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            "सेवा को आज्ञा का गोविंद राधे।",
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            "जो न करे हरि गुरु गोविंद राधे।",
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            "कपट रहित होके गोविंद राधे।",
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            "हरि गुरु कृपा ते ही गोविंद राधे।",
            "मैंने कछु सेवा की यह भाव बना दे॥ 4058॥"
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            "प्राण जब जाये हरि गोविंद राधे।",
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            "जल मिले सोई जल गोविंद राधे।",
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            "तेज मिले दर्पण गोविंद राधे।",
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            "व्योम मिले सेवा कुंज गोविंद राधे।",
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            "भूमि मिले सोई पथ गोविंद राधे।",
            "जेहि पथ चलें श्यामा श्याम बता दे॥ 3735॥"
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            "पवन व्यजन मिले गोविंद राधे।",
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      "title": "हरि-गुरु ही हैं साँची माता",
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            "नवजात शिशु नहिं गोविंद राधे।",
            "जाने कौन माता माता ज्ञान करा दे॥ 257॥"
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            "हरि तू भी कैसी माँ है गोविंद राधे।",
            "शिशु कर जग चट्टू झुनझुना थमा दे॥ 259॥"
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            "ब्रजरस बूँद दे दे गोविंद राधे।",
            "माँ भी शिशु मुख पय बूँद चुवा दे॥ 260॥"
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            "माया ने सुलाया ऐसा गोविंद राधे।",
            "अगनित युग बीते अब तो जगा दे॥ 287॥"
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            "होते हैं कुपूत जग गोविंद राधे।",
            "हुई क्या कुमाता कहुँ तू ही बता दे॥ 293॥"
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            "तेरी माया ने बनाया गोविंद राधे।",
            "मोको कुपूत तू सुपूत बना दे॥ 295॥"
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      "heading": "मुझे दीन बना दो | Bhakti Challenge 44",
      "title": "मुझे दीन बना दो",
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            "दीनों के हैं दोनों गोविंद राधे।",
            "मन बुद्धि दोनों को दीन बना दे॥ 4563॥"
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            "भक्ति अरु अभिमान गोविंद राधे।",
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            "सब का सम्मान करो गोविंद राधे।",
            "सब के हैं उर बैठे कृष्ण बता दे॥ 4560॥"
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            "उनते जुड़े जो मन प्रेम बता दे॥ 5264॥"
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            "मन में ही अनंत पाप गोविंद राधे।",
            "मन ते ही नाम रटो नामी क्षमा दे॥ 10882॥"
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            "पाप के नाश हित गोविंद राधे।",
            "हरि नाम गुण लीला कीर्तन करा दे॥ 10877॥"
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            "अगनित माता पिता गोविंद राधे ।",
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            "ढूँढ़ते ढूँढ़ते गोविंद राधे।",
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            "जब कभु सन्त मिले गोविंद राधे ।",
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            "सारा जग तनु हित गोविंद राधे ।",
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            "हरि ही सों प्यार करो गोविंद राधे ।",
            "जग ते न प्यार न तो खार करा दे || 1735॥"
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            "मन मन्दिर एक गोविंद राधे ।",
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            "मन एक जग लागा गोविंद राधे।",
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            "तेरे सब बच्चे अच्छे गोविंद राधे।",
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            "अच्छा हूँ बुरा हूँ जो हूँ गोविंद राधे।",
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            "पिता पुत्र साथ रहें गोविंद राधे।",
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            "सुत दयनीय दशा देखे ध्यान ना दे॥ 334॥"
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            "अब लौं सोया नहिं गोविंद राधे।",
            "निज शिशु को निज गोद सुला दे॥ 282॥"
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      "title": "गुरु में अनन्यता",
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            "सबते बड़ा शत्रु गोविंद राधे।",
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            "सबते बड़ा मित्र गोविंद राधे।",
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            "संशय तजु मन गोविंद राधे।",
            "भोला शिशु बनि हो प्रपन्न बता दे॥ 1014॥"
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            "माया बहकावे जो तो गोविंद राधे।",
            "गुरु बुद्धि ते मन को समझा दे॥ 1144॥"
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            "माया को कौन तरे गोविंद राधे।",
            "जो शरण्य गुरु नित सेवे बता दे॥ 1146॥"
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            "इष्ट गुरु भक्ति में तो गोविंद राधे।",
            "भाव बनाओ अनन्य बता दे॥ 5048॥"
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            "सब इच्छा छोड़ दिया गोविंद राधे।",
            "एक इच्छा श्यामा श्याम सेवा दिला दे॥ 27॥"
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            "भक्ति हो अनन्य मेरी गोविंद राधे।",
            "ऐसी मति जहाँ मिले मोहिं मँगवा दे॥ 451॥"
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            "तेरे जन सीधे सादे गोविंद राधे।",
            "मैं हूँ कुटिल अति सीधा बना दे॥ 379॥"
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            "तो सों नहिं माँगूँ कछु गोविंद राधे।।",
            "गोपी जन ते गोपी प्रेम दिला दे॥ 63॥"
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            "विशाखा सखी तो गोविंद राधे।",
            "सदा रहें श्यामा पास बता दे॥ 6357॥"
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            "तन मन प्राण तेरा गोविंद राधे।",
            "सेवा में ले ले मोहिं सेवा दिला दे॥ 569॥"
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            "जब लौं न मिले गुरु गोविंद राधे।",
            "रो के कहो हरि तू ही गुरु ते मिला दे॥ 2119॥"
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            "श्री गुरु शरण जा गोविंद राधे।",
            "तर्क वितर्क कुतर्क भगा दे॥ 1987॥"
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            "बुद्धि ने बिगाड़ा सब गोविंद राधे।",
            "निज बुद्धि को गुरुबुद्धि में जुड़ा दे॥ 1988॥"
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            "गुरु में अनन्य हो जा गोविंद राधे।",
            "अन्य में उदासीन भाव बना दे॥ 2000॥"
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            "दिव्यज्ञान दिव्यप्रेम गोविंद राधे।",
            "जब गुरु दे तो वाय दीक्षा बता दे॥ 2124॥"
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            "सच्चा होय सद्गुरु गोविंद राधे।",
            "सच्ची हो शरण जो तो बिगरी बना दे॥ 2005॥"
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            "मन गढ़ ऐसा जामें गोविंद राधे।",
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            "गुरु ते कहु मोहिं पद सेवा दे॥ 1235॥"
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            "जित देखूँ हरि गुरु ही दिखा दे॥ 1241॥"
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