Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 771
Reading 269 of 452 · Source nos. 8955–8966 · Source PDF 274
1तेरे मेरे सामने भी गोविंद राधे।
2घूँघट क्यों काढ़े है बता दे॥ 8955॥
3याको तो रूप लखि गोविंद राधे।
4हौं हूँ ह्वै गई मुग्ध बता दे॥ 8956॥
5सखि बोली आजु ही गोविंद राधे।
6याते भई है चिन्हार बता दे॥ 8957॥
7गहवर वन पार गोविंद राधे।
8मिली थी अकेली साँवरी बता दे॥ 8958॥
9याने कही प्रिया जू सों गोविंद राधे।
10मिलिवे को आजु आई बता दे॥ 8959॥
11याते मिलाइवे को गोविंद राधे।
12लै आई पास आपके बता दे॥ 8960॥
13नाम है साँवरी गोविंद राधे।
14गाम है याको नंदगाम बता दे॥ 8961॥
15श्याम के नाम ते तो गोविंद राधे।
16अति ही डरपे साँवरी बता दे॥ 8962॥
17घर बार तजि आई गोविंद राधे।
18और बात आपु ही पूछ लो बता दे॥ 8963॥
19राजरीति जाने नहिं गोविंद राधे।
20गाम की निपट गमार बता दे॥ 8964॥
21प्यार ते बिठा के याय गोविंद राधे।
22पूछो याते बात विस्तार ते बता दे॥ 8965॥
23लाली ने साँवरी को गोविंद राधे।
24पकरि बिठाया निज सेज बता दे॥ 8966॥