Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 309
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1चार प्रकार की हैं गोविंद राधे।
2वेद में श्रुतियाँ विरोधी बता दे॥ 3559॥
3कोइ श्रुति निर्गुण गोविंद राधे।
4कोइ है सगुण कोई दोनों बता दे॥ 3560॥
5अभेदवादिनी कोई गोविंद राधे।
6कोई है भेदवादिनी बता दे॥ 3561॥
7तत्व वस्तु ज्ञान में तो गोविंद राधे।
8वेद ही प्रमुख प्रमाण बता दे॥ 3562॥
9वेद मन बुद्घि पर गोविंद राधे।
10विधि हूँ बुधि ते ना समझा बता दे॥ 3563॥
11हरि ही हैं वेदकर्ता गोविंद राधे।
12हरि ही वेदवित् वेदवेद्य बता दे॥ 3564॥
13कोउ कहे मिथ्या वेद गोविंद राधे।
14मिथ्या वेद ब्रह्म को भी मिथ्या बना दे॥ 3565॥
15वेदों का भाष्य तो है गोविंद राधे।
16पंचम वेद भागवत बता दे॥ 3566॥
17इतिहास पुराणों ते गोविंद राधे।
18वेदों का अर्थ ज्ञात होता है बता दे॥ 3567॥
19पूरयति इति पुराण गोविंद राधे।
20वेद अर्थ जो बतलाये बता दे॥ 3568॥
21पुराण इतिहास को गोविंद राधे।
22भागवत पंचम वेद बता दे॥ 3569॥
23ब्रह्मा ने पूर्व में गोविंद राधे।
24पुराण को ही प्रकट किया था बता दे॥ 3570॥