Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
महापुरुष · पृष्ठ 186
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1बिना भाव नाचे कूदे गोविंद राधे।
2लोकरंजन करे दंभी बता दे॥ 2136॥
3दोष छुपावे निज गोविंद राधे।
4झूठा निज गुण गावे दंभी बता दे॥ 2137॥
5कछु महापुरुषों को गोविंद राधे।
6श्यामा श्याम दर्शन क्षणिक हो बता दे॥ 2138॥
7कछु महापुरुषों को गोविंद राधे।
8दीर्घकाल तक दर्शन हो बता दे॥ 2139॥
9कछु महापुरुषों को गोविंद राधे।
10श्यामा श्याम वार्तालाप प्राप्त हो बता दे॥ 2140॥
11कछु महापुरुषों को गोविंद राधे।
12श्यामा श्याम स्पर्श भी मिलता बता दे॥ 2141॥
13कछु महापुरुषों को गोविंद राधे।
14दिव्यरास दर्शन मिलता बता दे॥ 2142॥
15कछु महापुरुषों को गोविंद राधे।
16रास में भाग लेना मिलता बता दे॥ 2143॥
17उपर्युक्त रसिकों में गोविंद राधे।
18उत्तरोत्तर रस अधिक बता दे॥ 2144॥
19पार्षद भेद दो हैं गोविंद राधे।
20अनुकूल अरु प्रतिकूल बता दे॥ 2145॥
21अनुकूल पार्षद गोविंद राधे।
22मित्र बनि लीला सहायक बता दे॥ 2146॥
23प्रतिकूल पार्षद गोविंद राधे।
24शत्रु बनि लीला सहायक बता दे॥ 2147॥