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Yugal Madhuri

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

मेरी राधे मेरी राधे प्रेम अगाधे,

Reading 37 of 75 · Source no. 26 · Source PDF 102–110

1मेरी राधे मेरी राधे प्रेम अगाधे,

2राधे बिनु कल नहिं पल छिन आधे।

3मुरली में गावें श्याम राधे राधे राधे,

4मन मन भावे अति रूपध्यान साधे।

5आगे राधे पाछे राधे, दायें बायें राधे,

6जित देखुँ राधे-राधे सारा जग राधे।

7जिउँ तो भी राधे राधे मरुँ तो भी राधे,

8रोउँ तो भी राधे राधे हँसूँ तो भी राधे।

9पाउँ तो भी राधे राधे खोउँ तो भी राधे।

10गाउँ तो भी राधे राधे ध्याउँ तो भी राधे,

11देखुँ तो भी राधे राधे सुनूँ तो भी राधे,

12आउँ तो भी राधे राधे जाउँ तो भी राधे।

13पकड़ूँ तो राधे राधे छोड़ूँ तो राधे,

14सुख में भी राधे राधे दुःख में भी राधे।

15लाभ में भी राधे राधे हानि में भी राधे,

16तन में भी राधे राधे मन में भी राधे।

17नैनन राधे राधे बैनन राधे,

18बाटन राधे राधे घाटन राधे।

19बागन राधे राधे बीथिन राधे,

20वृक्षन राधे राधे बेलिन राधे।

21गोधन राधे राधे गायन राधे,

22खगगन राधे राधे मृगगन राधे।

23ब्रज की लता पता भी बोले राधे राधे,

24ब्रज के चकोर मोर बोले राधे राधे।

25ब्रज खग शुक पिक बोले राधे राधे,

26ब्रज के कदम्ब अम्ब बोले राधे राधे।

27ब्रज के तमाल ताल बोले राधे राधे,

28ब्रज के चराचर बोले राधे राधे।

29ब्रज के रसाल साल बोले राधे राधे,

30ब्रज गोपी ग्वाल बोल बोले राधे राधे।

31ऊपर राधे राधे नीचे राधे,

32दशहुँ दिशा में राधे रोम रोम राधे।

33बैठूँ तो राधे राधे लेटूँ तो राधे,

34सोवूँ तो राधे राधे जागूँ तो राधे।

35इत भी है राधे राधे उत भी है राधे,

36यत्र तत्र सर्वत्र राधे राधे राधे।

37पूर्व भी राधे राधे पश्चिम राधे,

38उत्तर राधे राधे दक्षिण राधे।

39पृथ्वी में राधे राधे जल में भी राधे,

40तेज में राधे राधे वायु में भी राधे।

41गगन में राधे राधे कन कन राधे,

42अचर में राधे राधे चर में भी राधे।

43भीतर राधे राधे बाहर राधे,

44आदि में भी राधे राधे अन्त में भी राधे।

45पतितों में राधे राधे रसिकों में भी राधे,

46कहीं रुकूँ राधे राधे ना रुकूँ तो राधे।

47मिलन में राधे राधे विरह में राधे,

48भाव में भी राधे राधे बिनु भाव राधे।

49अविशुद्ध मन राधे शुद्ध मन राधे,

50नित्य सिद्ध जन दिव्य मन राधे राधे।

51कृपा पर कृपा करे कृपामयी राधे,

52जीव की है जीव सुख की है सुख राधे।

53सदघन चिदघन सुखघन राधे,

54गाओ नित राधे नाम ध्याओ नित राधे।

55वेदों का पुराणों का है सार नाम राधे,

56सब शाखा पत्र पुष्प तरु मूल राधे।

57मायाधीन राधे राधे मायातीत राधे,

58मायाधीश ब्रह्म श्याम जपें राधे राधे।

59रागी जपे राधे राधे वैरागी राधे,

60श्यामा श्याम अनुरागी जपें राधे राधे।

61भोगी जपें राधे राधे योगी जपें राधे,

62राधा का वियोगी जपे राधे राधे राधे।

63साधक जपें राधे सिद्ध जपें राधे,

64नित्य सिद्ध पार्षद जपें राधे राधे।

65प्यार में भी राधे राधे खार में भी राधे,

66जग व्यवहार में भी राधे राधे राधे।

67उच्च स्वर राधे राधे मन्द स्वर राधे,

68बिनु स्वर मन मन जपे राधे राधे।

69रसना ते राधे राधे माला ते राधे,

70श्वास श्वास ते सदा जपे राधे राधे।

71दिन को भी राधे राधे रात को भी राधे,

72साँझ को भी राधे राधे भोर को भी राधे।

73भुक्ति मुक्ति माँगो जनि माँगो रति राधे,

74श्याम मिलन चाहो जपो राधे राधे।

75भुक्ति कामी जपे राधे मुक्ति कामी राधे,

76राधाकृष्ण भक्तिकामी जपे राधे राधे।

77शिष्य जपें राधे राधे गुरु जपें राधे,

78आदि जगद्गुरु कृष्ण जपें राधे।

79कोटि रमा उमा सरस्वती रटे राधे,

80कोटि विधि हरि हर जपे राधे राधे।

81मेरी भी है राधे तेरी भी राधे,

82उसकी भी है राधे सब की है राधे।

83सब देवी देवता की जननी है राधे,

84मेरी राधा सम तो है केवल राधे।

85ब्रह्म जपे राधे ब्रह्माणी जपे राधे,

86विष्णु जपे राधे रमा भी राधे।

87शिव जपे राधे पार्वती जपे राधे,

88भक्त जपे राधे राधे मुक्त जपे राधे।

89सोते श्याम रोम रोम बोले राधे राधे,

90कोटि उमा रमा सरस्वती जपे राधे।

91सुरों की भी है राधे असुरों की राधे,

92नर नारायण की भी है राधे।

93निर्गुण की भी राधे सगुण की राधे,

94प्राकृत गुण वालों की राधे।

95बद्ध की भी राधे मुक्त की भी राधे,

96पतित “कृपालु” की भी आधार राधे॥

97(मेरी राधे मेरी राधे प्रेम अगाधे)

98राधे रानी वृन्दावन ठकुरानी,

99जाकी कोटि कमला भवानी नौकरानी।

100राधे रानी वृन्दावन ठकुरानी,

101जाकी करें ठाकुर हूँ अगवानी।

102राधे रानी वृन्दावन ठकुरानी,

103जाके पाछे पाछे डोले सारंगपानी।

104मेरी प्यारी जू की छवि एतिक प्यारी,

105जाके पाछे पाछे डोलें ब्रह्म बनवारी।

106राधे रानी वृन्दावन ठकुरानी,

107बाँटे रसिकन ब्रज रस मनमानी।

108राधे रानी वृन्दावन ठकुरानी,

109जाकी कोटि कमला भवानी हैं दीवानी।

110राधे रानी वृन्दावन ठकुरानी,

111महरानी राधे रानी सम राधे रानी।

112प्यारी प्यारी भोरी भारी बरसाने वारी,

113मोको तो है वाकी कृपा का भरोसा भारी।

114मेरी तो हैं रँगीली महलनवारी प्यारी,

115मैंने उन पर तन मन धन वारी।

116रोम रोम चुवे ब्रज रस अस प्यारी,

117पिये नित ब्रज नारी कभु बनवारी।

118जब जब चले मेरी प्यारी की सवारी,

119पाछे चलि बनवारी बोले जय हो प्यारी।

120(मेरी राधे मेरी राधे प्रेम अगाधे)

121मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

122जाके पाछे पाछे डोलें सारँगपानी।

123मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

124जाकी कोटि कमला भवानी नौकरानी।

125मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

126राधेरानी ठाकुरहूँ की ठकुरानी।

127मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

128जाकी पद रज माँगे कमला भवानी।

129मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

130सब मिलि बोलो जय हो जय हो राधेरानी।

131मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

132मेरी राधेरानी ऐसी जैसी राधेरानी।

133मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

134मैं हूँ राधेरानी जू की मेरी राधेरानी।

135मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

136राधेरानी बल मोते डरें चक्रपानी।

137मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

138जाको लखि गिरैं भू पै सारँगपानी।

139मेरी राधेरानी प्रेम रूप रस खानी,

140लखि निज छवि मोहैं आपु राधेरानी।

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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