# मेरे दोउ ठाकुर श्यामा श्याम।

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

Source ID: native-yugal-madhuri:yugal-madhuri-kirtan-048
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Book: Yugal Madhuri
Source edition: 15; SHA-256 edbd8af6e10610f9dcfc1e9582e196356f2be501a7bc9a35c2a779a02df25503
Source PDF pages: 174–187



<a id="line-1"></a>(नीको लागे...)

<a id="line-2"></a>मेरे दोउ ठाकुर श्यामा श्याम।  
<a id="line-3"></a>ठकुरानी श्यामा ठाकुर श्याम।  
<a id="line-4"></a>राजें दोउ श्री वृंदावन धाम।  
<a id="line-5"></a>न भूलूँ कभु भूलेहुँ आठहुँ याम।  
<a id="line-6"></a>करें नित नई नई लीला ललाम।  
<a id="line-7"></a>करें रास कुंजनि सँग ब्रज बाम।  
<a id="line-8"></a>दोउ दिव्य प्रेम रूप रस सुखधाम।

<a id="line-9"></a>श्यामा बसें बरसानो श्याम नंदगाम।  
<a id="line-10"></a>श्यामा तनु नीलो पट पीलो पट श्याम।  
<a id="line-11"></a>मेरी गति मति रति दोउ छवि धाम।  
<a id="line-12"></a>श्यामा पियें श्याम रस गौर रस श्याम।  
<a id="line-13"></a>श्याम गौर रस पियें सब ब्रज बाम।  
<a id="line-14"></a>श्याम ही को रूप श्यामा श्यामा रूप श्याम।  
<a id="line-15"></a>दोउ प्रेम प्यासे दोउ हैं पूर्ण काम।  
<a id="line-16"></a>श्यामा हैं निठुर अति कह घनश्याम।  
<a id="line-17"></a>श्यामा कह निष्ठुर अति घनश्याम।  
<a id="line-18"></a>दोउ अति कोमल कह ब्रजबाम।  
<a id="line-19"></a>दोउ चह सेवा लरें आठु याम।  
<a id="line-20"></a>दोउन ही ध्यावो बनि निष्काम।  
<a id="line-21"></a>दोउन नाम गुन गावो बसु याम।  
<a id="line-22"></a>नित्य बिहार दोउ कर नित्य धाम।  
<a id="line-23"></a>दोउ सेवक दोउ सेव्य अकाम।  
<a id="line-24"></a>दोउ रस दोउ रसिकहुँ श्यामा श्याम।  
<a id="line-25"></a>रसिक मुकुटमणि श्यामा श्याम।  
<a id="line-26"></a>रसिकन जीवन श्यामा श्याम।  
<a id="line-27"></a>सहज सनेही श्यामा श्याम।

<a id="line-28"></a>अधम उधारन श्यामा श्याम।  
<a id="line-29"></a>जैसे श्यामा श्याम वैसे श्यामा श्याम नाम।  
<a id="line-30"></a>रसिकन श्यामा श्याम पतितन नाम।  
<a id="line-31"></a>श्यामा श्याम विरही हो विरही न नाम।  
<a id="line-32"></a>श्यामा श्याम भाजे आवें सुनि निज नाम।  
<a id="line-33"></a>श्यामा जपेँ श्याम नाम आठों याम।  
<a id="line-34"></a>श्यामा नाम आठों याम जपें घनश्याम।  
<a id="line-35"></a>धन्य ब्रजबाम धन्य प्रेम निष्काम।  
<a id="line-36"></a>धन्य बरसानो गाम धन्य नंदगाम।  
<a id="line-37"></a>धन्य धन्य धन्य धन्य वृन्दावन धाम।  
<a id="line-38"></a>श्यामा हैं श्वेतिमा दुग्ध घनश्याम।  
<a id="line-39"></a>श्यामा हैं सुगंध कर्पूर घनश्याम।  
<a id="line-40"></a>श्यामा शक्ति दाहिका आग घनश्याम।  
<a id="line-41"></a>श्यामा शक्ति ह्लादिनी शक्तिमान श्याम।  
<a id="line-42"></a>एक ब्रह्म रूप दो हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-43"></a>नित्य दो हैं नित्य एक श्यामा श्याम।  
<a id="line-44"></a>श्याम उर श्यामा श्यामा उर बस श्याम।  
<a id="line-45"></a>श्यामा मुख चन्द्र चकोर दृग श्याम।  
<a id="line-46"></a>श्याम मुख चन्द्र चकोरी श्यामा बाम।

<a id="line-47"></a>दोउ मुख चन्द्र चकोरी ब्रजबाम।  
<a id="line-48"></a>श्यामा श्यामा गावें नित मुरलिहिं श्याम।  
<a id="line-49"></a>श्यामा गावें वीणा में नित श्याम श्याम।  
<a id="line-50"></a>श्यामा धारें निज उर चरनन श्याम।  
<a id="line-51"></a>श्यामा चरनन धारें निज उर श्याम।  
<a id="line-52"></a>श्यामा रोम रोम में समाये घनश्याम।  
<a id="line-53"></a>श्यामा हैँ समाई रोम रोम घनश्याम।  
<a id="line-54"></a>श्यामा जू पढ़ावें शुक कहु श्याम श्याम।  
<a id="line-55"></a>श्यामा श्यामा कहु शुक कहें घनश्याम।  
<a id="line-56"></a>श्यामा श्याम कहु शुक कहें ब्रजबाम।  
<a id="line-57"></a>श्यामा प्रिय नीलो रंग लखि तनु श्याम।  
<a id="line-58"></a>श्यामा तनु लखि प्रिय पीलो रंग श्याम।  
<a id="line-59"></a>श्यामा को पसन्द नटखटपन श्याम।  
<a id="line-60"></a>श्यामा का भी भोरापन है पसंद श्याम।  
<a id="line-61"></a>दोउ को स्वभाव मन भाये ब्रजबाम।  
<a id="line-62"></a>श्यामा सोइ करें जोइ मन भावे श्याम।  
<a id="line-63"></a>दोनों की पसंद है पसंद ब्रज बाम।  
<a id="line-64"></a>रस की हो शीशी भरो रस गौर श्याम।  
<a id="line-65"></a>दोउ रस मिश्रित पियो वसु याम।

<a id="line-66"></a>पियो भी पिलाओ भी रस गौर श्याम।  
<a id="line-67"></a>प्यास ही को रूप दोनों श्यामा श्याम।  
<a id="line-68"></a>कभू बने श्याम श्यामा कभू श्यामा श्याम।  
<a id="line-69"></a>श्याम में समा के श्यामा भजु घनश्याम।  
<a id="line-70"></a>श्यामा भजु श्यामा में समा के घनश्याम।  
<a id="line-71"></a>श्यामा श्याम एक द्वै रूप द्वै नाम।  
<a id="line-72"></a>दोनों बिनु होय नहिँ लीला ललाम।  
<a id="line-73"></a>तीनों एक श्यामा श्याम अरु ब्रजबाम।  
<a id="line-74"></a>तीनों बिनु होय नहिँ लीला ब्रज धाम।  
<a id="line-75"></a>चारों एक श्यामा श्याम धाम ब्रजबाम।  
<a id="line-76"></a>चारों बिनु होय नहिं लीला अभिराम।  
<a id="line-77"></a>पाँचों एक श्यामा श्याम नाम धाम बाम।  
<a id="line-78"></a>श्यामा श्याम ब्रजबाम ब्रजधाम काम।  
<a id="line-79"></a>पाँचों बिनु होय नहिं रास अभिराम।  
<a id="line-80"></a>श्यामा श्याम सेऊँ बनि बामा कह काम।  
<a id="line-81"></a>श्यामा छवि लखि लागे लघु रस श्याम।  
<a id="line-82"></a>श्यामा रस लघु लागे लखि छवि श्याम।  
<a id="line-83"></a>नित नव नव रस दोउ छवि धाम।  
<a id="line-84"></a>श्यामा छवि लखि बाढ़ै प्रेम और श्याम।

<a id="line-85"></a>श्यामा प्रेम और बाढ़ै लखि छवि श्याम।  
<a id="line-86"></a>दोउ छबि प्रेम होड़ आठहुँ याम।  
<a id="line-87"></a>क्षण क्षण बाढ़ै छवि रस छवि धाम।  
<a id="line-88"></a>दोनों जाने दोनों गति और जानें बाम।  
<a id="line-89"></a>जाने सो जनावें जाको श्यामा श्याम।  
<a id="line-90"></a>श्यामा श्याम चिन्मय दिव्य सुख धाम।  
<a id="line-91"></a>श्यामा सोते सोते बोलें रोम रोम श्याम।  
<a id="line-92"></a>श्यामा श्यामा बोलें सोते रोम रोम श्याम।  
<a id="line-93"></a>श्यामा जू को सोती लखि पंखा झलें श्याम।  
<a id="line-94"></a>श्यामा जू भी पंखा झलें सोते लखि श्याम।  
<a id="line-95"></a>दोनों जब सो जायें पंखा झलें बाम।  
<a id="line-96"></a>श्याम मोहे श्यामा जू को श्यामा मोहे श्याम।  
<a id="line-97"></a>श्यामा श्याम मोहे ब्रजवासी ब्रजधाम।  
<a id="line-98"></a>अबकी बनूँगो श्यामा सोचें मन श्याम।  
<a id="line-99"></a>श्यामा सोचें अबकी बनूँगी घनश्याम।  
<a id="line-100"></a>दोनों जैसे हो वैसे रहु कह बाम।  
<a id="line-101"></a>श्यामा प्रेम सिंधु हम बिंदु कह श्याम।  
<a id="line-102"></a>श्यामा कह बिंदु हम प्रेमसिंधु श्याम।  
<a id="line-103"></a>दोनों प्रेम सिंधु हम बिंदु कह बाम।

<a id="line-104"></a>श्यामा जहँ रह तहँ रह नित श्याम।  
<a id="line-105"></a>श्यामा तहँ रह नित जहँ रह श्याम।  
<a id="line-106"></a>श्यामा श्याम जहँ रह तहँ ब्रजबाम।  
<a id="line-107"></a>श्यामा श्याम बामा जहँ तहँ ब्रजधाम।  
<a id="line-108"></a>बोलें बामा दोनों एक श्यामा श्याम।  
<a id="line-109"></a>श्यामा का फिर भी पक्ष लेवें बाम।  
<a id="line-110"></a>श्यामा श्याम मन भाव जानें ब्रज बाम।  
<a id="line-111"></a>श्यामा श्याम सोना है लीला ललाम।  
<a id="line-112"></a>ब्रजरानी राधारानी ब्रजराज श्याम।  
<a id="line-113"></a>गोपी जन जीवन दोउ सुखधाम।  
<a id="line-114"></a>दोउ प्रेमकामी दोउ नित्य पूर्णकाम।  
<a id="line-115"></a>कृपा में करें होड़ श्यामा श्याम।  
<a id="line-116"></a>निज रूप लखि मोहें श्यामा श्याम।  
<a id="line-117"></a>दोउ रोम रोम पै वारौं कोटि काम।  
<a id="line-118"></a>दोउ रोम रोम रस चुये आठु याम।  
<a id="line-119"></a>पिये जाओ पिये जाओ रस गौर श्याम।  
<a id="line-120"></a>मेरे दोउ प्राण प्यारे श्यामा श्याम।  
<a id="line-121"></a>मेरे दोउ नैन तारे श्यामा श्याम।  
<a id="line-122"></a>नंद घर प्रकटे ब्रह्म घनश्याम।

<a id="line-123"></a>भानु घर प्रकटीं श्यामा सुखधाम।  
<a id="line-124"></a>यशुमति मैया है लाला घनश्याम।  
<a id="line-125"></a>श्यामा लाली मैया कीरति भाम।  
<a id="line-126"></a>दोनों परमात्मा हैं भिन्न रूप नाम।  
<a id="line-127"></a>गरबाँहीं दीने ध्यावो श्यामा श्याम।  
<a id="line-128"></a>एक मन तन द्वै है श्यामा श्याम।  
<a id="line-129"></a>एक बुद्धि तन द्वै है श्यामा श्याम।  
<a id="line-130"></a>एक आत्मा तनु द्वै श्यामा श्याम।  
<a id="line-131"></a>एक मन सोचे भिन्न श्यामा श्याम।  
<a id="line-132"></a>दोउ एक भिन्न प्रकृति श्यामा श्याम।  
<a id="line-133"></a>लीला शक्ति करे सब अटपट काम।  
<a id="line-134"></a>गौर तनु श्यामा नील तनु घनश्याम।  
<a id="line-135"></a>श्यामा जू तो रसिका हैं रस घनश्याम।  
<a id="line-136"></a>श्यामा जू तो रस हैं रसिक घनश्याम।  
<a id="line-137"></a>श्यामा शक्ति बिनु नहिं शक्तिमान श्याम।  
<a id="line-138"></a>श्यामा शक्ति आधार शक्तिमान श्याम।  
<a id="line-139"></a>शक्ति शक्तिमान एक श्यामा श्याम।  
<a id="line-140"></a>शक्ति शक्तिमान भिन्न श्यामा श्याम।  
<a id="line-141"></a>दोनों मन ते अतर्क्य श्यामा श्याम।

<a id="line-142"></a>श्याम आधीन श्यामा श्यामाधीन श्याम।  
<a id="line-143"></a>श्यामा श्याम आधीन सब ब्रजबाम।  
<a id="line-144"></a>प्रेम आधीन श्यामा श्याम ब्रजबाम।  
<a id="line-145"></a>दोऊ पूछें दोउ दोउ नाम दोउ गाम।  
<a id="line-146"></a>दोऊ बिके दोउन कर बिनु दाम।  
<a id="line-147"></a>दोऊ लख दोउ एकटक वसु याम।  
<a id="line-148"></a>श्यामा कह रसिकन पिओ रस श्याम।  
<a id="line-149"></a>गौर रस पियो कह रसिकन श्याम।  
<a id="line-150"></a>गौर श्याम रस पिवु कह ब्रजबाम।  
<a id="line-151"></a>कोई रस पियो बाढ़े प्यास वसु याम।  
<a id="line-152"></a>मोहिँ नहिँ भूलो कभु श्यामा श्याम।  
<a id="line-153"></a>श्यामा श्याम मां पाहि मां पाहि माम्।  
<a id="line-154"></a>प्रेम भिक्षां देहि श्यामा श्याम।  
<a id="line-155"></a>शरण शरण तेरी श्यामा श्याम।  
<a id="line-156"></a>निर्बल के बल श्यामा श्याम।  
<a id="line-157"></a>दीनन के बंधु श्यामा श्याम।  
<a id="line-158"></a>अशरण शरण हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-159"></a>जाके नहिं कोउ वाके श्यामा श्याम।  
<a id="line-160"></a>सर्व धर्म तजु भजु श्यामा श्याम।

<a id="line-161"></a>मन ते सुमिरु दोउ तनु ते काम।  
<a id="line-162"></a>जीव के सदा के साथी श्यामा श्याम।  
<a id="line-163"></a>जीव के हैं साँचे मीत श्यामा श्याम।  
<a id="line-164"></a>जीव के हितैषी दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-165"></a>आत्मा की आत्मा हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-166"></a>जहाँ जाये जीव तहाँ श्यामा श्याम।  
<a id="line-167"></a>जीव को दें जीवन श्यामा श्याम।  
<a id="line-168"></a>जीव हित देह धरें श्यामा श्याम।  
<a id="line-169"></a>नाम में निवास करें श्यामा श्याम।  
<a id="line-170"></a>जग काम तजु भजु श्यामा श्याम।  
<a id="line-171"></a>जीव हैं भिखारी दाता श्यामा श्याम।  
<a id="line-172"></a>जीव हों प्रपन्न भजें श्यामा श्याम।  
<a id="line-173"></a>जीव के प्रकाशक श्यामा श्याम।  
<a id="line-174"></a>जीव के नियामक श्यामा श्याम।  
<a id="line-175"></a>जीव के हैं अंशी श्यामा श्याम।  
<a id="line-176"></a>जीव तो है अणु विभु श्यामा श्याम।  
<a id="line-177"></a>जीव हैं अनन्त एक श्यामा श्याम।  
<a id="line-178"></a>जीव सुत माता पिता श्यामा श्याम।  
<a id="line-179"></a>जीव दास स्वामी हैं श्यामा श्याम।

<a id="line-180"></a>जीव अज्ञ सर्वज्ञ श्यामा श्याम।  
<a id="line-181"></a>जीव सृज्य स्रष्टा हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-182"></a>जीव मायाधीन मायाधीश श्यामा श्याम।  
<a id="line-183"></a>जीव कर्मफल देयँ श्यामा श्याम।  
<a id="line-184"></a>जीव सिन्धु बिन्दु सिन्धु श्यामा श्याम।  
<a id="line-185"></a>जीव सूर्य अंशु सूर्य श्यामा श्याम।  
<a id="line-186"></a>जीव अल्प शक्तिमान वश जग काम।  
<a id="line-187"></a>सर्व शक्तिमान ब्रह्म श्यामा श्याम।  
<a id="line-188"></a>श्यामा जू भानुलली नंदलाल श्याम।  
<a id="line-189"></a>दोऊ रजधानी वृंदावन धाम।  
<a id="line-190"></a>देही देह भेद नहिँ श्यामा श्याम।  
<a id="line-191"></a>निर्गुण सगुण भी श्यामा श्याम।  
<a id="line-192"></a>निराकार साकार श्यामा श्याम।  
<a id="line-193"></a>सविशेष निर्विशेष श्यामा श्याम।  
<a id="line-194"></a>कर्ता भी अकर्ता भी श्यामा श्याम।  
<a id="line-195"></a>दृष्ट भी अदृष्ट भी हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-196"></a>चिन्त्य भी अचिन्त्य भी हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-197"></a>अज्ञेय ज्ञेय भी हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-198"></a>अप्राप्य प्राप्य भी हैं श्यामा श्याम।

<a id="line-199"></a>जग में भी जग ते परे श्यामा श्याम।  
<a id="line-200"></a>न्याय भी कृपा भी करें श्यामा श्याम।  
<a id="line-201"></a>वीर भी हैं भीरु भी हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-202"></a>उग्र भी अनुग्र भी हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-203"></a>बिनु आँख देखें दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-204"></a>बिनु कान सुनें दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-205"></a>बिनु पग चलें दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-206"></a>बिनु कर कर्म करें श्यामा श्याम।  
<a id="line-207"></a>जीभ बिनु बोलें दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-208"></a>रस लेयँ बिनु रसना श्यामा श्याम।  
<a id="line-209"></a>त्वचा बिनु परसें श्यामा श्याम।  
<a id="line-210"></a>नासा बिनु गंध लेयँ श्यामा श्याम।  
<a id="line-211"></a>मन बिनु सोचें दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-212"></a>बुद्धि बिनु जानेँ दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-213"></a>श्यामा शृंगार रूप छवि रूप श्याम।  
<a id="line-214"></a>श्यामा सोहेँ वाम दिशि दक्षिण श्याम।  
<a id="line-215"></a>एक ते एक बढ़ि श्यामा श्याम।  
<a id="line-216"></a>श्यामा भईं श्याममयी श्यामामय श्याम।  
<a id="line-217"></a>श्यामा देखें सारा जग श्याम ही श्याम।

<a id="line-218"></a>श्यामा ही श्यामा देखें सारा जग श्याम।  
<a id="line-219"></a>श्यामा जू के रोम रोम बसे घनश्याम।  
<a id="line-220"></a>श्यामा जू बसी हैं रोम रोम घनश्याम।  
<a id="line-221"></a>श्यामा गौर वर्ण तनु मन वर्ण श्याम।  
<a id="line-222"></a>गौर वर्ण मन श्याम तन वर्ण श्याम।  
<a id="line-223"></a>श्यामा श्याम का ब्रज धाम नित्य धाम।  
<a id="line-224"></a>श्यामा श्याम कायव्यूह रूपा ब्रज बाम।  
<a id="line-225"></a>निगमागमागम श्यामा श्याम।  
<a id="line-226"></a>मोहेँ श्यामा वीणा ते मोहेँ वेणु श्याम।  
<a id="line-227"></a>दोउ लें बलैया दोउ श्यामा श्याम।  
<a id="line-228"></a>श्यामा चलें हंस चाल गज चाल श्याम।  
<a id="line-229"></a>श्यामा के समान श्यामा, श्याम सम श्याम।  
<a id="line-230"></a>“श्यामा मेरी प्यारी यह झूठ”, कह श्याम।  
<a id="line-231"></a>“श्यामा मेरी यह भी है झूठ”, कह श्याम।  
<a id="line-232"></a>“हम दोनों में न मैं तू”, कह श्याम।  
<a id="line-233"></a>श्यामा अंश कमला हैं विष्णु अंश श्याम।  
<a id="line-234"></a>श्यामा अंश हैं शिवानी शिव अंश श्याम।  
<a id="line-235"></a>श्यामा अंश ब्रह्माणी ब्रह्मा अंश श्याम।  
<a id="line-236"></a>श्यामा अंश देवी सब देव अंश श्याम।

<a id="line-237"></a>सृष्टि के निमित्त हेतु श्यामा श्याम।  
<a id="line-238"></a>सृष्टि उपादान हेतु श्यामा श्याम।  
<a id="line-239"></a>सृष्टि के हैं रक्षक श्यामा श्याम।  
<a id="line-240"></a>सृष्टि संहारक श्यामा श्याम।  
<a id="line-241"></a>सृष्टिपूर्व अंत रहँ श्यामा श्याम।  
<a id="line-242"></a>दो विरोधी धर्म युक्त श्यामा श्याम।  
<a id="line-243"></a>ब्रह्म की प्रतिष्ठा हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-244"></a>स्वांश के भी अंशी हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-245"></a>भिन्नांश अंशी भी श्यामा श्याम।  
<a id="line-246"></a>जीव अरु माया ईश श्यामा श्याम।  
<a id="line-247"></a>पाँचों मुक्ति दाता हैं श्यामा श्याम।  
<a id="line-248"></a>दोउ हैं “कृपालु” अति श्यामा श्याम।

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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