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Yugal Madhuri

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

मेरे दोउ ठाकुर श्यामा श्याम।

Reading 59 of 75 · Source no. 48 · Source PDF 174–187

1(नीको लागे...)

2मेरे दोउ ठाकुर श्यामा श्याम।

3ठकुरानी श्यामा ठाकुर श्याम।

4राजें दोउ श्री वृंदावन धाम।

5न भूलूँ कभु भूलेहुँ आठहुँ याम।

6करें नित नई नई लीला ललाम।

7करें रास कुंजनि सँग ब्रज बाम।

8दोउ दिव्य प्रेम रूप रस सुखधाम।

9श्यामा बसें बरसानो श्याम नंदगाम।

10श्यामा तनु नीलो पट पीलो पट श्याम।

11मेरी गति मति रति दोउ छवि धाम।

12श्यामा पियें श्याम रस गौर रस श्याम।

13श्याम गौर रस पियें सब ब्रज बाम।

14श्याम ही को रूप श्यामा श्यामा रूप श्याम।

15दोउ प्रेम प्यासे दोउ हैं पूर्ण काम।

16श्यामा हैं निठुर अति कह घनश्याम।

17श्यामा कह निष्ठुर अति घनश्याम।

18दोउ अति कोमल कह ब्रजबाम।

19दोउ चह सेवा लरें आठु याम।

20दोउन ही ध्यावो बनि निष्काम।

21दोउन नाम गुन गावो बसु याम।

22नित्य बिहार दोउ कर नित्य धाम।

23दोउ सेवक दोउ सेव्य अकाम।

24दोउ रस दोउ रसिकहुँ श्यामा श्याम।

25रसिक मुकुटमणि श्यामा श्याम।

26रसिकन जीवन श्यामा श्याम।

27सहज सनेही श्यामा श्याम।

28अधम उधारन श्यामा श्याम।

29जैसे श्यामा श्याम वैसे श्यामा श्याम नाम।

30रसिकन श्यामा श्याम पतितन नाम।

31श्यामा श्याम विरही हो विरही न नाम।

32श्यामा श्याम भाजे आवें सुनि निज नाम।

33श्यामा जपेँ श्याम नाम आठों याम।

34श्यामा नाम आठों याम जपें घनश्याम।

35धन्य ब्रजबाम धन्य प्रेम निष्काम।

36धन्य बरसानो गाम धन्य नंदगाम।

37धन्य धन्य धन्य धन्य वृन्दावन धाम।

38श्यामा हैं श्वेतिमा दुग्ध घनश्याम।

39श्यामा हैं सुगंध कर्पूर घनश्याम।

40श्यामा शक्ति दाहिका आग घनश्याम।

41श्यामा शक्ति ह्लादिनी शक्तिमान श्याम।

42एक ब्रह्म रूप दो हैं श्यामा श्याम।

43नित्य दो हैं नित्य एक श्यामा श्याम।

44श्याम उर श्यामा श्यामा उर बस श्याम।

45श्यामा मुख चन्द्र चकोर दृग श्याम।

46श्याम मुख चन्द्र चकोरी श्यामा बाम।

47दोउ मुख चन्द्र चकोरी ब्रजबाम।

48श्यामा श्यामा गावें नित मुरलिहिं श्याम।

49श्यामा गावें वीणा में नित श्याम श्याम।

50श्यामा धारें निज उर चरनन श्याम।

51श्यामा चरनन धारें निज उर श्याम।

52श्यामा रोम रोम में समाये घनश्याम।

53श्यामा हैँ समाई रोम रोम घनश्याम।

54श्यामा जू पढ़ावें शुक कहु श्याम श्याम।

55श्यामा श्यामा कहु शुक कहें घनश्याम।

56श्यामा श्याम कहु शुक कहें ब्रजबाम।

57श्यामा प्रिय नीलो रंग लखि तनु श्याम।

58श्यामा तनु लखि प्रिय पीलो रंग श्याम।

59श्यामा को पसन्द नटखटपन श्याम।

60श्यामा का भी भोरापन है पसंद श्याम।

61दोउ को स्वभाव मन भाये ब्रजबाम।

62श्यामा सोइ करें जोइ मन भावे श्याम।

63दोनों की पसंद है पसंद ब्रज बाम।

64रस की हो शीशी भरो रस गौर श्याम।

65दोउ रस मिश्रित पियो वसु याम।

66पियो भी पिलाओ भी रस गौर श्याम।

67प्यास ही को रूप दोनों श्यामा श्याम।

68कभू बने श्याम श्यामा कभू श्यामा श्याम।

69श्याम में समा के श्यामा भजु घनश्याम।

70श्यामा भजु श्यामा में समा के घनश्याम।

71श्यामा श्याम एक द्वै रूप द्वै नाम।

72दोनों बिनु होय नहिँ लीला ललाम।

73तीनों एक श्यामा श्याम अरु ब्रजबाम।

74तीनों बिनु होय नहिँ लीला ब्रज धाम।

75चारों एक श्यामा श्याम धाम ब्रजबाम।

76चारों बिनु होय नहिं लीला अभिराम।

77पाँचों एक श्यामा श्याम नाम धाम बाम।

78श्यामा श्याम ब्रजबाम ब्रजधाम काम।

79पाँचों बिनु होय नहिं रास अभिराम।

80श्यामा श्याम सेऊँ बनि बामा कह काम।

81श्यामा छवि लखि लागे लघु रस श्याम।

82श्यामा रस लघु लागे लखि छवि श्याम।

83नित नव नव रस दोउ छवि धाम।

84श्यामा छवि लखि बाढ़ै प्रेम और श्याम।

85श्यामा प्रेम और बाढ़ै लखि छवि श्याम।

86दोउ छबि प्रेम होड़ आठहुँ याम।

87क्षण क्षण बाढ़ै छवि रस छवि धाम।

88दोनों जाने दोनों गति और जानें बाम।

89जाने सो जनावें जाको श्यामा श्याम।

90श्यामा श्याम चिन्मय दिव्य सुख धाम।

91श्यामा सोते सोते बोलें रोम रोम श्याम।

92श्यामा श्यामा बोलें सोते रोम रोम श्याम।

93श्यामा जू को सोती लखि पंखा झलें श्याम।

94श्यामा जू भी पंखा झलें सोते लखि श्याम।

95दोनों जब सो जायें पंखा झलें बाम।

96श्याम मोहे श्यामा जू को श्यामा मोहे श्याम।

97श्यामा श्याम मोहे ब्रजवासी ब्रजधाम।

98अबकी बनूँगो श्यामा सोचें मन श्याम।

99श्यामा सोचें अबकी बनूँगी घनश्याम।

100दोनों जैसे हो वैसे रहु कह बाम।

101श्यामा प्रेम सिंधु हम बिंदु कह श्याम।

102श्यामा कह बिंदु हम प्रेमसिंधु श्याम।

103दोनों प्रेम सिंधु हम बिंदु कह बाम।

104श्यामा जहँ रह तहँ रह नित श्याम।

105श्यामा तहँ रह नित जहँ रह श्याम।

106श्यामा श्याम जहँ रह तहँ ब्रजबाम।

107श्यामा श्याम बामा जहँ तहँ ब्रजधाम।

108बोलें बामा दोनों एक श्यामा श्याम।

109श्यामा का फिर भी पक्ष लेवें बाम।

110श्यामा श्याम मन भाव जानें ब्रज बाम।

111श्यामा श्याम सोना है लीला ललाम।

112ब्रजरानी राधारानी ब्रजराज श्याम।

113गोपी जन जीवन दोउ सुखधाम।

114दोउ प्रेमकामी दोउ नित्य पूर्णकाम।

115कृपा में करें होड़ श्यामा श्याम।

116निज रूप लखि मोहें श्यामा श्याम।

117दोउ रोम रोम पै वारौं कोटि काम।

118दोउ रोम रोम रस चुये आठु याम।

119पिये जाओ पिये जाओ रस गौर श्याम।

120मेरे दोउ प्राण प्यारे श्यामा श्याम।

121मेरे दोउ नैन तारे श्यामा श्याम।

122नंद घर प्रकटे ब्रह्म घनश्याम।

123भानु घर प्रकटीं श्यामा सुखधाम।

124यशुमति मैया है लाला घनश्याम।

125श्यामा लाली मैया कीरति भाम।

126दोनों परमात्मा हैं भिन्न रूप नाम।

127गरबाँहीं दीने ध्यावो श्यामा श्याम।

128एक मन तन द्वै है श्यामा श्याम।

129एक बुद्धि तन द्वै है श्यामा श्याम।

130एक आत्मा तनु द्वै श्यामा श्याम।

131एक मन सोचे भिन्न श्यामा श्याम।

132दोउ एक भिन्न प्रकृति श्यामा श्याम।

133लीला शक्ति करे सब अटपट काम।

134गौर तनु श्यामा नील तनु घनश्याम।

135श्यामा जू तो रसिका हैं रस घनश्याम।

136श्यामा जू तो रस हैं रसिक घनश्याम।

137श्यामा शक्ति बिनु नहिं शक्तिमान श्याम।

138श्यामा शक्ति आधार शक्तिमान श्याम।

139शक्ति शक्तिमान एक श्यामा श्याम।

140शक्ति शक्तिमान भिन्न श्यामा श्याम।

141दोनों मन ते अतर्क्य श्यामा श्याम।

142श्याम आधीन श्यामा श्यामाधीन श्याम।

143श्यामा श्याम आधीन सब ब्रजबाम।

144प्रेम आधीन श्यामा श्याम ब्रजबाम।

145दोऊ पूछें दोउ दोउ नाम दोउ गाम।

146दोऊ बिके दोउन कर बिनु दाम।

147दोऊ लख दोउ एकटक वसु याम।

148श्यामा कह रसिकन पिओ रस श्याम।

149गौर रस पियो कह रसिकन श्याम।

150गौर श्याम रस पिवु कह ब्रजबाम।

151कोई रस पियो बाढ़े प्यास वसु याम।

152मोहिँ नहिँ भूलो कभु श्यामा श्याम।

153श्यामा श्याम मां पाहि मां पाहि माम्।

154प्रेम भिक्षां देहि श्यामा श्याम।

155शरण शरण तेरी श्यामा श्याम।

156निर्बल के बल श्यामा श्याम।

157दीनन के बंधु श्यामा श्याम।

158अशरण शरण हैं श्यामा श्याम।

159जाके नहिं कोउ वाके श्यामा श्याम।

160सर्व धर्म तजु भजु श्यामा श्याम।

161मन ते सुमिरु दोउ तनु ते काम।

162जीव के सदा के साथी श्यामा श्याम।

163जीव के हैं साँचे मीत श्यामा श्याम।

164जीव के हितैषी दोउ श्यामा श्याम।

165आत्मा की आत्मा हैं श्यामा श्याम।

166जहाँ जाये जीव तहाँ श्यामा श्याम।

167जीव को दें जीवन श्यामा श्याम।

168जीव हित देह धरें श्यामा श्याम।

169नाम में निवास करें श्यामा श्याम।

170जग काम तजु भजु श्यामा श्याम।

171जीव हैं भिखारी दाता श्यामा श्याम।

172जीव हों प्रपन्न भजें श्यामा श्याम।

173जीव के प्रकाशक श्यामा श्याम।

174जीव के नियामक श्यामा श्याम।

175जीव के हैं अंशी श्यामा श्याम।

176जीव तो है अणु विभु श्यामा श्याम।

177जीव हैं अनन्त एक श्यामा श्याम।

178जीव सुत माता पिता श्यामा श्याम।

179जीव दास स्वामी हैं श्यामा श्याम।

180जीव अज्ञ सर्वज्ञ श्यामा श्याम।

181जीव सृज्य स्रष्टा हैं श्यामा श्याम।

182जीव मायाधीन मायाधीश श्यामा श्याम।

183जीव कर्मफल देयँ श्यामा श्याम।

184जीव सिन्धु बिन्दु सिन्धु श्यामा श्याम।

185जीव सूर्य अंशु सूर्य श्यामा श्याम।

186जीव अल्प शक्तिमान वश जग काम।

187सर्व शक्तिमान ब्रह्म श्यामा श्याम।

188श्यामा जू भानुलली नंदलाल श्याम।

189दोऊ रजधानी वृंदावन धाम।

190देही देह भेद नहिँ श्यामा श्याम।

191निर्गुण सगुण भी श्यामा श्याम।

192निराकार साकार श्यामा श्याम।

193सविशेष निर्विशेष श्यामा श्याम।

194कर्ता भी अकर्ता भी श्यामा श्याम।

195दृष्ट भी अदृष्ट भी हैं श्यामा श्याम।

196चिन्त्य भी अचिन्त्य भी हैं श्यामा श्याम।

197अज्ञेय ज्ञेय भी हैं श्यामा श्याम।

198अप्राप्य प्राप्य भी हैं श्यामा श्याम।

199जग में भी जग ते परे श्यामा श्याम।

200न्याय भी कृपा भी करें श्यामा श्याम।

201वीर भी हैं भीरु भी हैं श्यामा श्याम।

202उग्र भी अनुग्र भी हैं श्यामा श्याम।

203बिनु आँख देखें दोउ श्यामा श्याम।

204बिनु कान सुनें दोउ श्यामा श्याम।

205बिनु पग चलें दोउ श्यामा श्याम।

206बिनु कर कर्म करें श्यामा श्याम।

207जीभ बिनु बोलें दोउ श्यामा श्याम।

208रस लेयँ बिनु रसना श्यामा श्याम।

209त्वचा बिनु परसें श्यामा श्याम।

210नासा बिनु गंध लेयँ श्यामा श्याम।

211मन बिनु सोचें दोउ श्यामा श्याम।

212बुद्धि बिनु जानेँ दोउ श्यामा श्याम।

213श्यामा शृंगार रूप छवि रूप श्याम।

214श्यामा सोहेँ वाम दिशि दक्षिण श्याम।

215एक ते एक बढ़ि श्यामा श्याम।

216श्यामा भईं श्याममयी श्यामामय श्याम।

217श्यामा देखें सारा जग श्याम ही श्याम।

218श्यामा ही श्यामा देखें सारा जग श्याम।

219श्यामा जू के रोम रोम बसे घनश्याम।

220श्यामा जू बसी हैं रोम रोम घनश्याम।

221श्यामा गौर वर्ण तनु मन वर्ण श्याम।

222गौर वर्ण मन श्याम तन वर्ण श्याम।

223श्यामा श्याम का ब्रज धाम नित्य धाम।

224श्यामा श्याम कायव्यूह रूपा ब्रज बाम।

225निगमागमागम श्यामा श्याम।

226मोहेँ श्यामा वीणा ते मोहेँ वेणु श्याम।

227दोउ लें बलैया दोउ श्यामा श्याम।

228श्यामा चलें हंस चाल गज चाल श्याम।

229श्यामा के समान श्यामा, श्याम सम श्याम।

230“श्यामा मेरी प्यारी यह झूठ”, कह श्याम।

231“श्यामा मेरी यह भी है झूठ”, कह श्याम।

232“हम दोनों में न मैं तू”, कह श्याम।

233श्यामा अंश कमला हैं विष्णु अंश श्याम।

234श्यामा अंश हैं शिवानी शिव अंश श्याम।

235श्यामा अंश ब्रह्माणी ब्रह्मा अंश श्याम।

236श्यामा अंश देवी सब देव अंश श्याम।

237सृष्टि के निमित्त हेतु श्यामा श्याम।

238सृष्टि उपादान हेतु श्यामा श्याम।

239सृष्टि के हैं रक्षक श्यामा श्याम।

240सृष्टि संहारक श्यामा श्याम।

241सृष्टिपूर्व अंत रहँ श्यामा श्याम।

242दो विरोधी धर्म युक्त श्यामा श्याम।

243ब्रह्म की प्रतिष्ठा हैं श्यामा श्याम।

244स्वांश के भी अंशी हैं श्यामा श्याम।

245भिन्नांश अंशी भी श्यामा श्याम।

246जीव अरु माया ईश श्यामा श्याम।

247पाँचों मुक्ति दाता हैं श्यामा श्याम।

248दोउ हैं “कृपालु” अति श्यामा श्याम।

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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