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Yugal Madhuri

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे।

Reading 41 of 75 · Source no. 30 · Source PDF 124–125

1(नथवारी रंगीली...)

2राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे।

3राधे बिनु नहिं कल मोहिँ पल आधे।

4करें बिनु कारण करुणा राधे।

5रटें राधे राधे श्याम उर ध्यान साधे।

6रहें राधे बिनु पूर्णब्रह्म श्याम आधे।

7भाजे आवें श्याम तुम तो पुकारो राधे।

8रसिकन रिझवार हमारी राधे।

9राधे जू को श्याम आठों याम अवराधे।

10प्रेम रूप रस सुख की हैं सिंधु राधे।

11अलबेली सरकार हमारी राधे।

12भोरी भारी सरकार हमारी राधे।

13दीनन रखवार हमारी राधे।

14पतितन पतवार हमारी राधे।

15वृषभानुदुलार हमारी राधे।

16बाधा एकहुँ न शरण गहे राधे।

17करु करुण पुकार भाजी आवें राधे।

18खाते पीते सोते जागते रटे जा राधे।

19काँपे माया काल सुनि नाम राधे राधे।

20निज सेवा दे और कछु ना दे राधे।

21मैं भिखारी तू है दाता तोहिँ का दे राधे।

22मैं या मेरा सब कछु है तिहारो राधे।

23तेरा तोहिँ दे “कृपालु” जग हँसे राधे॥

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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