Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 682
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1मेरी मैया मेरी मैया गोविंद राधे।
2होड़ राम श्याम मैया काकी बता दे॥ 7892॥
3तुम दोनों भैया भैया गोविंद राधे।
4हम दोनों की मैया झगड़ा मिटा दे॥ 7893॥
5भैया गोरो हौं कारो गोविंद राधे।
6मैया हम दोनों भैया कैसे बता दे॥ 7894॥
7दादा जैसी बात करे गोविंद राधे।
8लाला रूप रंग हरि दे माय ना दे॥ 7895॥
9कान्ह पूछे मैया हरि गोविंद राधे।
10काऊ गोरो काऊ कारो काहे बना दे॥ 7896॥
11जाको हरि प्यार करे गोविंद राधे।
12वाको हरि आपु जैसा कारो बना दे॥ 7897॥
13जो हो अति सुन्दर गोविंद राधे।
14नजर न लागे याते कारो बना दे॥ 7898॥
15मैया मथे दधि कान्ह गोविंद राधे।
16पकरे मथानी कहे माखन खिला दे॥ 7899॥
17मैया मथे दधि कान्ह गोविंद राधे।
18पाछे खींचे चोटी मोहिं दुद्धू पिला दे॥ 7900॥
19मैया मथे दधि कान्ह गोविंद राधे।
20गर में लटकि कहे गोद में बिठा दे॥ 7901॥
21मैया मथे दधि कान्ह गोविंद राधे।
22कहे पूर्व मोको कहानी सुना दे॥ 7902॥
23मैया मथे दधि कान्ह गोविंद राधे।
24कहे मैया सिर मोर पंख लगा दे॥ 7903॥