Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा नाम महिमा · पृष्ठ 581
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1राधे राधे गाये जा गोविंद राधे।
2राधे को बुलाये जा उर में बिठा दे॥ 6701॥
3राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
4ब्रह्म को भी गहवर गलिन नचा दे॥ 6702॥
5राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
6श्याम सपने में भी राधे राधे गा दे॥ 6703॥
7राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
8ब्रज खग मृग भी राधे राधे गा दे॥ 6704॥
9राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
10पशु पक्षी आदि को समाधि दिला दे॥ 6705॥
11राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
12मोह निशा में सोते हुये को जगा दे॥ 6706॥
13राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
14सोऽहं मत वालों को दासोऽहं बना दे॥ 6707॥
15राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
16ज्ञानी की समाधि प्रेमसिन्धु में डुबा दे॥ 6708॥
17राधे राधे बोल ऐसा गोविंद राधे।
18ऊधो ब्रह्मज्ञान यमुना में बहा दे॥ 6709॥
19राधे नाम लेने वाला गोविंद राधे।
20डर ते भी डरे नहिं डर को डरा दे॥ 6710॥
21राधे नाम लेने वाला गोविंद राधे।
22जहाँ भी जाये हरि साथ बता दे॥ 6711॥
23राधे नाम लेने वाला गोविंद राधे।
24राधे बल हरि को भी अँगुठा दिखा दे॥ 6712॥