Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
राधे गोविन्द गोविन्द राधे राधे राधे,
Reading 61 of 75 · Source no. 50 · Source PDF 190–204
1(बलिहार युगल सरकार...)
2राधे गोविन्द गोविन्द राधे राधे राधे,
3राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
4कृष्ण बिनु राधे आधे राधे बिनु कृष्ण आधे,
5राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
6कृष्ण भजें राधे राधे राधे भजें कृष्ण कृष्ण,
7राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
8कृष्ण को ही रूप राधे राधे को ही रूप कृष्ण,
9राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
10जोइ राधे सोइ कृष्ण जोइ कृष्ण सोइ राधे,
11राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
12कृष्ण प्राण सम राधे राधे प्राण सम कृष्ण,
13राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
14दोउ लखेँ दोउ इकटक भूलें सुधि दोउ,
15राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
16रह चुवत प्रेम रस दोउ रोम रोम,
17राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
18दोउ पावें इक रस सखि पावें दोउ रस,
19राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
20दोउ पावें दोउ पूरो रस सखि कछु कछु,
21राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
22दोउ रस अस पिये जो भी वाकी बाढ़ै प्यास,
23राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
24जेती बार लखौं लागे यह रस बड़ो,
25राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
26बाँकी झाँकी दिखा दे गरबाहीं दीने दोउ,
27राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
28जित देखूँ तित नवल युगल छवि देखूँ,
29राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
30तेरे पग पर धर गिरिधरहुँ मुकुट,
31राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
32तेरा नाम आठों याम श्याम मुरली में टेरे,
33राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
34तेरा नाम सुनि ब्रह्म श्याम भाजे भाजे आवें,
35राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
36जासों जग कृपा माँगे सोउ तोसों कृपा माँगे राधे,
37राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
38तेरा पार न पायो धरि गोपी रूप हरि,
39राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
40तेरे आगे नहिँ चल छल बलिया को छल,
41राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
42राधे नाम प्रथम कह पुनि कह श्याम,
43राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
44मैं भी भूलूँ नाहिं तोहिं तुम भी भूलो नाहिं मोहिँ,
45राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
46मैं तो मायावश भूला तूने काहे को भुलाया,
47राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
48मोहिँ माया ने भुलाया तुम तो ना भुलाओ,
49राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
50तूने मोकूँ भुलाया याते माया ने भुलाया,
51राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
52तू ही मेरा सब कछु मैं भी तेरा नित्य दास,
53राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
54भुक्ति मुक्ति नहिं माँगूँ मैं तो तेरी सेवा माँगूँ,
55राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
56मेरी ओर न देखो निज विरद को देखो,
57राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
58तेरा नाम पतित पावन वाय सोचो,
59राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
60पाया पतितों ते नाम पतित-पावनि,
61राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
62किये पाप पतित पावन लखि तोहिं,
63राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
64तेरा हो के मैं माँगूँ भीख तेरी लाज जाये,
65राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
66पूतना पाई गति जैसे वैसे माँगूँ गति,
67राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
68तेरी शरण कठिन टुक जीव बनि देखो,
69राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
70मेरो कछु नहिं तेरो सब कछु तोहिं का दें,
71राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
72माँगूँ कोर कृपा की तोर न्याय न माँगूँ,
73राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
74जग खरों को निभाते तू तो खोटे को निभा दे,
75राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
76बिनु तेरी कृपा तेरा बन्यो कौन बता दे,
77राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
78तेरो अधाधुंध दरबार सुन्यो मैं,
79राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
80घटि जाय न कछु करु कोर कृपा की,
81राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
82तोहिं जोइ जोइ भावै मोहिँ सोइ सोइ भावै,
83राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
84तू ही मेरा मैं भी तेरा चाहे मानो या ना मानो,
85राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
86जग होत कुपूत न होति कुमाता,
87राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
88दैके पाँच खिलौने बहकाया अब जाना,
89राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
90बिनु हेतु कृपालु रहीं सब दिन,
91राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
92भक्ति ते जो अपनाओ यामें कौन निहोरो,
93राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
94मैंने माना मैं बुरा हूँ किन्तु तेरा ही तो हूँ,
95राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
96मैं ना मानूँ पतित मैं ऐसा पतित,
97राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
98मोहिँ तो भरोसो तेरी कृपा शक्ति का ही,
99राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
100दीन हीन को तो तेरे सिवा और ठौर नहिं,
101राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
102है निराधार आधार तेरी कृपा शक्ति,
103राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
104बिनु कारण करुणाकारिणि तुम,
105राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
106उमा रमा तजि किये सहचरी बनचरी,
107राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
108तेरा सुत माँगे भीख द्वार द्वार तू भी देखे,
109राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
110प्रेम दे चाहे ना दे तेरा पाछा नहिं छोड़ूँ,
111राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
112तू ही मेरा सब कछु था, है, रहेगा भी आगे,
113राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
114मोहिँ उर ते लगा ले ठुकरा दे तेरी इच्छा,
115राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
116मों सो कोउ न भिखारी तो सो कोउ नहिं दाता,
117राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
118तोहिँ प्यारे पातकी मोहिँ प्यारा पातक,
119राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
120मैंने लेना लेना सीखा देना देना तू सिखा दे,
121राधे गोविंद गोविंद राधे।
122मेरा ले ले तन मन प्राण दे दे निज सेवा,
123राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
124दै के मायिक मन लूटो दिव्य प्रेम धन राधे,
125राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
126“तू है मेरा”, है वचन तेरा, वचन निभा दे,
127राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
128तेरा नेकु रुख पाये जो तो माया भाजि जाये,
129राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
130मैंने पिछला बिगारा अगला तू बना दे,
131राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
132तेरी नेकु कृपा हो जाये मेरी बनि जाये,
133राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
134तेरी कृपा पाके हरि भये जग में कृपालु राधे,
135राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
136तू न चाहे जो तो कौन पावे तोहिँ बता दे,
137राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
138तू ही जाको जना दे सोइ जाने माने पावे,
139राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
140जासों जग कृपा माँगे सोउ तोसों कृपा माँगे राधे,
141राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
142तोसों पाँच पाँच नाता एक नाता ही निभा दे,
143राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
144तोहिँ तजि जाऊँ कौन ठौर बता दे,
145राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
146तूने गिरि को उठाया क्या मैं गिरि ते भी भारी,
147राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
148तोहिँ वेद न जाने पुनि हौं कैसे जानूँ,
149राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
150स्वर्ग अपवर्ग ना दे दे दे निज जन सेवा,
151राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
152दे दे निज प्रेम पुनि चाहे दे दे नरकहिं,
153राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
154तू नचाये जैसे नाचूँ वैसे, मोहिँ दोष का दे,
155राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
156शिशु विष खाये देखत माय कैसे वाय,
157राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
158मैंने माना मैं कुपूत किंतु तेरा ही तो पूत,
159राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
160शिशु नवजात माँ को न जाने माँ जनावे,
161राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
162शिशु अनजान पाले माँ, न फेंके कूड़ेदान,
163राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
164दासी सुत को सताये माँ से देखा कैसे जाय,
165राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
166सुत डूबे भवसिंधु तोसो कैसे देखा जाय,
167राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
168शिशु जाने नहिं माय या ते माय न भुलाय,
169राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
170शिशु मारे लात गर्भ माँ न माने दोष शिशु,
171राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
172मैं जो पतित पतित-पावनि तुम भी तो,
173राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
174मो ते दीन न कोउ तो सों दीनबंधु कोउ,
175राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
176तेरी माया ने भुलाया याते शरण न आया,
177राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
178नर तनु पाया गुरु पाया पाके गमाया,
179राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
180तेरी माया को हो जीता एक नाम बता दे,
181राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
182जौं लौं तेरी हो कृपा ना तौं लौं माया नहिं जाय,
183राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
184तू भी मेरा मैं भी तेरा पुनि माया ने क्यों घेरा,
185राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
186तेरे मेरे बीच में माया खड़ी मुँह बाये,
187राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
188तेरी माया ने भुलाया वाय आँखि दिखा दे,
189राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
190चिद् घन आनंद घन दिव्य तनु तेरा,
191राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
192तेरा नाम मेरे पास नाम में है तेरा वास,
193राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
194तू ही तो है मेरी गति मेरी मति मेरी रति,
195राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
196तू आये या न आये तेरा नाम गाये ध्याये,
197राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
198तू तो बुधि से परे है पुनि बुधि कैसे जाने,
199राधे गोविन्द गोविन्द राधे
200।
201तू तो उर में ही है यह बोध करा दे,
202राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
203उर बाहर आके दिखा दे टुक झाँकी,
204राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
205तेरा नाम गुन लीला गाया आँसू न बहाया,
206राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
207यह वर दे दे रोया करुँ तेरा नाम ले के,
208राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
209भीख माँगा भिक्षुकों ते तेरे द्वार नहिं आया,
210राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
211सब साथी हैं बने बने के बिगरे का तू ही,
212राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
213जाने कौन पुण्य पायो नर तनु भज मन,
214राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
215तेरी आयु में से पल पल घटा जाए सोच मन,
216राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
217भूत सब खोया भावी तो बनाले अब मन,
218राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
219भजूँगा भजूँगा जनि करु भजु भजु मन अब,
220राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
221नहिं लागे तन नहिं लागे धन लागे मन एक,
222राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
223करु हरि सुमिरन जल फेन जनु तनु,
224राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
225तेरे द्वार आके खाली हाथ लौटा नहिं कोउ,
226राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
227कहाँ जाऊँ कासोँ रोऊँ कोई नाम बता दे,
228राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
229जग आगे रोया बहुत न तेरे आगे रोया,
230राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
231जग जाने मैं हूँ तेरा भक्त, मैं हूँ जगभक्त,
232राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
233टुक झलक दिखा दे तेरा कहा घटि जाय,
234राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
235मुक्ति माँगूँ नहिं, माँगूँ बंधन तव पद,
236राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
237प्रेम निष्काम दे दे, दर्शन दे या ना दे,
238राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
239नित्य सिद्ध प्रेम तेरा साधन व्यर्थ मेरा,
240राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
241तेरे जन ही बतावें कृपासाध्य प्रेम तेरा,
242राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
243तो सोँ हो के विमुख दुःख ही दुःख पाया,
244राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
245तपा तीनों ताप, तेरे विरह में तपा न,
246राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
247जग देखा किंतु तोहिं नहिँ देखा कैसे ध्याऊँ,
248राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
249तेरे भक्त तो अनंत मेरी तो एक तुम,
250राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
251करुँ बात रसिकों की करतूत सब कारी,
252राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
253सत्य क्या झूठ क्या जानूँ किंतु नहिं मानूँ,
254राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
255तू ही माता पिता स्वामी सखा सुत प्रियतम,
256राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
257तू ही है “कृपालु” यह है भरोसा मोहिँ उर,
258राधे गोविन्द गोविन्द राधे॥