Skip to main contentJagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
तेरो जीवनधन राधारमन मन,
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1(देखु सखि। नागर नंदकुमार)
2तेरो जीवनधन राधारमन मन,
3उनहिंन करु तन मन धन अर्पन।
4रखना अपनापन मेरे नँदनंदन
5मेरो कहुँ और ठौर नहिं यशुदा ललन।
6भज जीवनधन राधा रमन मन,
7गोपन गोपिन गोधन को धन।