Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
जोई नँदनंदन जग वन्दन,
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1(राधे राधे गोविन्दा भजो...)
2जोई नँदनंदन जग वन्दन,
3सोई मम प्रियतम प्यारो।
4जोई ब्रजेन्द्र नंदन जगवंदन,
5सोई मम प्रियतम प्यारो।
6जाको सत चित आनँद घन तन,
7सोई मम प्रियतम प्यारो।
8जामें देही देह भेद नहिं,
9सोई मम प्रियतम प्यारो।
10जाकी देह दिव्य रस निर्मित,
11सोई मम प्रियतम प्यारो।
12जेहि लखि रमा रमापति मोहे,
13सोई मम प्रियतम प्यारो।
14जो है पद्माजू को प्रियतम,
15सोई मम प्रियतम प्यारो।
16जो है रमा रमापति प्रियतम,
17सोई मम प्रियतम प्यारो।
18जो है उमा उमापति प्रियतम,
19सोई मम प्रियतम प्यारो।
20जो प्रियतम आत्मा हूँ प्रियतम,
21सोई मम प्रियतम प्यारो।
22जाकी छवि मदनहुँ मन मोह्यो,
23सोई मम प्रियतम प्यारो।
24जेहि छवि लखि लजात छविहूँ छवि,
25सोई मम प्रियतम प्यारो।
26जाकी छवि आपुन मन मोहिनि,
27सोई मम प्रियतम प्यारो।
28जाकी छवि लखि जड़़ हो जंगम,
29सोई मम प्रियतम प्यारो।
30जाकी छवि लखि अचर सचर हो,
31सोई मम प्रियतम प्यारो।
32जाको अंश महानारायण,
33सोई मम प्रियतम प्यारो।
34जाको अंश अंश विधि हरि हर,
35सोई मम प्रियतम प्यारो।
36जेहि संकल्प प्रकट जग अगनित,
37सोई मम प्रियतम प्यारो।
38जेहि संकल्प विश्व पालन हो,
39सोई मम प्रियतम प्यारो।
40जेहि संकल्प प्रलय हो जग को,
41सोई मम प्रियतम प्यारो।
42जाको अंत न पायहु आपुहुँ,
43सोई मम प्रियतम प्यारो।
44जाको आदि न अंत सनातन,
45सोई मम प्रियतम प्यारो।
46जाके पूर्व न पश्चात् कोऊ,
47सोई मम प्रियतम प्यारो।
48जाको नहिं भीतर नहिं बाहर,
49सोई मम प्रियतम प्यारो।
50जाके भय भयभीत होय भय,
51सोई मम प्रियतम प्यारो।
52जो सब जीवन सँग सँग रह नित,
53सोई मम प्रियतम प्यारो।
54जो अति असुरहुँ देत परम गति,
55सोई मम प्रियतम प्यारो।
56जो दिय आपुहिं लोक पूतनहिं,
57सोई मम प्रियतम प्यारो।
58जो नहिं सहि सक निज जन क्रन्दन,
59सोई मम प्रियतम प्यारो।
60जाको परम पतित अति प्यारे,
61सोई मम प्रियतम प्यारो।
62जो भज जैसेहिं तेहि भज तैसेहिं,
63सोई मम प्रियतम प्यारो।
64जेहि जस प्रिय जन तस प्रिय प्राण न,
65सोई मम प्रियतम प्यारो।
66जो टुक छाछ हेतु निरतत ब्रज,
67सोई मम प्रियतम प्यारो।
68जाकी चारि मुक्ति पनिहारिनि,
69सोई मम प्रियतम प्यारो।
70जेहि दर्शन हित कमला तप कर,
71सोई मम प्रियतम प्यारो।
72जेहि श्रुति नेति नेति कहि गावत,
73सोई मम प्रियतम प्यारो।
74जेहि लखि भई चलाहूँ अचला,
75सोई मम प्रियतम प्यारो।
76जेहि लगि शिवहुँ शिवानी बनि गए,
77सोई मम प्रियतम प्यारो।
78जेहि लखि उमा रमा भूलति पति,
79सोई मम प्रियतम प्यारो।
80जो रह भक्त भक्ति वश बरबस,
81सोई मम प्रियतम प्यारो।
82जो भक्तन पाछे पाछे चल,
83सोई मम प्रियतम प्यारो।
84जो चह दास्य कर्म निज दासन,
85सोई मम प्रियतम प्यारो।
86जो रह सब जीवन उर पुर महँ,
87सोई मम प्रियतम प्यारो।
88जो है सब जीवन को जीवन,
89सोई मम प्रियतम प्यारो।
90जो है आनन्दहुँ को आनँद,
91सोई मम प्रियतम प्यारो।
92जो है मधु अरु जो है मधुकर,
93सोई मम प्रियतम प्यारो।
94जो दे रसहुँ रसहिं ब्रज रासहिं,
95सोई मम प्रियतम प्यारो।
96जो कुबरिहुँ को दिय कमला पद,
97सोई मम प्रियतम प्यारो।
98घोड़ा बने गँवारन ग्वालन,
99सोई मम प्रियतम प्यारो।
100जेहि सिर कनक मुकुट मणि मण्डित,
101सोई मम प्रियतम प्यारो।
102जाके मुकुट मणिन बहुरंगी,
103सोई मम प्रियतम प्यारो।
104जेहि सिर मोर मुकुट की लटकनि,
105सोई मम प्रियतम प्यारो।
106जेहि सिर लट कारी घुँघुरारी,
107सोई मम प्रियतम प्यारो।
108कारी लट पर पीरी पागरी,
109सोई मम प्रियतम प्यारो।
110पागरी दुति दामिनि जनु दमकति,
111सोई मम प्रियतम प्यारो।
112मोर पखा जेहि पागरी सोहति,
113सोई मम प्रियतम प्यारो।
114जाके भाल तिलक कस्तूरिन,
115सोई मम प्रियतम प्यारो।
116जाके दुहुँन कर्ण कुण्डल भल,
117सोई मम प्रियतम प्यारो।
118जाके दुहुँन नैन रतनारे,
119सोई मम प्रियतम प्यारो।
120जाके नैन सहज कजरारे,
121सोई मम प्रियतम प्यारो।
122जाकी चितवनि झरत सुरति रस,
123सोई मम प्रियतम प्यारो।
124जेहि दृग सैन ललिहुँ हों मुर्छित,
125सोई मम प्रियतम प्यारो।
126जाकी नासा भल मुक्ताहल,
127सोई मम प्रियतम प्यारो।
128जाके अधर बिम्ब फल लजवत,
129सोई मम प्रियतम प्यारो।
130जाकी श्वेत दशन दुति दमकनि,
131सोई मम प्रियतम प्यारो।
132जाकी मध्ुार मधुर मृदु मुसकनि,
133सोई मम प्रियतम प्यारो।
134जाके कंध कामरी सोहत,
135सोई मम प्रियतम प्यारो।
136जेहि दुकूल पट पीत सुशोभित,
137सोई मम प्रियतम प्यारो।
138जेहि गल भल बनमाल अलंकृत,
139सोई मम प्रियतम प्यारो।
140जेहि गल गुंज माल भल सोहति,
141सोई मम प्रियतम प्यारो।
142जेहि गल कौस्तुभ मणि मन मोहति,
143सोई मम प्रियतम प्यारो।
144जाके गल मणि मुक्त माल दुति,
145सोई मम प्रियतम प्यारो।
146जेहि दोउ कर मणि कंकण सोहति,
147सोई मम प्रियतम प्यारो।
148जेहि दोउ कर अँगुरिन मुँदरिन दुति,
149सोई मम प्रियतम प्यारो।
150जेहि कटि तट मणि मण्डित किंकिणि,
151सोई मम प्रियतम प्यारो।
152जेहि कटि पीत वसन अलंकृत,
153सोई मम प्रियतम प्यारो।
154जाके कटि तट कछी काछनी,
155सोई मम प्रियतम प्यारो।
156जाकी काछनि खुसी मुरलिका,
157सोई मम प्रियतम प्यारो।
158जेहि पग मणिन जटित भल पायल,
159सोई मम प्रियतम प्यारो।
160जेहि दोउ चरनन तल अरुणारे,
161सोई मम प्रियतम प्यारो।
162जाकी गति गति गजहुँ लजावत,
163सोई मम प्रियतम प्यारो।
164जो “कृपालु” प्यारीहूँ प्रियतम,
165सोई मम प्रियतम प्यारो।