# प्रकीर्ण-माधुरी · प्रेम रस मदिरा

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जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेम रस मदिरा की 21 माधुरियों में प्रकीर्ण-माधुरी क्रमांक 21 पर है। इसमें 22 पद हैं। मूल पद और उपलब्ध पुस्तक-स्रोत हिन्दी भावार्थ पढ़ें।

[पुस्तक की अनुक्रमणिका](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/) · [English](https://radhey.shreyam1008.com.np/en/prem-ras-madira/madhuri/m21/)

- [पद 1: अपनापन रखना, मेरे घनश्याम।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0988-m21-k001/)
- [पद 2: अलबेलो हमारो यार, प्रेम के बंधन में।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0989-m21-k002/)
- [पद 3: ओरे तोरे मन कपट खटाई री, जा जारे जारे हरजाई।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0990-m21-k003/)
- [पद 4: करन लागे मोहन अब चोरी।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0991-m21-k004/)
- [पद 5: छुवो जनि प्यारे!, मोहिं डर लागे।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0992-m21-k005/)
- [पद 6: तू भाये, तेरी प्रीति न भाये पिय।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0993-m21-k006/)
- [पद 7: तू भोरी भारी वारी-वारी जाय री, वारी बनवारी पै।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0994-m21-k007/)
- [पद 8: नथवारी तिहारी बलिहार, प्यारी छवि का कहनो।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0995-m21-k008/)
- [पद 9: नन्ददुलारे, राधा जू के प्यारे, प्राण हमारे,](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0996-m21-k009/)
- [पद 10: नन्दलाल प्यारे, यशुदा-दुलारे, नैनों के तारे,](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0997-m21-k010/)
- [पद 11: ना री जाने कछु रीति रसवारी री, अनारी वारी बनवारी।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0998-m21-k011/)
- [पद 12: निर्मोहिया सों नेहा लगाय, हाय! मैं लुटि गई री।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0999-m21-k012/)
- [पद 13: बलभ्रात सतावै दिन रात री, मात! री सुनु बात री।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1000-m21-k013/)
- [पद 14: वैदवा अनारी, नारी धर भरमावे रे।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1001-m21-k014/)
- [पद 15: भजु राधे गोविन्द घनश्याम रे, भजु मन श्री राधे॥](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1002-m21-k015/)
- [पद 16: भये मोहन सों नैना चार, अरी सुनु ओ सजनी।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1003-m21-k016/)
- [पद 17: मोहिं लीनो मोल बिनु दाम री, कामरी-वारे ने।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1004-m21-k017/)
- [पद 18: लिय फाँसी गले महँ डार, अब का सोच करे।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1005-m21-k018/)
- [पद 19: श्यामसुन्दर सों करिके प्यार, रही नहिं कतहूँ की।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1006-m21-k019/)
- [पद 20: श्यामसुन्दर हमारो यार, लखन को जिया ललके।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1007-m21-k020/)
- [पद 21: श्री राधे हमारी सरकार, फिकिर मोहिं काहे की।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1008-m21-k021/)
- [पद 22: सरस किशोरी, वयस कि थोरी, रति रस बोरी,](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-1009-m21-k022/)

यह अनौपचारिक, व्यक्तिगत और आंशिक संग्रह है।

मूल रचना: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज। पद और उपलब्ध हिन्दी भावार्थ प्रकाशित पुस्तक के उपलब्ध स्कैन से लिए गए हैं; ये कृत्रिम बुद्धिमत्ता से रचित पद या भावार्थ नहीं हैं। माधुरी और भक्ति चैलेंज के सजावटी चित्र Codex से बनाए गए हैं। वे मूल प्रकाशित पाठ, स्कैन और प्रकाशक के चित्रों से अलग हैं। पुस्तकालय के आवरण उपलब्ध PDF के आवरण/मूल पृष्ठ या प्रकाशक के प्रतिनिधि चित्र हैं; चित्र से संस्करण की समानता सिद्ध नहीं होती।

प्रकाशक के अनुसार प्रेम रस मदिरा में २१ माधुरियों में १,००८ पद हैं। संग्रह में उपलब्ध स्रोत-अभिलेखों की स्थायी पहचान सुरक्षित रखी गई है; संख्या के अंतर का समाधान अभी लंबित है। पाँच हिन्दी भावार्थ उपलब्ध नहीं हैं। हिन्दी भावार्थ पूरे पद का है। पाठ में स्कैन से लिप्यंतरण की त्रुटियाँ रह सकती हैं। यह पाठ पुनर्वितरण की अनुमति नहीं देता।

- [आधिकारिक पूर्ण साहित्य संग्रह](https://www.jkpliterature.org.in/)
- [लेखक का आधिकारिक परिचय](https://jagadgurukripalujimaharaj.org.in/)
- [प्रेम रस मदिरा: आधिकारिक पुस्तक विवरण](https://www.jkpliterature.org.in/products/prem-ras-madira-regular-size)
- [संस्करण और स्रोत प्रमाण](https://radhey.shreyam1008.com.np/content/provenance.json)
- [पुस्तकालय के आवरणों का स्रोत विवरण](https://radhey.shreyam1008.com.np/content/books/index.json)
- [स्रोत और पाठ-सुधार](https://radhey.shreyam1008.com.np/collection/)

मूल रचना की प्रथम प्रकाशन तिथि के उपलब्ध विवरण अलग हैं; इस संग्रह में उसका कोई एक निश्चित वर्ष नहीं माना गया है। अंग्रेज़ी संस्करण का अक्टूबर २००९ का प्रथम-संस्करण वर्ष मूल रचना के प्रथम प्रकाशन का वर्ष नहीं है।


![कमल, बांसुरी, वर्षा-मेघ, दीप, कुंज-पथ और राधा-कृष्ण को जोड़ती पुष्पमाला, रंगीन मोज़ेक जैसी कला में](https://radhey.shreyam1008.com.np/assets/madhuri/v2/21-prakirn.webp)

AI-generated decorative illustration; not an original book image or announcement poster.

