Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा नाम महिमा · पृष्ठ 579
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1राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
2श्याम भाजे आवें कहें राधे ते मिला दे॥ 6677॥
3राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
4कर्म, ज्ञान, योग में पोल है बता दे॥ 6678॥
5राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
6मुक्ति में भी ढोल जैसा पोल बता दे॥ 6679॥
7राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
8भुक्ति मुक्ति डाकिनी का टिकट कटा दे॥ 6680॥
9राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
10ढोल बजा के माया चुड़ैल भगा दे॥ 6681॥
11राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
12राधे बोल में प्रेम घोल मिला दे॥ 6682॥
13राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
14श्याम भाजे आवें जब ढोल थमा दे॥ 6683॥
15राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
16जग में रम न मन ध्यान करा दे॥ 6684॥
17राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
18वासना का बिस्तर गोल करा दे॥ 6685॥
19राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
20गया सो गया बचा खुचा तो बना दे॥ 6686॥
21राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
22प्रेम सुधा दे, जग तोहिं कछु ना दे॥ 6687॥
23राधे राधे बोल मन गोविंद राधे।
24राधा भक्त कहे मोहिं वैकुण्ठ ना दे॥ 6688॥