# चलहु अंत कहुँ मैया, मैया मैया मैया।

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

Source ID: native-yugal-ras-2005:yugal-ras-2005-kirtan-050
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Book: Yugal Ras
Source edition: 16-hi-2005; SHA-256 4bb470b1f96249e40eb21d96cd2bb6b8eec203f5ed370df4843197140ad5ea16
Source PDF pages: 110–112



<a id="line-1"></a>चलहु अंत कहुँ मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-2"></a>ये ऐसी ब्रज ग्वालिनि मैया,  
<a id="line-3"></a>जैसी नहिं कहुँ मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-4"></a>इनने कीन्हीं अति अति मैया,  
<a id="line-5"></a>सहि न जाय अब मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-6"></a>मीठी बोल बुलावति मैया,  
<a id="line-7"></a>मो भोरो कहँ मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-8"></a>जो न जाउँ तो सौंहें मैया,  
<a id="line-9"></a>तोर खवावति मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-10"></a>जो जाऊँ तो सब मिलि मैया,  
<a id="line-11"></a>भेंटति पुनि पुनि मैया, मैया मैया मैया।

<a id="line-12"></a>पुनि सब एक संग मिलि मैया,  
<a id="line-13"></a>मम मुख चूमति मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-14"></a>ये दस बीस पचास न मैया,  
<a id="line-15"></a>लख लख ग्वालिनि मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-16"></a>चहुँ दिशि घेरि कहति सब मैया,  
<a id="line-17"></a>नेकु नाचि दे मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-18"></a>पुनि खींचति निज निज ढिग मैया,  
<a id="line-19"></a>कहति चलहु घर मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-20"></a>मम घर मम घर मम घर मैया,  
<a id="line-21"></a>कह इक संग सब मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-22"></a>पुनि चितचोर कहत सब मैया,  
<a id="line-23"></a>चित काको कह मैया, मैया मैया मैया।  
<a id="line-24"></a>कह “कृपालु” यह भोरो मैया,  
<a id="line-25"></a>चितहुँ न जानत मैया, मैया मैया मैया॥

Published Hindi meaning — सुश्री ब्रजकुंजरी देवी

<a id="line-26"></a>भावार्थ—बालकृष्ण माता यशोदा से बाल सुलभ भाषा  
<a id="line-27"></a>में कह रहे हैं- अरी मैया! अब तुम मुझे लेकर कहीं ब्रज से  
<a id="line-28"></a>बाहर चलो। मैया! ब्रज-गोपियों से मैं बहुत दुःखी हो गया हूँ।  
<a id="line-29"></a>ऐसी स्त्रियाँ तो संसार में कहीं भी नहीं होंगी। अब तो इन्होंने  
<a id="line-30"></a>अति ही कर दी। मैं तो अब इनसे तंग आ गया हूँ। इनके  
<a id="line-31"></a>उत्पातों को सहन करना अब मेरी सामर्थ्य से बाहर है, मैं तो  
<a id="line-32"></a>भोला भाला हूँ। प्रथम ये मुझे मधुर वाणी में अपने घर बुलाती  
<a id="line-33"></a>हैं। यदि मैं नहीं जाता हूँ तो तुम्हारी सौगंध खिला देती हैं। यदि  
<a id="line-34"></a>चला जाता हूँ तो सब मिलकर पुनः मुझे अपने हृदय से लगाती  
<a id="line-35"></a>हैं, फिर सब एक साथ मिलकर मेरा मुख चूम लेती हैं। ये दस,

Published Hindi meaning — सुश्री ब्रजकुंजरी देवी

<a id="line-36"></a>बीस, पचास नहीं हैं लाखों हैं। मुझे चारों दिशाओं से घेरकर  
<a id="line-37"></a>कहती हैं- कन्हैया तनिक नाच कर दिखा दो। फिर सब अपनी  
<a id="line-38"></a>अपनी ओर खींचती हुई घर ले जाने को कहती हैं। सभी गोपियाँ  
<a id="line-39"></a>एक साथ ही-“ मेरे घर चलो” “मेरे घर चलो” कहती हुई मुझे  
<a id="line-40"></a>तंग करती हैं। फिर सब मुझसे कहती हैं कि तुम चितचोर हो।  
<a id="line-41"></a>मैया चित्त किसको कहते हैं?“कृपालु”माता यशोदा से कहते  
<a id="line-42"></a>हैं- मैया! तुम्हारा लाल अत्यन्त भोला है। यह तो चित्त किसे  
<a id="line-43"></a>कहते हैं- यह भी नहीं जानता।

Native Hindi songs and published Hindi explanations from the supplied 2005 edition. The older image-only Yugal Ras scan is a separate source, not the scan transcribed here. Supplied edition: Fourth edition, Sharad Purnima, 17 October 2005. Published explanation: सुश्री ब्रजकुंजरी देवी.

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Unofficial source transcription. Roman transliteration is not an English translation. No missing meanings are generated.
