# प्रेम-माधुरी · प्रेम रस मदिरा

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जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेम रस मदिरा की 21 माधुरियों में प्रेम-माधुरी क्रमांक 6 पर है। इसमें 7 पद हैं। मूल पद और उपलब्ध पुस्तक-स्रोत हिन्दी भावार्थ पढ़ें।

[पुस्तक की अनुक्रमणिका](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/) · [English](https://radhey.shreyam1008.com.np/en/prem-ras-madira/madhuri/m06/)

- [पद 1: धन्य प्रेम गोपीजन त्रिभुवन,](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0262-m06-k001/)
- [पद 2: प्रीति की अति अटपट गति हाय।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0263-m06-k002/)
- [पद 3: प्रीति की, अति अड़बंगी रीत।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0264-m06-k003/)
- [पद 4: प्रीति की रीति न जाने कोय।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0265-m06-k004/)
- [पद 5: प्रीति सखि नागिनि सी बल खाय।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0266-m06-k005/)
- [पद 6: प्रेम बिनु ज्ञानी निपट गंमार।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0267-m06-k006/)
- [पद 7: बलि जाउँ प्रेम-रस-सार की।](https://radhey.shreyam1008.com.np/prem-ras-madira/pad/prm-0268-m06-k007/)

यह अनौपचारिक, व्यक्तिगत और आंशिक संग्रह है।

मूल रचना: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज। पद और उपलब्ध हिन्दी भावार्थ प्रकाशित पुस्तक के उपलब्ध स्कैन से लिए गए हैं; ये कृत्रिम बुद्धिमत्ता से रचित पद या भावार्थ नहीं हैं। माधुरी और भक्ति चैलेंज के सजावटी चित्र Codex से बनाए गए हैं। वे मूल प्रकाशित पाठ, स्कैन और प्रकाशक के चित्रों से अलग हैं। पुस्तकालय के आवरण उपलब्ध PDF के आवरण/मूल पृष्ठ या प्रकाशक के प्रतिनिधि चित्र हैं; चित्र से संस्करण की समानता सिद्ध नहीं होती।

प्रकाशक के अनुसार प्रेम रस मदिरा में २१ माधुरियों में १,००८ पद हैं। संग्रह में उपलब्ध स्रोत-अभिलेखों की स्थायी पहचान सुरक्षित रखी गई है; संख्या के अंतर का समाधान अभी लंबित है। पाँच हिन्दी भावार्थ उपलब्ध नहीं हैं। हिन्दी भावार्थ पूरे पद का है। पाठ में स्कैन से लिप्यंतरण की त्रुटियाँ रह सकती हैं। यह पाठ पुनर्वितरण की अनुमति नहीं देता।

- [आधिकारिक पूर्ण साहित्य संग्रह](https://www.jkpliterature.org.in/)
- [लेखक का आधिकारिक परिचय](https://jagadgurukripalujimaharaj.org.in/)
- [प्रेम रस मदिरा: आधिकारिक पुस्तक विवरण](https://www.jkpliterature.org.in/products/prem-ras-madira-regular-size)
- [संस्करण और स्रोत प्रमाण](https://radhey.shreyam1008.com.np/content/provenance.json)
- [पुस्तकालय के आवरणों का स्रोत विवरण](https://radhey.shreyam1008.com.np/content/books/index.json)
- [स्रोत और पाठ-सुधार](https://radhey.shreyam1008.com.np/collection/)

मूल रचना की प्रथम प्रकाशन तिथि के उपलब्ध विवरण अलग हैं; इस संग्रह में उसका कोई एक निश्चित वर्ष नहीं माना गया है। अंग्रेज़ी संस्करण का अक्टूबर २००९ का प्रथम-संस्करण वर्ष मूल रचना के प्रथम प्रकाशन का वर्ष नहीं है।


![स्वर्णिम जलधारा में दो बड़े गुलाबी कमल और पुष्पवृक्ष के नीचे बैठे राधा-कृष्ण, रंगीन काँच जैसी चमक में](https://radhey.shreyam1008.com.np/assets/madhuri/v2/06-prem.webp)

AI-generated decorative illustration; not an original book image or announcement poster.

