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            "बार बार अवतार लिया तूने श्यामा।",
            "किया उपकार छोड़ा नाम रूप धामा॥ 183॥"
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            "रस बरसाने आईं बरसाने धामा।",
            "तोरे ऋण उऋण न कोउ कभु श्यामा॥ 341॥"
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            "कृपा की बुलाया तूने श्यामा निज धामा।",
            "मेरी भी उमर लग जाये तोहिं श्यामा॥ 336॥"
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            "तोरे जन्म दिन पै भेंट का दुँ श्यामा।",
            "मायिक मोरा तन मन धन धामा॥ 346॥"
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            "तोहिं भेंट का दूँ श्यामा तू तो पूर्णकामा।",
            "आँसुओं का हार उपहार ले ले श्यामा॥ 349॥"
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            "भली बुरी जैसी हूँ तेरी हूँ श्यामा।",
            "भेंट में मुझे ही ले बना दे ब्रज बामा॥ 350॥"
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      "title": "निराधार आधार हमारी श्यामा",
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            "तेरे जैसी करुणामयी ना कोइ श्यामा।",
            "याही ते बार बार आया तेरे धामा॥ 155॥"
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            "हम तो पुकारे जायेंगे आठु यामा।",
            "एक दिन सुनना पड़ेगा तोहिं श्यामा॥ 164॥"
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            "कहाँ जाउँ कासों कहुँ कौन सुने श्यामा।",
            "पतितन को नाहीं और कहुँ ठामा॥ 167॥"
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            "एक बार हमरिहुँ ओर लखु श्यामा।",
            "अग जग भटकत थकि गये पामा॥ 166॥"
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            "लख चौरासी द्वार माँगा भीख श्यामा।",
            "वे भी थे भिखारी याते आया तेरे धामा॥ 157॥"
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            "आया करूँगा बार बार तेरे धामा।",
            "कबहूँ मिला देगा धाम धामी श्यामा॥ 156॥"
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      "heading": "दीन बना दे श्यामा | Bhakti Challenge 23",
      "title": "दीन बना दे श्यामा",
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            "भोर ते गाता तो हूँ नाम गुन धामा।",
            "विश्वास होता नहिं नाम में हैं श्यामा॥ 200॥"
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            "तेरे मन्दिर में करुँ दण्डवत् प्रणामा।",
            "किन्तु तन झुके मन झुके नाहिं श्यामा॥ 199॥"
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            "दीन भाव ते तो तू प्रसन्न होवे श्यामा।",
            "अहंकार पाछा नाहिं छोड़े आठु यामा॥ 191॥"
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            "अभिमान तो इतना बढ़ गया श्यामा।",
            "आँसू नाहिं आवें गाऊँ नाम गुण धामा॥ 192॥"
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            "जानि जानि नाम अपराध करुँ श्यामा।",
            "यम भी न देगा मोहिं नरकहुँ ठामा॥ 194॥"
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            "ब्रजरस का चस्का लगा दे उर धामा।",
            "आठु याम तेरा ही स्मरण करुँ श्यामा॥ 203॥"
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      "heading": "श्री गुरुदेव कृपाल की बलि | Bhakti Challenge 24",
      "title": "श्री गुरुदेव कृपाल की बलि",
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            "गुरु ही है ब्रह्मा विष्णु शिव कह बामा।।",
            "गुरु ब्रह्म भी है जो मिला दे श्याम श्यामा॥ 80॥"
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            "मन है अशुद्ध शुद्ध करो गुरु धामा।",
            "शुद्ध मन लै के जाओ पुनि हरि धामा॥ 89॥"
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            "गुरु ढिग में ही रहें श्याम अरु श्यामा।",
            "याते गुरुधाम ही है आपु हरि धामा॥90॥"
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            "मन ते मनन करु निज गुरु धामा।",
            "गुरु उर बैठे देखें मोहिं श्याम श्यामा॥ 991॥"
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            "मन ते मनन करु दोउ श्याम श्यामा।",
            "भुज फैला के खरे परखत धामा॥ 989॥"
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            "गुरुदेव सेवा मिले गये गुरुधामा।",
            "गुरु की सेवा ते मिले प्रेम निष्कामा॥ 93॥"
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      "heading": "गुरु धाम महिमा| Bhakti Challenge 25",
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            "माया ने भुलाया जग भाया आठु यामा।",
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            "संसार छोड़ो चलो सब गुरु धामा।",
            "हरि गुरु दोनों मिलें वहाँ आठु यामा॥ 91॥"
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            "गुरु की शरण गहो जाय गुरुधामा।",
            "हरि नाम गुण गावो बनो निष्कामा॥96॥"
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            "तन, मन, धन दान करो गुरु धामा।",
            "उन्हीं की कृपा ते मिलें, श्याम अरु श्यामा॥ 92॥"
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            "नाम अपराध जनि करो गुरुधामा।",
            "अन्यथा नरक में भी मिले नाहिं ठामा॥ 97॥"
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            "आदेश पालन हो सदा गुरुधामा।",
            "आदेश पालन ते मिलें श्याम श्यामा॥ 98॥"
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            "मन नाहिं माने मनमानी करे श्यामा।",
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            "मेरे पाप लिख लिख थकी नाहिं श्यामा।",
            "मैं भी पाप करि थका नाहिं आठु यामा॥ 145॥"
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            "माया ने घुमाया लख चौरासी धामा।",
            "अब तो बचा ले तेरे द्वार आया श्यामा॥ 129॥"
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            "तुम तो कृपामयी भोरी भारी श्यामा।",
            "करोगी कृपा कभु कह ब्रज बामा॥ 122॥"
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            "सुना है तु ब्रज रस बाँटे आठु यामा।",
            "मैं भी इसी आशा ते आया द्वार श्यामा॥ 126॥"
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            "सेवा की लालसा बढ़ा दे मम श्यामा।",
            "मुक्ति नाहिं चाहूँ नाहिं वैकुण्ठ धामा॥ 134॥"
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      "title": "मेरी कृपालु श्यामा",
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            "जो भी पतित गया तेरे द्वार श्यामा।",
            "खाली हाथ लौटा नहिं वापस धामा॥ 116॥"
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            "माना मैंने माना नहिं तेरा कहा श्यामा।",
            "जग का ही दास बना रहा आठु यामा॥ 176॥"
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            "मैं ही भागा भागा फिरा दूर आठु यामा।",
            "तू तो निज बाँह पसारे खड़ी श्यामा॥ 181॥"
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            "फिर भी तू सदा रही साथ उरधामा॥ 182॥"
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            "माना मैं पतित सुत हूँ तो तव श्यामा।",
            "मल सने शिशु को उठा ले मातु धामा॥ 154॥"
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            "मोहिं जनि लखु मैं तो पातक धामा।",
            "अपनो कृपालु स्वभाव लखु श्यामा॥ 168॥"
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            "तेरे तो हैं अगनित जन गुनधामा।",
            "एक निगुनी भी अपनी कर ले श्यामा॥ 172॥"
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            "बिगरी बनाने वारी एक तुम श्यामा।",
            "बने बने के हैं साथी त्रिभुवन धामा॥ 162॥"
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            "तेरे नाम का अवलम्ब लै के श्यामा।",
            "अगनित पतित गये तेरे धामा॥ 165॥"
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            "मन कह झलक दिखा दे टुक श्यामा।।",
            "फिर नाहिं तोरा पाछा छोड़ूँ आठु यामा॥ 150॥"
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            "एक बार ‘तू मोरा’ कह भी दो श्यामा।",
            "कहा घटि जाय तोरा मोरा बने कामा॥ 148॥"
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            "ब्रजरस में रहें डूबी ब्रज बामा।",
            "वाई रस में ही डुबा दे मोहिं श्यामा॥ 127॥"
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            "तेरी कृपा शक्ति को भरोसो बड़ो श्यामा।",
            "कभु कृपा होगी दोगी प्रेम निष्कामा॥ 123॥"
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            "मैंने सुना है तेरी कृपा शक्ति श्यामा।",
            "पतितों को भी अपनावे आठु यामा॥ 120॥"
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            "जग जाने मैं तो तेरा ही हूँ श्यामा।",
            "तू जाने विषयन दास आठु यामा॥ 170॥"
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            "तेरा सुत तेरी गोद बैठा उर धामा।",
            "सुत को दुःखी कैसे देखे माँ श्यामा॥ 179॥"
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            "कृपा का भण्डार खोलो कृपामयी श्यामा।",
            "मो पै करो कृपा सेवा दे दो निज धामा॥ 209॥"
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            "मेरे तो उर को बना लो ब्रजधामा।",
            "श्याम संग नित्य ही बिहार करो श्यामा॥ 211॥"
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            "मनमानी तजु भज श्याम अरु श्यामा।",
            "जाने कब तनु छिन जाय कह बामा॥ 2॥"
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            "श्यामा श्याम नाम जपो चाहे आठु यामा।",
            "बिना प्रेम रीझें नहिं कभू श्याम श्यामा॥ 8॥"
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            "नामी के समान ही हैं नाम अरु धामा।",
            "रो के पुकारो जो तो कहें ब्रज बामा॥ 13॥"
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            "श्यामा श्याम में जो गुण सोइ ब्रजधामा।",
            "ऐसी निष्ठा ते वास करो येहि ठामा॥ 971॥"
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            "श्यामा श्याम जायँ नहिं तजि ब्रजधामा।",
            "रो रो के पुकारो मिलेंगे श्याम श्यामा॥ 973॥"
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            "श्यामा श्याम मिलें या ना मिलें ब्रजधामा।",
            "रहे उर आशा विश्वास आठु यामा॥ 974॥"
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