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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 751

Reading 249 of 452 · Source nos. 8715–8726 · Source PDF 254

1सुनु सखि एक दिन गोविंद राधे।

2रसिक शिरोमणि श्याम बता दे॥ 8715॥

3नारी भेष धरि गोविंद राधे।

4चले बरसाने धाम बता दे॥ 8716॥

5लाली महल द्वार गोविंद राधे।

6हा मोहन! कहि आँसू बहा दे॥ 8717॥

7एक सखी गई गोविंद राधे।

8लाली ढिंग कहा प्यारी बता दे॥ 8718॥

9एक सखी द्वार गोविंद राधे।

10हा मोहन! कहि रोये बता दे॥ 8719॥

11लाली गईं द्वार गोविंद राधे।

12देखा अति सुन्दर श्यामा बता दे॥ 8720॥

13श्यामा को रोते लखि गोविंद राधे।

14आइ दया ल्याईं वाय महल बता दे॥ 8721॥

15लाली कह तू है कौन गोविंद राधे।

16विरहिनि बनि काहे डोले बता दे॥ 8722॥

17हाय श्याम! हाय श्याम! गोविंद राधे।

18कहि काहे रोये मोय बता दे॥ 8723॥

19कहा कहुँ श्याम मिले गोविंद राधे।

20कहा मारी दृगन की चोट बता दे॥ 8724॥

21हाँ महरानी जू गोविंद राधे।

22आज लख्यो औचक लाल को बता दे॥ 8725॥

23वाने जाने कैसा किया गोविंद राधे।

24जादू मैं ह्वै गई घायल बता दे॥ 8726॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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