ तो सही। कृष्ण

26कहते हैं-तुम मुझे धोखा दे रही हो, मैं तुम्हारा पुत्र नही हूँ।

27मुझे आज दाऊ भैया ने बताया था कि मैं तुम्हें कहीं पड़ा हुआ

28मिला हूँ। यदि मैं तुम्हारा पुत्र होता तो तुम्हारे शरीर की भाँति

29मेरा शरीर भी गौरवर्ण का होता। कृष्ण ने यशोदा को अपनी

30सौगन्ध खिलाकर कहा-मुझे सत्य बात बताओ। यशोदा ने उत्तर

31में कहा- हे कृष्ण! तुम मुझे पड़े हुए नहीं मिले हो, मैंने तुम्हें

32जन्म दिया है। मेरा कहना मानो। दाऊ तो सदा से ही झूठ

33बोलते रहते हैं। पुनः यशोदा ने पुत्र को समझाया- हे कृष्ण!

34तुम अत्यन्त भोले भाले हो, अतः बलदाऊ तुमको झूठी बातें

35बनाकर बहकाते रहते हैं और तुम चिढ़ जाते हो।“कृपालु”

36यशोदा से अपना मत बताते हैं- हे यशोदे! यह तुम्हारा पुत्र

37नहीं सारे जगत् का पिता है।

Native Hindi songs and published Hindi explanations from the supplied 2005 edition. The older image-only Yugal Ras scan is a separate source, not the scan transcribed here. Supplied edition: Fourth edition, Sharad Purnima, 17 October 2005. Published explanation: सुश्री ब्रजकुंजरी देवी.

Source edition and PDF · Text version