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वृषभानुनन्दिनी रासेश्वरी
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1वृषभानुनन्दिनी रासेश्वरी
2श्री राधारानी के प्रेमरस सार
3स्वरूप विग्रह का
4सांगोपांग चित्रण अत्यन्त ही
5आकर्षक एवं अनूठे
6ढंग से किया गया है।
7इसमें १३ पद हैं।
8प्रत्येक पद में मधुरातिमधुर
9प्रेम रस धारा प्रवाहित हो रही है जो
10श्री राधारानी के रूपध्यान
11के लिए परम सहायक है।
12अतः भक्ति मार्गीय प्रत्येक साधक
13के लिए परम उपयोगी है।