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Yugal Madhuri

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

राधे राधे श्री राधे राधे राधे।

Reading 51 of 75 · Source no. 40 · Source PDF 144–149

1राधे राधे श्री राधे राधे राधे।

2राधे राधे राधे, राधे राधे,

3राधे राधे राधे, राधे राधे श्री राधे राधे राधे।

4वेद जेहि कह ब्रह्म सोऊ,

5पायो नहिं तव पार राधे, श्री राधे राधे राधे।

6ब्रह्म तो रस था अस श्रुति कह,

7रस को रसिक बनायो राधे, श्री राधे राधे राधे।

8रूप अगनित धरि हरि जाको,

9पार नहिं पायो अस राधे, श्री राधे राधे राधे।

10जाकी पद रज चहत हरि हर,

11सोउ चह तव पदरज राधे, श्री राधे राधे राधे।

12राधे सम नहीं भोरी भारी,

13राधे सम नहीं प्यारी राधे, श्री राधे राधे राधे।

14राधे सम नहीं कोऊ दाता,

15राधे सम नहीं कोउ माता राधे, श्री राधे राधे राधे।

16प्राण सम मम श्याम प्यारे,

17प्राणहूँ ते प्यारी मम राधे, श्री राधे राधे राधे।

18भूले भगवत्ता हरि जेहि लखि,

19सोई छवि निधि मेरी राधे, श्री राधे राधे राधे।

20गावो छिन छिन नाम राधे,

21ध्यावो छिन छिन रूप राधे,श्री राधे राधे राधे।

22अगति की गति तू ही राधे,

23तोहिँ तजि कित जावुँ राधे, श्री राधे राधे राधे।

24अब न छोडुँ पाछा तेरा राधे,

25प्यार करे या मारे मोहिँ राधे, श्री राधे राधे राधे।

26अस वर दे वरदे मोहिं राधे,

27तोसों कभु कछु नाहिं माँगूँ, श्री राधे राधे राधे।

28माँगूँ भुक्ति न मुक्ति राधे,

29माँगूँ तव पद प्रेम राधे, श्री राधे राधे राधे।

30मुक्ति ना दे भुक्ति ना दे,

31रस की बूँद पिला दे मोहिं राधे,श्री राधे राधे राधे।

32रा सुनत हरि भागे आवें,

33धे सुनत कह संग राधे, श्री राधे राधे राधे।

34कोटि अमृत रसहु नहिं मिल,

35जो मिलत रस नाम राधे, श्री राधे राधे राधे।

36कोटि ब्रह्मानन्द वारौं,

37अस सरस यह नाम राधे, श्री राधे राधे राधे।

38रसो वै सः कहत श्रुति जेहि,

39सोइ जपत नित नाम राधे, श्री राधे राधे राधे।

40मेरा बल तेरा नाम राधे,

41काउ दिन आना होगा तोहिँ राधे, श्री राधे राधे राधे।

42श्याम जब सो जाय तनु के,

43रोम प्रति कह राधे राधे, श्री राधे राधे राधे।

44गाऊँ तव लीला नित नव नव,

45पाऊँ तव सखि पद रज राधे, श्री राधे राधे राधे।

46खाऊँ माँगुँ मधुकरी घर घर,

47सोऊँ नवल निकुंजनि राधे, श्री राधे राधे राधे।

48खाऊँ नित जूठन तव राधे,

49पाऊँ नित चरणोदक राधे , श्री राधे राधे राधे।

50हमरी ओर न हेरो राधे,

51अपनी ओर निहारो मेरी राधे, श्री राधे राधे राधे।

52मो सो कोउ याचक नहिं राधे,

53तो सो अवढर दानी नहिं राधे, श्री राधे राधे राधे।

54मायावश मैं तो भूला राधे,

55तूने काहे भुलाया मोहिँ राधे, श्री राधे राधे राधे।

56तेरी बिनु अनुकम्पा राधे,

57कौन बना तेरा नाम बता दे, श्री राधे राधे राधे।

58तेरा प्रेम अमोलक राधे,

59साधना ते मिले नहिं राधे, श्री राधे राधे राधे।

60तू द्रवै साधन बिनु राधे,

61क्यों कृपण भई मम हित राधे, श्री राधे राधे राधे।

62हौं हठी अति तव सुत राधे,

63देना होगा दर्शन राधे, श्री राधे राधे राधे।

64दिये पतितन ने ही तो कह,

65पतित पावन नाम राधे, श्री राधे राधे राधे।

66मो सो भिक्षुक नहिं राधे,

67तो सो भी दाता नहिं राधे, श्री राधे राधे राधे।

68द्वार तव जो आया राधे,

69खाली हाथ गया नहिं राधे, श्री राधे राधे राधे।

70रो रो तोहिं रिझाऊँ राधे,

71अस वर दे वरदे मोहिं राधे, श्री राधे राधे राधे।

72जाओ पुनि पुनि धाम राधे,

73भाव रहे निष्काम राधे, श्री राधे राधे राधे।

74जनि चहहु सुख स्वर्ग राधे,

75जनि चहहु अपवर्ग राधे, श्री राधे राधे राधे।

76तू पतित पावनि श्री राधे,

77हौं पतित सिरमौर राधे, श्री राधे राधे राधे।

78पतित पावनि तोसी राधे,

79हो जो कोई नाम बता दे, श्री राधे राधे राधे।

80तुम कृपालु अकारण राधे,

81करहु कृपा मोहूँ पर राधे, श्री राधे राधे राधे।

82तू कृपा की मूरति राधे,

83हमरी बेर कृपण क्यों राधे, श्री राधे राधे राधे।

84तू तो रह उर में ही राधे,

85आजा बाहर मेरी राधे, श्री राधे राधे राधे।

86पतित पावनि जानि तो कहँ,

87बेधड़क किये पाप राधे, श्री राधे राधे राधे।

88तू ही मेरी मैं भी तेरी,

89काहे मोहे भुलाया मेरी राधे, श्री राधे राधे राधे।

90तेरा तो मैं था ही राधे,

91मेरी भी तू बनुँ मेरी राधे, श्री राधे राधे राधे।

92तेरे तो अगणित जन राधे,

93मेरी तो इक तु ही मेरी राधे, श्री राधे राधे राधे।

94मोको जग जानत तव राधे,

95होत बड़ अपयश तव राधे, श्री राधे राधे राधे।

96तू तो बिनु कारण करुणाकर,

97पुनि क्यों कर बेर राधे, श्री राधे राधे राधे।

98दासी मारे तव तव सुत राधे,

99तोसों देखा जाय कस राधे, श्री राधे राधे राधे।

100शिशु न जाने माँ को राधे,

101माँ ही वाय जनावति राधे, श्री राधे राधे राधे।

102माना मैं छत्तिस हूँ तुझसे,

103तू बना दे तिरसठ राधे, श्री राधे राधे राधे।

104हों “कृपालु” कुपूत जगत बहु,

105हों कुमात न जगहुँ राधे, श्री राधे राधे राधे।

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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