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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 311

Reading 322 of 516 · Source nos. 3583–3594 · Source PDF 328

1ज्ञानोपासना भाग गोविंद राधे।

2वेद का सोइ उपनिषत् बता दे॥ 3583॥

3छान्दोग्य तैत्तिरीय गोविंद राधे।

4वृहदारण्यक हैं गद्य में बता दे॥ 3584॥

5ऐतरेय उपनिषत गोविंद राधे।

6कौषीतकि भी हैं गद्य में बता दे॥ 3585॥

7कठ ईश उपनिषत गोविंद राधे।

8श्वेताश्वतर हैं पद्य में बता दे॥ 3586॥

9मुण्डक उपनिषत गोविंद राधे।

10महानारायण भी पद्य में बता दे॥ 3587॥

11केन उपनिषत ऐसा गोविंद राधे।

12जो है गद्य पद्य दोनों में बता दे॥ 3588॥

13श्रुति प्रस्थान तो है गोविंद राधे।

14वेदों का उपनिषत सार बता दे॥ 3589॥

15न्याय प्रस्थान तो है गोविंद राधे।

16ब्रह्मसूत्र वेदव्यास रचित बता दे॥ 3590॥

17स्मृति प्रस्थान तो है गोविंद राधे।

18श्रीमद् भगवद्गीता बता दे॥ 3591॥

19कृष्ण के वचनों का गोविंद राधे।

20व्यास ने किया था स्मरण बता दे॥ 3592॥

21अतएव गीता को गोविंद राधे।

22स्मृति ग्रन्थ बतलाया है बता दे॥ 3593॥

23व्यास ने प्रथम तो गोविंद राधे।

24गीता ग्रन्थ ही लिखा था बता दे॥ 3594॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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