Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
दैन्य माधुरी · पृष्ठ 2
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1जीवन जीवन गोविंद राधे।
2जीवनधन घनश्याम हैं बता दे॥ 7 ॥
3जीवन जीवन गोविंद राधे।
4श्याम, श्याम जीवन श्यामा बता दे॥ 8 ॥
5राधे राधे गाये जा गोविंद राधे।
6आँसू बहाये जा जग को भुला दे॥ 9 ॥
7हरि को बुलाये जा गोविंद राधे।
8जग को भुलाये जा जग तोहिं का दे॥ 10 ॥
9नित्य बिहार करें गोविंद राधे।
10ब्रज में या मेरे उर पुर में बता दे॥ 11 ॥
11झूमत अइहैं कब गोविंद राधे।
12श्यामा श्याम मो ढिग गरबँहियाँ दे॥ 12 ॥
13गरबाँहीं दै के आजा गोविंद राधे।
14उर बिच झूला डारि झूला झुला दे॥ 13 ॥
15राधे देखें गोविंद गोविंद राधे।
16हमको भी देखें कोऊ जा केबता दे॥ 14 ॥
17एक वर दे दे राधे गोविंद राधे।
18भूलेहुँ भूलूँ नहिं तोेहिं पल आधे॥ 15 ॥
19तुम भी न भूलो मोहिं गोविंद राधे।
20मैं भी न भूलूँ तोहिं पल छिन आधे॥ 16 ॥
21“मैं तेरी” भूलूँ भी तो गोविंद राधे।
22“तू मेरा” यह कभू ना भुला दे॥ 17 ॥
23दोनों दिव्य चन्द्रमा हैं गोविंद राधे।
24मेरे दोउ नैना चकोर बना दे॥ 18 ॥