Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 773
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1सखियों को आँखों ते गोविंद राधे।
2किया संकेत सब भागीं बता दे॥ 8979॥
3पुनि मिले लाली लाल गोविंद राधे।
4हाय हाय कहि कहि कण्ठ ते बता दे॥ 8980॥
5लाल कहें लाली ते गोविंद राधे।
6अब कभु मान जनि ठानो बता दे॥ 8981॥
7लाली कहें तुम भी तो गोविंद राधे।
8आचरन अपनो सुधारो बता दे॥ 8982॥
9श्री जू तुम जानो हो गोविंद राधे।
10हौं तो हौं प्रेम के अधीन बता दे॥ 8983॥
11एक दिन भोर ही गोविंद राधे।
12लाली को छलन चले लाल बता दे॥ 8984॥
13पनिहारिनि बनि गोविंद राधे।
14लाल गये लाली द्वार बता दे॥ 8985॥
15पनिहारिनि कह गोविंद राधे।
16पनिया भरन जब जावूँ बता दे॥ 8986॥
17लँगर डगर महँ गोविंद राधे।
18पनिया भरन को रोके बता दे॥ 8987॥
19श्री जी बोलीं सखि गोविंद राधे।
20तू कौन है कहाँ रहे है बता दे॥ 8988॥
21परम सुन्दरी गोविंद राधे।
22फिरति अकेली न सहेली बता दे॥ 8989॥
23पनिहारिनि कह गोविंद राधे।
24मैं भी रहूँ यहीं ब्रज में बता दे॥ 8990॥