# तू नहिं मोरी मैया, मैया मैया मैया।

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

Source ID: native-yugal-shatak-2005:yugal-shatak-2005-kirtan-027
Canonical page: https://radhey.shreyam1008.com.np/read/yugal-shatak-2005/yugal-shatak-2005-kirtan-027/
Book: Yugal Shatak
Source edition: 17-hi-2005; SHA-256 65e97712a464ad9a811875abe92d7ad166ef58f82c9b675cf4d010c1c940a7f7
Source PDF pages: 67–69



<a id="line-1"></a>तू नहिं मोरी मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-2"></a>यशुमति सों अस कहत कन्हैया,  
<a id="line-3"></a>अब न कहौं तोहिँ मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-4"></a>मोहिं किय कारो गोरो भैया,  
<a id="line-5"></a>किय दुभाँति कत मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-6"></a>आपु कहत कारो मोहिं भैया,  
<a id="line-7"></a>सखहुँ सिखावत मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-8"></a>सखन करत हाँसी सँग भैया,  
<a id="line-9"></a>मोहिं रुवावत मैया, मैया मैया मैया।

<a id="line-10"></a>सब कह गोरो तेरो भैया,  
<a id="line-11"></a>गोरो बाबा मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-12"></a>पायो परो कतहुँ कह भैया,  
<a id="line-13"></a>मम उर संशय मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-14"></a>अबहूँ करि दे कारो भैया,  
<a id="line-15"></a>मोहिं गोरो करु मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-16"></a>जनि रोवहु धरु धीर कन्हैया,  
<a id="line-17"></a>““करि दूँगी,, कह मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-18"></a>उर “कृपालु” चिपटाय कन्हैया,  
<a id="line-19"></a>तू मम सुत कह मैया, मैया मैया मैया।

Published Hindi meaning — सुश्री ब्रजकुंजरी देवी

<a id="line-20"></a>भावार्थ—श्रीकृष्ण माता यशोदा से कहते हैं-अरी मैया! तू  
<a id="line-21"></a>मेरी मैया नहीं है। मैं अब तुझसे मैया कहकर नहीं बोलूँगा। तूने  
<a id="line-22"></a>बलदाऊ भैया को तो गोरा बना दिया, मुझे काला बनाया यह दो  
<a id="line-23"></a>प्रकार का व्यवहार तुमने क्यों किया? अरी मैया! दाऊ भैया स्वयं  
<a id="line-24"></a>तो मुझे काला काला कहकर चिढ़ाते ही हैं साथ ही ग्वाल बालों  
<a id="line-25"></a>को भी सिखा देते हैं। सारे सखा दाऊ भैया के साथ मिलकर मेरी  
<a id="line-26"></a>हँसी उड़ाते हैं, मुझे रुलाते हैं। बालकृष्ण पुनः यशोदा से कहते हैं  
<a id="line-27"></a>कि ग्वाल बाल मुझसे कहते हैं- तुम्हारे भैया बलदाऊ तो गोरे हैं  
<a id="line-28"></a>नंद एवं यशोदा भी गौर वर्ण के हैं, तुम काले कैसे हो गये? दाऊ  
<a id="line-29"></a>भैया मुझसे कहते हैं कि तुमको मैया ने जन्म नहीं दिया है कहीं  
<a id="line-30"></a>पड़ा पाया है। दाऊ भैया की बात सुनकर मुझे भी संदेह हो जाता  
<a id="line-31"></a>है कि कदाचित् दाऊ भैया ही सत्य कहते हैं। मैं तुम्हारा पुत्र नहीं  
<a id="line-32"></a>हूँ। पुनः बालकृष्ण अपनी माता से हठ करते हैं- मैया! तुम दाऊ

Published Hindi meaning — सुश्री ब्रजकुंजरी देवी

<a id="line-33"></a>भैया को अभी-ही काला और मुझे गोरा बना दो। वात्सल्यमयी  
<a id="line-34"></a>यशोदा ने अपने लाड़ले की भोली बातें सुनीं और कहने लगीं-  
<a id="line-35"></a>मेरे कान्हा! धैर्य धारण करो। रोओ मत। मैं अभी ही दाऊ को  
<a id="line-36"></a>काला और तुम्हें गोरा बना दूँगी। श्री कृपालुजी कहते हैं- यशोदा  
<a id="line-37"></a>ने कृष्ण को हृदय से लगा लिया और उन्हें सान्त्वना देने लगीं।  
<a id="line-38"></a>यशोदा कहती हैं- हे कन्हैया! तू ही मेरा पुत्र है।

Native Hindi songs and published Hindi explanations from the supplied 2005 edition. The older image-only Yugal Shatak scan remains a separate source. Supplied edition: Third edition, Sharad Purnima, 17 October 2005. Published explanation: सुश्री ब्रजकुंजरी देवी.

[Previous](https://radhey.shreyam1008.com.np/read/yugal-shatak-2005/yugal-shatak-2005-kirtan-026/) · [Next](https://radhey.shreyam1008.com.np/read/yugal-shatak-2005/yugal-shatak-2005-kirtan-028/)

[Book contents](https://radhey.shreyam1008.com.np/read/yugal-shatak-2005/) · [Source editions and protected PDF](https://radhey.shreyam1008.com.np/books/yugal-shatak/)

Unofficial source transcription. Roman transliteration is not an English translation. No missing meanings are generated.
