# राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे,

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Source ID: brm4-kirtan-015
Source collection: ब्रजरस माधुरी · भाग 4 · Braj Ras Madhuri · Part 4
Kind: kirtan
Original kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj.
Source kirtan number: 15
PDF source pages: 18–27
Printed source pages: 29–46

## मूल पाठ · Original source text

<a id="line-1"></a>(प्यारी प्यारी भोरी भारी . . .)  
<a id="line-2"></a>राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे,  
<a id="line-3"></a>राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे।  
<a id="line-4"></a>हरि गुरु दोनों में ही गोविन्द राधे,  
<a id="line-5"></a>दोनों स्वामी अरु दोनों दास बता दे।  
<a id="line-6"></a>गुरु से ही तत्त्वज्ञान गोविन्द राधे,  
<a id="line-7"></a>पुनि पुनि सुनि मन बुधि में बिठा दे।  
<a id="line-8"></a>तू तो माँगे शुद्ध मन गोविन्द राधे,  
<a id="line-9"></a>गुरु ही अशुद्ध मन शुद्ध करा दे।  
<a id="line-10"></a>तू तो है बनों का साथी गोविन्द राधे,  
<a id="line-11"></a>गुरु तो सदा सदा की बिगरी बना दे।  
<a id="line-12"></a>गुरु तो है माता सम गोविन्द राधे,  
<a id="line-13"></a>सुत को सजा के हरि गोद बिठा दे।  
<a id="line-14"></a>गुरु को बिठा दे उर गोविन्द राधे,  
<a id="line-15"></a>श्यामाश्याम अइहैं आपु गलबहियाँ दै।  
<a id="line-16"></a>हरि के अधीन जग गोविन्द राधे,  
<a id="line-17"></a>गुरु के अधीन हरि हरि ही बता दे।  
<a id="line-18"></a>हरि कृपा गुरु मिले गोविन्द राधे,  
<a id="line-19"></a>गुरु कृपा हरि मिले तत्त्व बता दे।  
<a id="line-20"></a>हरि चह गुरु सुख गोविन्द राधे,  
<a id="line-21"></a>गुरु चह हरि सुख तत्त्व बता दे।  
<a id="line-22"></a>हरि गुरु तनु दो हैं गोविन्द राधे,  
<a id="line-23"></a>पै भीतर दोऊ एक बता दे।  
<a id="line-24"></a>दाता दो ही हरि गुरु गोविन्द राधे,  
<a id="line-25"></a>शेष सब जग है भिखारी तोहिं का दे।  
<a id="line-26"></a>जग विद्यालय गोविन्द राधे,  
<a id="line-27"></a>संत पाठक शेष शिष्य बता दे।  
<a id="line-28"></a>हरि गुरु दोनों एक गोविन्द राधे,  
<a id="line-29"></a>स्वार्थ दृष्टि से है गुरु बड़ा ही बता दे।  
<a id="line-30"></a>गुरु सेवा हरि सेवा गोविन्द राधे,  
<a id="line-31"></a>दोनों ही हैं एक अस रसिक बता दे।  
<a id="line-32"></a>जापै हरि की कृपा हो गोविन्द राधे,  
<a id="line-33"></a>वाय जग वैभव रहित बना दे।  
<a id="line-34"></a>तीन बार वेद मधि गोविन्द राधे,  
<a id="line-35"></a>विधि ने कहा मन हरि में लगा दे।  
<a id="line-36"></a>सार उपनिषदों का गोविन्द राधे,  
<a id="line-37"></a>मन हरि गुरु में ही सदा को लगा दे।  
<a id="line-38"></a>हरि नाम नामी एक गोविन्द राधे,  
<a id="line-39"></a>यह विश्वास निज बुधि में बिठा दे।  
<a id="line-40"></a>हरि सब उर में हैं गोविन्द राधे,  
<a id="line-41"></a>यह मत वेद सम्मत है बता दे।  
<a id="line-42"></a>राधे नाम रस ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-43"></a>भगवान निज भगवत्ता भुला दे।  
<a id="line-44"></a>राधे नाम रस ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-45"></a>जितना पिओ प्यास उतनी बढ़ा दे।  
<a id="line-46"></a>राधे नाम रस ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-47"></a>भगवान शिव को शिवानी बना दे।  
<a id="line-48"></a>राधे नाम रस ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-49"></a>ब्रह्म को भी प्रेम भिखारी बना दे।  
<a id="line-50"></a>राधे नाम रस ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-51"></a>सर्वज्ञ ब्रह्म को भी अज्ञ बना दे।  
<a id="line-52"></a>राधे नाम रस ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-53"></a>आनन्द ब्रह्म को भी रोना सिखा दे।  
<a id="line-54"></a>राधे नाम रस ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-55"></a>भवानी बानी को नौकरानी बना दे।  
<a id="line-56"></a>हरि के थे चार वर्ण गोविन्द राधे,  
<a id="line-57"></a>नर ने बनाये लाखों वर्ण क्‍यों बता दे।  
<a id="line-58"></a>मन सा न मीत कोउ गोविन्द राधे,  
<a id="line-59"></a>जग से हटा के हरि गुरु में लगा दे।  
<a id="line-60"></a>'गा' को लगा के मन गोविन्द राधे,  
<a id="line-61"></a>पिछला बिगारा अब 'गा' को हटा दे।  
<a id="line-62"></a>अभी भजु अभी भजु गोविन्द राधे,  
<a id="line-63"></a>जाने कब काल तेरा टिकट कटा दे।  
<a id="line-64"></a>हरि मिट्टी जग घट गोविन्द राधे,  
<a id="line-65"></a>जग घट की है आदि अंत बता दे।  
<a id="line-66"></a>निराकार ब्रह्म मिट्टी गोविन्द राधे,  
<a id="line-67"></a>साकार ब्रह्म कृष्ण हीरा बता दे।  
<a id="line-68"></a>तीनों तजु सातों तजु गोविन्द राधे,  
<a id="line-69"></a>ग्यारहवें में ग्यारहों को लगा दे।  
<a id="line-70"></a>चार लुटेरे लूटें गोविन्द राधे,  
<a id="line-71"></a>इनते बचे तो पाँचवाँ रस चाखे।  
<a id="line-72"></a>एक पति दस सौतें गोविन्द राधे,  
<a id="line-73"></a>निज निज ओर खींचि भुर्ता बना दे।  
<a id="line-74"></a>हरि नित उर रह गोविन्द राधे,  
<a id="line-75"></a>मूढ़ ढूँढ़े चारों धाम काहे बता दे।  
<a id="line-76"></a>एक क्षण का कुसंग गोविन्द राधे,  
<a id="line-77"></a>पचास आगे दो शून्य बढ़ा दे।  
<a id="line-78"></a>चार वृक्ष चार फल गोविन्द राधे,  
<a id="line-79"></a>जो फल खाना चाहे सोई लगा दे।  
<a id="line-80"></a>जो भी आय जाय गोविन्द राधे,  
<a id="line-81"></a>कोई कमा के जाय कोई गवाँ दे ।  
<a id="line-82"></a>अंत मति सोइ गति गोविन्द राधे,  
<a id="line-83"></a>याते छिन छिन मन हरि में लगा दे।  
<a id="line-84"></a>हरि गुरु में ही नित गोविन्द राधे,  
<a id="line-85"></a>तन मन धन इन तीनों को लगा दे।  
<a id="line-86"></a>तन धन न हो जो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-87"></a>मन से ही हरि गुरु स्मरण करा दे।  
<a id="line-88"></a>विज्ञ अज्ञ पावें लक्ष्य गोविन्द राधे,  
<a id="line-89"></a>अल्पज्ञ को तो अभिमान गिरा दे।  
<a id="line-90"></a>तुम भी मोहिं भूलो नहिं गोविन्द राधे,  
<a id="line-91"></a>मैं भी तोहिं भूलूँ नहिं ऐसी बना दे।  
<a id="line-92"></a>स्वामी सखा सुत पति गोविन्द राधे,  
<a id="line-93"></a>चार चार नाते तोसों कोई तो निभा दे।  
<a id="line-94"></a>तेरे मेरे मिलन में गोविन्द राधे,  
<a id="line-95"></a>बाधा तेरी माया वाय सदा को भगा दे।  
<a id="line-96"></a>तू ही मेरा मैं भी तेरा गोविन्द राधे,  
<a id="line-97"></a>बीच में है माया वाय मारि भगा दे।  
<a id="line-98"></a>मैं भी तेरा मेरा तेरा गोविन्द राधे,  
<a id="line-99"></a>जनम जनम का भिखारी तोहिं का दे।  
<a id="line-100"></a>सुख के भिखारी सब गोविन्द राधे,  
<a id="line-101"></a>तू ही इक सुखदाता दे चाहे ना दे।  
<a id="line-102"></a>पिछला बिगारा मैंने गोविन्द राधे,  
<a id="line-103"></a>अगला अकारण कृपा ते बना दे।  
<a id="line-104"></a>शरण शरण तेरी गोविन्द राधे,  
<a id="line-105"></a>प्यार करे चाहे पग ठुकरा दे।  
<a id="line-106"></a>तेरा पर्दा योगमाया गोविन्द राधे,  
<a id="line-107"></a>मेरा पर्दा माया दोनों पर्दा उठा दे।  
<a id="line-108"></a>तेरा तन भी है काला गोविन्द राधे,  
<a id="line-109"></a>मेरा मन भी है काला जोरी बना दे।  
<a id="line-110"></a>मदनहूँ मोहा तूने गोविन्द राधे,  
<a id="line-111"></a>मैं तो मानूँ तब मोहिं मोहि के दिखा दे।  
<a id="line-112"></a>जो तू माँगे शुद्ध मन गोविन्द राधे,  
<a id="line-113"></a>नाम पतितपावन भी हटा दे।  
<a id="line-114"></a>तू तो बिनु कारण गोविन्द राधे,  
<a id="line-115"></a>भक्ति आदि साधना का नियम हटा दे।  
<a id="line-116"></a>इतनी तो कृपा करु गोविन्द राधे,  
<a id="line-117"></a>आते जाते मेरी ओर लखि मुस्कुरा दे।  
<a id="line-118"></a>भुक्ति मुक्ति माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,  
<a id="line-119"></a>गरबाँही दै के टुक झलक दिखा दे।  
<a id="line-120"></a>उर में तो रह नित गोविन्द राधे,  
<a id="line-121"></a>बाहर आके टुक झलक दिखा दे।  
<a id="line-122"></a>उर में तो रह नित गोविन्द राधे,  
<a id="line-123"></a>बाहर आने में लाज क्‍या बता दे।  
<a id="line-124"></a>बिनु पूछे चोरी चोरी गोविन्द राधे,  
<a id="line-125"></a>मेरे उर रह औ किराया भी ना दे।  
<a id="line-126"></a>और कछु दे या ना दे गोविन्द राधे,  
<a id="line-127"></a>तेरा सुख चाहने की चाह बढ़ा दे।  
<a id="line-128"></a>जो भी दै के सुख पाये गोविन्द राधे,  
<a id="line-129"></a>सोई दे दे और कछु ना दे ना दे ना दे।  
<a id="line-130"></a>जहाँ रहूँ जैसे रहूँ गोविन्द राधे,  
<a id="line-131"></a>तेरा सुख सोचूँ करूँ और को भुला दे।  
<a id="line-132"></a>कुछ भी ना देना हो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-133"></a>आके दोनों हाथों से अँगुठा दिखा दे।  
<a id="line-134"></a>कुछ भी ना देना हो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-135"></a>आके दूँगा दूँगा कहि धैर्य दिला दे।  
<a id="line-136"></a>दासी मारे सुत कहँ गोविन्द राधे,  
<a id="line-137"></a>माँ बैठी देखे कैसी माँ है बता दे।  
<a id="line-138"></a>तेरी माया ने भुलाया गोविन्द राधे,  
<a id="line-139"></a>याते तोहिं भूला मेरा दोष का बता दे।  
<a id="line-140"></a>गर्त गिरा रोये सुत गोविन्द राधे,  
<a id="line-141"></a>पिता बैठे देखे कैसा पिता है बता दे।  
<a id="line-142"></a>मैं भी तेरा मेरा तेरा गोविन्द राधे,  
<a id="line-143"></a>मेरा यदि कछु भी है नाम बता दे।  
<a id="line-144"></a>जग कामना मिटे ना गोविन्द राधे,  
<a id="line-145"></a>जग शब्द को मिटा दे श्याम लिखा दे।  
<a id="line-146"></a>जग भोग विष सम गोविन्द राधे,  
<a id="line-147"></a>हरि नाम मोहन भेद बता दे।  
<a id="line-148"></a>अपनी न माने तो भी गोविन्द राधे,  
<a id="line-149"></a>झूठमूठ ही निज हाथ को हिला दे।  
<a id="line-150"></a>बुरी भी लगूँ जो मैं गोविन्द राधे,  
<a id="line-151"></a>मेरी ओर लखि निज मुख बिचका दे।  
<a id="line-152"></a>मैंने ही दिया है तोहिं गोविन्द राधे,  
<a id="line-153"></a>नाम पतितपावन न भुला दे।  
<a id="line-154"></a>मेरे पापों से डरे जो गोविन्द राधे,  
<a id="line-155"></a>नाम पतितपावन क्‍यों बता दे।  
<a id="line-156"></a>माना मैं पतित सुत गोविन्द राधे,  
<a id="line-157"></a>पूतना ते बड़ क्‍या मैं पतित बता दे।  
<a id="line-158"></a>जानता हूँ तू ही मेरा गोविन्द राधे,  
<a id="line-159"></a>पै मन माने नहिं याय मनवा दे।  
<a id="line-160"></a>तोको कभू देखा नहिं गोविन्द राधे,  
<a id="line-161"></a>ध्यान करूँ मैं कैसे झलक दिखा दे।  
<a id="line-162"></a>मन मनमानी करे गोविन्द राधे,  
<a id="line-163"></a>झलक दिखा के याय बंदी बना दे।  
<a id="line-164"></a>मेरा मन चंचल गोविन्द राधे,  
<a id="line-165"></a>तू तो अति चंचल जोरी बना दे।  
<a id="line-166"></a>मेरा मन त्रिगुणी है गोविन्द राधे,  
<a id="line-167"></a>तू भी तो त्रिभंगी जोरी बना दे।  
<a id="line-168"></a>मन मृगजल माँगे गोविन्द राधे,  
<a id="line-169"></a>याय निज प्रेमसिन्धु मध्य डुबा दे।  
<a id="line-170"></a>ग्राह ते बचाया गज गोविन्द राधे,  
<a id="line-171"></a>निज सुत को भी माया ग्राह ते बचा दे।  
<a id="line-172"></a>तू तो जग मोहन गोविन्द राधे,  
<a id="line-173"></a>मैं तो तब मानूँ मोहिं मोहि के दिखा दे।  
<a id="line-174"></a>डर को डराने वाले गोविन्द राधे,  
<a id="line-175"></a>डरि गये मेरे पाप से क्‍यों बता दे।  
<a id="line-176"></a>तेरा रूपध्यान करि गोविन्द राधे,  
<a id="line-177"></a>निष्काम आँसू बहाना सिखा दे।  
<a id="line-178"></a>जग हित रोता रहा गोविन्द राधे,  
<a id="line-179"></a>गोपी गीत जैसा रोना गाना सिखा दे।  
<a id="line-180"></a>और कछु माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,  
<a id="line-181"></a>साधना में मेरा रूपध्यान करवा दे।  
<a id="line-182"></a>ऐसी वेदना दे दे गोविन्द राधे,  
<a id="line-183"></a>जो तोहिं मिलने को विवश करा दे।  
<a id="line-184"></a>जग राग रावण गोविन्द राधे,  
<a id="line-185"></a>हरिभक्ति अग्नि बाण द्वारा जला दे।  
<a id="line-186"></a>और कछु माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,  
<a id="line-187"></a>जग चिन्तन नौ दो ग्यारह करा दे।  
<a id="line-188"></a>दर्शन दे या ना दे गोविन्द राधे,  
<a id="line-189"></a>दर्शन हित नित रोना सिखा दे।  
<a id="line-190"></a>दर्शन दे या ना दे गोविन्द राधे,  
<a id="line-191"></a>दर्शन की व्याकुलता बढ़ा दे।  
<a id="line-192"></a>दरस ना देना हो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-193"></a>साफ साफ आके मेरे सामने बता दे।  
<a id="line-194"></a>कब दोगे दर्शन गोविन्द राधे,  
<a id="line-195"></a>आके चोरी चोरी मेरे कान में बता दे।  
<a id="line-196"></a>तेरे दर्शन बिन गोविन्द राधे,  
<a id="line-197"></a>मेरा पल पल जनु कलप बना दे।  
<a id="line-198"></a>आये अथवा ना आये गोविन्द राधे,  
<a id="line-199"></a>योगमाया लगा दे माया को भगा दे।  
<a id="line-200"></a>मायापुर पाया दुःख गोविन्द राधे,  
<a id="line-201"></a>कोई कृपा करि कान्हपुर पहुँचा दे।  
<a id="line-202"></a>यदि कछु देना ना हो गोविन्द राधे,  
<a id="line-203"></a>यह बात मेरे सामने आ बता दे।  
<a id="line-204"></a>जो ना आये सामने तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-205"></a>चरण कमल की झलक दिखा दे।  
<a id="line-206"></a>चरण दिखाये जो ना गोविन्द राधे,  
<a id="line-207"></a>मीठी मीठी मुरली की तान सुना दे।  
<a id="line-208"></a>तानहूँ सुनावे जो न गोविन्द राधे,  
<a id="line-209"></a>गोपीगीत जैसा मोहिं गीत सिखा दे।  
<a id="line-210"></a>यदि अधिकारी मैं ना गोविन्द राधे,  
<a id="line-211"></a>मेरे उर काहे रह यह तो बता दे।  
<a id="line-212"></a>मेरा बोलना बुरा तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-213"></a>आके मेरा मुख पीतपट से बँधा दे।  
<a id="line-214"></a>मुख खोलने का डर गोविन्द राधे,  
<a id="line-215"></a>हो तो प्यारी चुनरी से कर को बँधा दे।  
<a id="line-216"></a>लेना काम देना प्रेम गोविन्द राधे,  
<a id="line-217"></a>लेना देना दोनों व्यापार बता दे।  
<a id="line-218"></a>कामना भगाओ जनि गोविन्द राधे,  
<a id="line-219"></a>जग कामना को हरि कामना बना दे।  
<a id="line-220"></a>रिद्धि सिद्धि निधि ना दे गोविन्द राधे,  
<a id="line-221"></a>गोपीजन जैसा गोपी प्रेम दिला दे।  
<a id="line-222"></a>सोई पढ़ो सोई सुनो गोविन्द राधे,  
<a id="line-223"></a>जो तेरा कृष्ण प्रेम और बढ़ा दे।  
<a id="line-224"></a>हरि भजें भक्तन गोविन्द राधे,  
<a id="line-225"></a>भक्त भजें हरि विधि बुधि भरमा दे।  
<a id="line-226"></a>कर्म योग ज्ञान आदि गोविन्द राधे,  
<a id="line-227"></a>भक्ति आगे माँगे भीख फल तो दिला दे।  
<a id="line-228"></a>कर्म योग ज्ञान तीनों गोविन्द राधे,  
<a id="line-229"></a>स्वर्ग सिद्धि आत्मज्ञान क्रम ते दिला दे।  
<a id="line-230"></a>कर्म योग ज्ञान क्‍या हैं गोविन्द राधे,  
<a id="line-231"></a>भक्ति महादेवी भगवान को झुका दे।  
<a id="line-232"></a>प्रेम के अधीन हरि गोविन्द राधे,  
<a id="line-233"></a>हरि के अधीन ज्ञान आदि हैं बता दे।  
<a id="line-234"></a>चौथा पाँचवाँ ना दे गोविन्द राधे,  
<a id="line-235"></a>देना है तो सीधे सीधे पहला दिला दे।  
<a id="line-236"></a>कर्मी योगी ज्ञानी गोविन्द राधे,  
<a id="line-237"></a>कृष्ण प्रेमी ही है निष्काम बता दे।  
<a id="line-238"></a>ज्ञानी कहे सोऽहं सोऽहं गोविन्द राधे,  
<a id="line-239"></a>भक्त कहे ना ना पाछे 'दा' भी लगा दे।  
<a id="line-240"></a>कृष्ण भक्ति युक्त हो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-241"></a>श्वपच भी बोले जो तो शीश झुका दे।  
<a id="line-242"></a>कृष्ण भक्ति युक्त हो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-243"></a>शिशु भी बोले जो तो शीश झुका दे।  
<a id="line-244"></a>भक्ति की शक्ति देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-245"></a>भगवान की भी भगवत्ता भुला दे।  
<a id="line-246"></a>जो था ईश्वरेश्वर गोविन्द राधे,  
<a id="line-247"></a>भक्ति वाय दासानुदास बना दे।  
<a id="line-248"></a>प्रेम सुधा का जो गोविन्द राधे,  
<a id="line-249"></a>अधिकारी ना हो तो अधिकारी बना दे।  
<a id="line-250"></a>अधिकारी बनाने को गोविन्द राधे,  
<a id="line-251"></a>एक बार निज बाँकी झाँकी दिखा दे।  
<a id="line-252"></a>झाँकी दिखाये ना तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-253"></a>एक बार मुरली की तान सुना दे।  
<a id="line-254"></a>पुरुषोत्तम राम गोविन्द राधे,  
<a id="line-255"></a>वाय शबरी जूठे बेर खिला दे।  
<a id="line-256"></a>तेरा चोरी जारी दोष गोविन्द राधे,  
<a id="line-257"></a>जग को बताऊँ ना जो दरस दिखा दे।  
<a id="line-258"></a>ऊखल बद्ध ब्रह्मा गोविन्द राधे,  
<a id="line-259"></a>रो के कहे मोहिं मुक्त करा दे।  
<a id="line-260"></a>सबसे बड़ा है हरि गोविन्द राधे,  
<a id="line-261"></a>दिव्य प्रेम हरि को भी छोटा बना दे।  
<a id="line-262"></a>प्रेम की अनेक विधि गोविन्द राधे,  
<a id="line-263"></a>मोको ब्रजगोपियों का प्रेम दिला दे।  
<a id="line-264"></a>आत्माराम श्याम को भी गोविन्द राधे,  
<a id="line-265"></a>गोपी प्रेम ऐसा गोपीराम बना दे।  
<a id="line-266"></a>गोपी प्रेम को तो देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-267"></a>जग को नचाने वाले को भी नचा दे।  
<a id="line-268"></a>जग को नचावें हरि गोविन्द राधे,  
<a id="line-269"></a>गोपीप्रेम हरि को भी ताली पै नचा दे।  
<a id="line-270"></a>जेहि माया जग नाचे गोविन्द राधे,  
<a id="line-271"></a>वाय अँगूठा छाप गोपी नचा दे।  
<a id="line-272"></a>प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-273"></a>जगत पिता को नन्दपूत बना दे।  
<a id="line-274"></a>प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-275"></a>माँ की गोद हित सुखघन को रुला दे।  
<a id="line-276"></a>प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-277"></a>सर्वज्ञ को भी ब्रज अज्ञ बना दे।  
<a id="line-278"></a>प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-279"></a>ब्रह्म को सखाओं का घोड़ा बना दे।  
<a id="line-280"></a>प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-281"></a>यशुदा की साँटी महाकाल को डरा दे।  
<a id="line-282"></a>प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,  
<a id="line-283"></a>ब्रह्म को भी ग्वाल जूठे कौर खिला दे।  
<a id="line-284"></a>चल मन वृंदावन गोविन्द राधे,  
<a id="line-285"></a>वहाँ कोई प्रेम मंदिर है दिखा दे।  
<a id="line-286"></a>प्रेम मंदिर ऐसा गोविन्द राधे,  
<a id="line-287"></a>सीता राम राधे श्याम संग दिखा दे।  
<a id="line-288"></a>प्रेम मंदिर वाले गोविन्द राधे,  
<a id="line-289"></a>दिव्य गोपियों से दिव्य प्रेम दिला दे।  
<a id="line-290"></a>मैं तो तेरा नित्य दास गोविन्द राधे,  
<a id="line-291"></a>दास यदि माँगे व्यापारी बता दे।  
<a id="line-292"></a>और कछु माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,  
<a id="line-293"></a>तेरे सुख को ही सुख मानना सिखा दे।  
<a id="line-294"></a>कुसुम सरोवर गोविन्द राधे,  
<a id="line-295"></a>श्यामा श्याम लीला धाम रसिक बता दे।  
<a id="line-296"></a>कृष्णभक्ति हीन हो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-297"></a>ब्रह्मा भी बोले जो तो मुँह बिचका दे।  
<a id="line-298"></a>कृष्णभक्ति हीन हो तो गोविन्द राधे,  
<a id="line-299"></a>जो भी कोई बोले वाय डाँटि भगा दे।  
<a id="line-300"></a>भुक्ति मुक्ति डाकिनी गोविन्द राधे,  
<a id="line-301"></a>इनसे बचे जो सोइ प्रेमी बता दे।  
<a id="line-302"></a>तू भी बड़ा चंचल गोविन्द राधे,  
<a id="line-303"></a>मेरा मन चंचल दोनों को लड़ा दे।  
<a id="line-304"></a>सब के ही उर रह गोविन्द राधे,  
<a id="line-305"></a>यह विश्वास मेरे उर में बिठा दे।  
<a id="line-306"></a>सब उर भी है व्यापक भी है राधे,  
<a id="line-307"></a>गोलोक भी है सच क्‍या है बता दे।  
<a id="line-308"></a>राधे कहे श्याम भजो, श्याम कहे राधे,  
<a id="line-309"></a>मेरी मानो भजो नित तुम श्याम राधे।  
<a id="line-310"></a>जो न बोले कीर्तन गोविन्द राधे,  
<a id="line-311"></a>अगले जनम हरि गूँगा बना दे।  
<a id="line-312"></a>राधे भजें गोविन्द गोविन्द राधे,  
<a id="line-313"></a>हम बड़ भागी भजें गोविन्द राधे।  
<a id="line-314"></a>राधे बिनु श्याम आधे श्याम बिनु राधे,  
<a id="line-315"></a>चाहे कहु श्याम या ‘कृपालु’ कहु राधे॥

## Source meanings

Hindi meaning: Unavailable in this source transcription.
English meaning: Unavailable in this source transcription. English navigation is not a translation.

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