Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 320
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1सर्व वेद शास्त्र सार गोविंद राधे।
2श्यामा श्याम प्रेम निष्काम बता दे॥ 3680॥
3वेदों में तीन मार्ग गोविंद राधे।
4कर्म अरु ज्ञान अरु भक्ति बता दे॥ 3681॥
5कर्म, योग, ज्ञान सत्य गोविंद राधे।
6किन्तु ऐसा कोई नहिं हरि ते मिला दे॥ 3682॥
7जीव का कृष्ण ते जो गोविंद राधे।
8मिलन करा दे सोई भक्ति बता दे॥ 3683॥
9कर्म ते श्रेष्ठ ज्ञान गोविंद राधे।
10ज्ञान ते श्रेष्ठ है भक्ति बता दे॥ 3684॥
11अनंत जीवों के गोविंद राधे।
12भेद दो हैं चर अरु अचर बता दे॥ 3685॥
13उनमें भी जग में है गोविंद राधे।
14अति अल्प मानव जाति बता दे॥ 3686॥
15मानव जाति में भी गोविंद राधे।
16अति अल्प जन वेद मानें बता दे॥ 3687॥
17मानने वालों में गोविंद राधे।
18अति अल्प वेदधर्मवेत्ता बता दे॥ 3688॥
19धर्मवेत्ताओं में गोविंद राधे।
20अति अल्प हैं धर्मनिष्ठ बता दे॥ 3689॥
21उन धर्मनिष्ठों ते गोविंद राधे।
22श्रेष्ठतर है ज्ञाननिष्ठ बता दे॥ 3690॥
23कोटि ज्ञाननिष्ठों में गोविंद राधे।
24विरला है कोई कृष्णभक्त बता दे॥ 3691॥