Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
आजा आजा आजा बरसाने वारी राधे।
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1(तू ही तू ही...)
2आजा आजा आजा बरसाने वारी राधे।
3प्रेम सुधा बरसाने वारी राधे॥
4साक्षात् छवि को लजाने वारी राधे।
5वृन्दावन रास रचाने वारी राधे॥
6गति मदमत्त लजाने वारी राधे।
7मधुर मधुर मुसकाने वारी राधे॥
8प्यारी नथवारी अति भोरी भारी राधे।
9नासा भल मुक्ताहल वारी राधे॥
10गल भल लर मोतिन वारी राधे।
11कटि मणिमय किंकिणि वारी राधे॥
12अँगुरिन बिछुवनि छवि वारी राधे।
13पग मणिमय पायल वारी राधे॥
14शरणागत हरषाने वारी राधे।
15ब्रह्म श्याम तरसाने वारी राधे॥
16छिन छिन मान रचाने वारी राधे।
17सुखधामहुँ को रुलाने वारी राधे॥
18चितचोर चित को चुराने वारी राधे।
19ब्रह्म के भी छक्के छुड़ाने वारी राधे॥
20ब्रज वनचरि उर लाने वारी राधे।
21श्याम को भी श्यामा बनाने वारी राधे॥
22बार बार हा हा खिलाने वारी राधे।
23चरण कमल दबवाने वारी राधे॥
24बंक भृकुटि डरपाने वारी राधे।
25मोहिं “कृपालु” हरषाने वारी राधे॥