लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content
Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 813

Reading 311 of 452 · Source nos. 9459–9470 · Source PDF 316

1इतने में गौरी सखि गोविंद राधे।

2बोली अरी सुनु ललिता बता दे॥ 9459॥

3या मग सों तो सो गोविंद राधे।

4आयो करे नित्य ही रसिया बता दे॥ 9460॥

5मैं जानूँ वाई ने गोविंद राधे।

6कछु कियो जादू टोना बता दे॥ 9461॥

7याते यह साँवरी गोविंद राधे।

8ठगी सी ठड़ी नहिं बोले बता दे॥ 9462॥

9इतने में वृन्दा बोली गोविंद राधे।

10ऐसो ही जानि परे मोहूँ बता दे॥ 9463॥

11तो पै हूँ गौरी गोविंद राधे।

12वा दिना वाने डार्यो मोहिनी बता दे॥ 9464॥

13राधारानी बोलीं गोविंद राधे।

14गौरी पै भी जादू भयो का बता दे॥ 9465॥

15गौरी कह हाँ श्यामा गोविंद राधे।

16मोते हूँ करी अचकरी बता दे॥ 9466॥

17एक दिन श्यामा जू गोविंद राधे।

18निज गैल हौं जा रही थी बता दे॥ 9467॥

19कारण बिना ही वाने गोविंद राधे।

20पहले तो दीनी गारी बता दे॥ 9468॥

21पुनि सिर गागरी गोविंद राधे।

22दधि की उतारि लई भू पै बता दे॥ 9469॥

23छकि के पियो दधि गोविंद राधे।

24पुनि दइ गागरि फोरि बता दे॥ 9470॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

Source edition and PDF · Text version