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            "तुझते विमुख होके गोविंद राधे।",
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            "तेरे तो अनेक जन गोविंद राधे।",
            "मेरा एक तू ही जनि मोहिं भुला दे॥ 120॥"
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            "प्रेम सिन्धु में डुबा दे गोविंद राधे।",
            "तू मेरा मैं तेरी भावना बढ़ा दे॥ 105॥"
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            "और कछु ना दे ना दे गोविंद राधे।",
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            "वो दिन कब आये गोविंद राधे।",
            "जब श्याम प्यारी कहि भुज फैला दे॥ 112॥"
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            "श्याम तू मिले ना मिले गोविंद राधे।",
            "मिलने की तीव्र पिपासा बढ़ा दे॥ 77 ॥"
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      "title": "सेवा की लालसा",
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            "माना अपराधी हूँ गोविंद राधे।",
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            "कहाँ जाउँ का सों कहूँ गोविंद राधे।",
            "तुम बिनु कौन सुने ठौर बता दे॥ 437॥"
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            "जनम जनम की है गोविंद राधे।",
            "आसक्ति जग की तू ही छुड़ा दे॥ 368॥"
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            "मैं हूँ तेरा नित्य दास गोविंद राधे।",
            "मेरा वही दासत्व मो को दिला दे॥ 33॥"
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            "भुक्ति मुक्ति कछु ना दे गोविंद राधे।",
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            "तन मन धन सब गोविंद राधे।",
            "सेवा में लगाऊँ तेरी ऐसा बना दे॥ 30॥"
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      "title": "तू ही मेरा पिता",
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            "मैं तो हूँ अबोध शिशु गोविंद राधे।",
            "तू ही मेरा सब कछु ज्ञान करा दे॥ 256॥"
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            "तू तो मेरा पिता हरि गोविंद राधे।",
            "एक बार मेरा सुत कहि के बुला दे॥ 322॥"
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            "पिता वाला प्यार दे दे गोविंद राधे।",
            "भुक्ति मुक्ति बैकुंठ आदि मोहिं ना दे॥ 355॥"
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            "तू तो गोद लेना चाहे गोविंद राधे।",
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            "माना मैंने माना नहिं गोविंद राधे।",
            "आभार किन्तु तू पिता है क्षमा दे॥ 291॥"
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            "मैं तो तेरा सुत हरि गोविंद राधे।",
            "एक बार निज सुत गले ते लगा दे॥ 280॥"
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      "heading": "दर्शन की अभिलाषा | Bhakti Challenge 14",
      "title": "दर्शन की अभिलाषा",
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            "प्यार करो या मारो गोविंद राधे।।",
            "पाछा नहिं छोड़ें हम पल छिन आधे॥ 82॥"
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            "उर में तू बैठा बैठा गोविंद राधे।",
            "मेरे कर्म लिखे यह मोहूँ जना दे॥ 251॥"
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            "आजा मेरे सामने तू गोविंद राधे।",
            "काहे खेले खेल लुका छुपी का बता दे॥ 192॥"
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            "घटि नाहिं जाये कछु गोविंद राधे।",
            "मेरी ओर लखि दोउ टुक मुसका दे॥ 196॥"
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            "मोहिं तो भरोसो भारी गोविंद राधे।",
            "कबहुँ तो अइहैं दोउ गलबँहियाँ दे॥ 241॥"
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            "दशहूँ दिशा में मोहिं गोविंद राधे।",
            "जित देखुँ दीखे तू ही ऐसी बना दे॥ 228॥"
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            "तेरे रोम रोम ते ही गोविंद राधे।",
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            "मन मनमानी करे गोविंद राधे।",
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            "मन बड़ा निर्लज्ज गोविंद राधे।",
            "बार बार जूते लात खाये भुला दे॥ 377॥"
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            "लख चौरासी द्वार गोविंद राधे।",
            "माया ने घुमाया तू घर पहुँचा दे॥ 471॥"
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            "निर्मल मन चाहे गोविंद राधे।",
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            "तेरे गुन गन सुनि गोविंद राधे।।",
            "आई हूँ शरण अब तो ना भगा दे॥ 205॥"
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            "हरि गुरु भक्ति करो गोविंद राधे।",
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            "यत्र तत्र सर्वत्र गोविंद राधे।",
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            "मन ते स्मरण करो गोविंद राधे।",
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            "बाँह फैलाये खरे गोविंद राधे।",
            "तू भी मन बुधि दै के भुज फैला दे॥ 6569॥"
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            "पल पल परखत गोविंद राधे।",
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            "हरि गुरु कृपा ते ही गोविंद राधे।",
            "श्रीकृष्ण दिव्य भक्ति मिलेगी बता दे॥ 4042॥"
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      "title": "गुरु के प्रपन्न हो जा",
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            "जग है असार जामें गोविंद राधे।",
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            "माया ने भुलाया अरु गोविंद राधे।",
            "गुरु ने जगाया ये भिखारी उन्हें का दे॥ 2032॥"
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            "गुरु ने सिखाया देना गोविंद राधे।",
            "तन, मन, प्राण सब कछु ही बता दे॥ 2035॥"
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            "गुरु पद सेवा करो गोविंद राधे।",
            "गुरु पद सेवा प्रेम मेवा दिला दे॥ 2025॥"
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            "गुरु के प्रपन्न हो जा गोविंद राधे।",
            "मन रूपी डोरी गुरु कर में थमा दे॥ 1884॥"
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            "पूर्ण प्रपन्न हो जा गोविंद राधे।",
            "फिर हरि गुरु तेरा काम बना दें॥ 1885॥"
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            "राधे रानी कृपा करि गोविंद राधे।",
            "मोहूँ ब्रजरस का चस्का लगा दे॥ 631॥"
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            "नित्य बिहार करें गोविंद राधे।",
            "ब्रज में या मेरे उर पुर में बता दे॥ 11॥"
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            "गरबाँहीं दै के आजा गोविंद राधे।",
            "उर बिच झूला डारि झूला झुला दे॥ 13॥"
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            "दोनों दिव्य चन्द्रमा हैं गोविंद राधे।",
            "मेरे दोउ नैना चकोर बना दे॥ 18॥"
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            "शिव भी शिवानी बने गोविंद राधे।",
            "बनूँ मैं दिवानी ऐसा जादू चला दे॥ 226॥"
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            "प्रेम दिवानी बनि गोविंद राधे।",
            "गाउँ रो के राधे राधे राधे बता दे॥ 635॥"
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            "राधे मेरी स्वामिनि गोविंद राधे।",
            "करु सुमिरन मन पल छिन आधे॥ 6743॥"
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            "राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।",
            "हरि को बुलाना हो तो राधे राधे गा दे॥ 6639॥"
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            "साँस खीँचो ‘रा’ कहु गोविंद राधे।",
            "साँस छोड़ो ‘धे’ का अभ्यास करा दे॥ 6596॥"
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            "खाते पीते चलते फिरते गोविंद राधे।",
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            "राधा तेरे उर में हैं गोविंद राधे।",
            "बन जा पतंग डोरी राधा को थमा दे॥ 6606॥"
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            "प्राणधन प्राणेश्वर गोविंद राधे ।",
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            "तू तो मोहिं देखे नित गोविंद राधे ।",
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            "अति मतवारी प्यारी गोविंद राधे ।",
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            "मुरली की तान निज गोविंद राधे ।",
            "किसी ते कहूँगी नहिं चुपके सुना दे ॥ 143॥"
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