लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content
Yugal Ras

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

मति बाँधे मोहिं मैया, मैया मैया मैया।

Reading 47 of 119 · Source no. 36 · Source PDF 82–84

1मति बाँधे मोहिं मैया, मैया मैया मैया।

2माखन चोर कहत मोहिं मैया,

3झूठी गूजरि मैया, मैया मैया मैया।

4लाखन धेनु हमारे मैया,

5मनन दूध दे मैया, मैया मैया मैया।

6दूध दही माखन तो मैया,

7मो घर एतिक मैया, मैया मैया मैया।

8माँगि माँगि लै जावैं मैया,

9गोबर वारी मैया, मैया मैया मैया।

10एतिक गैयन जाके मैया,

11चोर कहत तेहि मैया, मैया मैया मैया।

12याकी सास कहति रहि मैया,

13बहू चोर मम मैया, मैया मैया मैया।

14डाटै सास जबै येहि मैया,

15आवे तोहिं ढिग मैया, मैया मैया मैया।

16इक दिन कहति रही यह मैया,

17मन मोह्यो क्यों मैया, मैया मैया मैया।

18जब पूछी मन केहि कह मैया,

19हँसन लगी तब मैया, मैया मैया मैया।

20पुनि पुनि देत उरहनो मैया,

21तू सच मानति मैया, मैया मैया मैया।

22लाल “कृपालु” साँचु कह मैया,

23डाटि भगा दे मैया, मैया मैया मैया॥

24भावार्थ—बालकृष्ण भय से काँपते हुए माता यशोदा

25से कहते हैं- अरी मैया! मुझे बाँध मत ये गूजरी झूठी है, जो

26मुझे माखन की चोरी लगा रही हैं। हमारे घर में लाखों गायें हैं।

27मनों दूध हमारे घर में होता है। मेरे घर में दूध, दही, माखन का

28अभाव नहीं है। गोबर पाथने वाली गोपियाँ माँगकर ले जाती

29है। जिसके घर में इतनी गायें हैं, यह गूजरी उसे चोर कह रही

30है। मैया! एक दिन इस गूजरी की सास कहती थी- मेरी बहू

31चोर है। जब इसकी सास इसे फटकारती है तब यह तेरे निकट

32आ जाती है। एक दिन मुझसे कहने लगी- कन्हैया! तुमने मेरा

33मन क्यों मोहित कर लिया? जब मैंने पूछा- मन किसे कहते

34हैं- तब यह हँसने लगी। ये बार बार उलाहना देने आती है तू

35इसकी बात को सत्य मान लेती है।“कृपालु”कहते हैं- मैया!

36तुम्हारा लाल सत्य ही कहता है। गूजरी झूठी है इसे भगा दो।

Native Hindi songs and published Hindi explanations from the supplied 2005 edition. The older image-only Yugal Ras scan is a separate source, not the scan transcribed here. Supplied edition: Fourth edition, Sharad Purnima, 17 October 2005. Published explanation: सुश्री ब्रजकुंजरी देवी.

Source edition and PDF · Text version