# लतन में ठाढ़ो सुंदर श्याम।

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भाषा: हिन्दी / ब्रज
स्रोत पहचान: PRM-0417-M09-K029
मूल रचना: प्रेम रस मदिरा — जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
माधुरी: श्रीकृष्ण-माधुरी
स्थानीय पद संख्या: 29
मूल पद के स्रोत पृष्ठ: 196–197

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## मूल पद

<a id="line-1"></a>लतन में ठाढ़ो सुंदर श्याम।  
<a id="line-2"></a>ग्रीवा-कटि-पद भंगि मनोहर, लजवत कोटिन काम।  
<a id="line-3"></a>मुरली मधुर अधर धरि टेरत, लै ललितादिक नाम।  
<a id="line-4"></a>परिमल-सारस-केशर-चंदन, चर्चित तनु अभिराम।  
<a id="line-5"></a>नख शिख सब श्रृंगार सुशोभित, सुषमा सींव ललाम।  
<a id="line-6"></a>लखि “कृपालु” छवि छकी रहें नित, सिगरी ब्रज की बाम॥

<a id="meaning"></a>
## हिन्दी भावार्थ

लताओं के बीच में लाल जी खड़े हैं। वे ग्रीवा कमर एवं पैरों को अति विचित्र ढंग से झुकाए हुए इतने सुन्दर लगते हैं कि उनके आगे करोड़ों कामदेव लज्जित हो जाते हैं। वे ललितादिक सखियों का नाम विश्व विमोहिनी मुरली में लेते हुए मुख से परम मधुर मुरली की तान छेड़ रहे हैं। अगर कस्तूरी केसर, चंदन आदि का सुगन्धित लेप शरीर में लगा हुआ है। नख से शिख तक समस्त शृंगार से शोभित हो रहे हैं। कृपालु' कहते हैं कि ऐसे ललित त्रिभंगी लाल को देख कर समस्त ब्रजगोपांगनाएं निरन्तर ही प्रेम-विभोर रहती हैं।

भावार्थ के स्रोत पृष्ठ: 414

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## पद का स्रोत और उद्धरण

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मूल रचना: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज। पद और उपलब्ध हिन्दी भावार्थ प्रकाशित पुस्तक के उपलब्ध स्कैन से लिए गए हैं; ये कृत्रिम बुद्धिमत्ता से रचित पद या भावार्थ नहीं हैं। माधुरी और भक्ति चैलेंज के सजावटी चित्र Codex से बनाए गए हैं। वे मूल प्रकाशित पाठ, स्कैन और प्रकाशक के चित्रों से अलग हैं। पुस्तकालय के आवरण उपलब्ध PDF के आवरण/मूल पृष्ठ या प्रकाशक के प्रतिनिधि चित्र हैं; चित्र से संस्करण की समानता सिद्ध नहीं होती।

प्रकाशक के अनुसार प्रेम रस मदिरा में २१ माधुरियों में १,००८ पद हैं। संग्रह में उपलब्ध स्रोत-अभिलेखों की स्थायी पहचान सुरक्षित रखी गई है; संख्या के अंतर का समाधान अभी लंबित है। पाँच हिन्दी भावार्थ उपलब्ध नहीं हैं। हिन्दी भावार्थ पूरे पद का है। पाठ में स्कैन से लिप्यंतरण की त्रुटियाँ रह सकती हैं। यह पाठ पुनर्वितरण की अनुमति नहीं देता।

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मूल रचना की प्रथम प्रकाशन तिथि के उपलब्ध विवरण अलग हैं; इस संग्रह में उसका कोई एक निश्चित वर्ष नहीं माना गया है। अंग्रेज़ी संस्करण का अक्टूबर २००९ का प्रथम-संस्करण वर्ष मूल रचना के प्रथम प्रकाशन का वर्ष नहीं है।
