# राधे राधे, राधे राधे, राधे राधे, राधे राधे।

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

Source ID: native-yugal-madhuri:yugal-madhuri-kirtan-019
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Book: Yugal Madhuri
Source edition: 15; SHA-256 edbd8af6e10610f9dcfc1e9582e196356f2be501a7bc9a35c2a779a02df25503
Source PDF pages: 63–74



<a id="line-1"></a>राधे राधे, राधे राधे, राधे राधे, राधे राधे।  
<a id="line-2"></a>राधे राधे, राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,  
<a id="line-3"></a>राधे राधे राधे राधे।  
<a id="line-4"></a>प्यारी राधे, प्यारी राधे, प्यारी राधे प्यारी राधे।  
<a id="line-5"></a>आजा राधे, आजा राधे, आजा राधे, आजा राधे।  
<a id="line-6"></a>बहुत तरसा अब न तरसा, मान भी जा राधे।  
<a id="line-7"></a>को बुला सक तोहिं त्रिभुवन, आ कृपा करि राधे।  
<a id="line-8"></a>दूर ते आना न तोय आ, उर ते बाहर राधे।  
<a id="line-9"></a>जो न आवे, तो बता दे, आके सन्मुख राधे।  
<a id="line-10"></a>तू जो आये बिनु बुलाये, आये पिय भी राधे।  
<a id="line-11"></a>जा बुला ला, जा बुला ला, जा बुला ला, लाला राधे।  
<a id="line-12"></a>बिनु बुलाये आयें लाला, जो भी बोेले राधे।

<a id="line-13"></a>राधे का “रा” कहत मुर्छित, कहि न सक पिय राधे।  
<a id="line-14"></a>श्याम बलि बलि जायँ वा पै, नाम ले जो राधे।  
<a id="line-15"></a>वाके पाछे चलत पिय जो, नाम गावत राधे।  
<a id="line-16"></a>चोरी चोरी चित्त चोरी, हरिहुँ को री राधे।  
<a id="line-17"></a>मदन मोहन विश्व मोहन, वाउ मोहिनि राधे।  
<a id="line-18"></a>राधे राधे बोल सुनि तहँ, आवें भजि हरि राधे।  
<a id="line-19"></a>मुकुट रमनी रमन कमनी, हंस गमनी राधे।  
<a id="line-20"></a>श्यामसुन्दर गिरत छिति पर, लखत तव छवि राधे।  
<a id="line-21"></a>आत्मा की आत्मा की, आत्मा तू राधे।  
<a id="line-22"></a>ईश्वरों की ईश्वरी तू, वेद अस कह राधे।  
<a id="line-23"></a>भुवन ईश्वर श्याम श्यामहुँ, ईश्वरी हैं राधे।  
<a id="line-24"></a>ब्रह्म को कह पूर्ण श्रुति पै, आधे रह बिनु राधे।  
<a id="line-25"></a>ब्रह्म तो गुणहीन ही था, सगुण किये तेहिं राधे।  
<a id="line-26"></a>ब्रह्म तो नीरूप ही था, रूप दिये तेहिं राधे।  
<a id="line-27"></a>ब्रह्म तो रस रूप ही था, रसिक किये तेहिं राधे।  
<a id="line-28"></a>तू है ह्लादिनि सार की भी, सार मादन राधे।  
<a id="line-29"></a>जग विमोहन मोहनहुँ मन, मोहिनी तू राधे।  
<a id="line-30"></a>जो नचावे सकल जग कहँ, तेहि नचावें राधे।  
<a id="line-31"></a>जासु किंकर, ब्रह्मा शंकर, सोउ किंकर राधे।

<a id="line-32"></a>भूलें पिय सब सिट्टी पिट्टी, मानिनी लखि राधे।  
<a id="line-33"></a>भूलें नैनन सैन निज पिय, लखत सैनन राधे।  
<a id="line-34"></a>कृष्ण पायो रास रस जब, आइ ब्रज तू राधे।  
<a id="line-35"></a>दें बुहारी नित्य प्रियतम, रास कर जहँ राधे।  
<a id="line-36"></a>रास महँ जब जायँ प्रियतम, मुकुट धर पग राधे।  
<a id="line-37"></a>राधे बिनु हैं श्याम आधे, ऐसी मेरी राधे।  
<a id="line-38"></a>राधे पग पर श्याम सिर धर, कहत जय जय राधे।  
<a id="line-39"></a>श्यामा छवि लखि श्याम मुर्छित, सहि न सक सुख राधे।  
<a id="line-40"></a>तेरे चरनन चुवत ब्रजरस, पियत प्रियतम राधे।  
<a id="line-41"></a>तेरी पद रज आँजि दृग पिय, जात बलि बलि राधे।  
<a id="line-42"></a>तेरी भृकुटिन मटक लखि लखि, डरत नटखट राधे।  
<a id="line-43"></a>मानिनी लखि स्वामिनी पिय, काँप थर थर राधे।  
<a id="line-44"></a>सखिन पद गहि रुदन कर हरि, जानि मानिनि राधे।  
<a id="line-45"></a>तेरी छवि लखि गिरत पिय कर, मुरलि भू पर राधे।  
<a id="line-46"></a>लखत तव छवि श्याम इकटक, लगत टकटकि राधे।  
<a id="line-47"></a>श्याम के भी पूर्व लें सब, नाम तेरा राधे।  
<a id="line-48"></a>विश्वकर्षी कृष्ण उनकी, कर्षिणी तू राधे।  
<a id="line-49"></a>श्याम को जनि बुरा कहु कोउ, बुरा मानें राधे।  
<a id="line-50"></a>तू ही गति है तू ही मति है, तू ही रति मम राधे।

<a id="line-51"></a>तू ही कर्ता तू ही धर्ता, तू ही हर्ता राधे।  
<a id="line-52"></a>तू ही दाता तू ही धाता, तू ही माता राधे।  
<a id="line-53"></a>तू ही मेरी स्वामिनी है, मैं हूँ चेरी राधे।  
<a id="line-54"></a>तू है जल महँ तू है थल महँ, तू है नभ महँ राधे।  
<a id="line-55"></a>अत्र तू है तत्र तू है, कुत्र तू नहिं राधे।  
<a id="line-56"></a>तेरा आदि न तेरा मध्य न, तेरा अन्त न राधे।  
<a id="line-57"></a>तू है भीतर तू है बाहर, तू है कण कण राधे।  
<a id="line-58"></a>तू हि सद्घन तू हि चिद्घन, तू हि सुखघन राधे।  
<a id="line-59"></a>प्रेम की तू रूप की तू, रस की मूरति राधे।  
<a id="line-60"></a>चुवत ब्रजरस रोम प्रति तव, पियत रसिकन राधे।  
<a id="line-61"></a>ज्ञानी जानें नाहिं ब्रजरस, हैं अभागे राधे।  
<a id="line-62"></a>कोउ ज्ञानी पावे ब्रजरस, तव कृपा ते राधे।  
<a id="line-63"></a>तेरे चरनन दिव्य रज कन, रसिकजन धन राधे।  
<a id="line-64"></a>तेरी चितवनि तेरी मुसकनि, गवनि मोहिनि राधे।  
<a id="line-65"></a>गोरी गोरी भोरी भोरी, हैं किशोरी राधे।  
<a id="line-66"></a>तन की गोरी मन की भोरी, ऐसी मोरी राधे  
<a id="line-67"></a>कोटि कमला नौकरानी, तोरी रानी राधे।  
<a id="line-68"></a>मेरी राधे तेरी राधे, सकल जग की राधे।  
<a id="line-69"></a>तू ही मेरी तू ही मेरी, तू ही मेरी राधे।

<a id="line-70"></a>मैं भी तेरी मैं भी तेरी, मैं भी तेरी राधे।  
<a id="line-71"></a>मेरी तू है मैं भी तेरी, वेद कह तव राधे।  
<a id="line-72"></a>सुनहु रे मन! तजहु विषयन, गहहु चरनन राधे।  
<a id="line-73"></a>लखहु राधे सुनहु राधे, धरहु चित छवि राधे।  
<a id="line-74"></a>आगे राधे पाछे राधे, दायें बायें राधे।  
<a id="line-75"></a>मुझमें तू है तुझमें मैं हूँ, भेद फिर क्यों राधे।  
<a id="line-76"></a>जग में तू है तुझमें जग नहिं, भेद यह है राधे।  
<a id="line-77"></a>मृत्तिका बिनु घट न घट बिनु, मृत्तिका ज्यों राधे।  
<a id="line-78"></a>सूत बिनु नहिं पट हो पट बिनु, सूत रह ज्यों राधे।  
<a id="line-79"></a>तू है कारण कार्य हूँ मैं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-80"></a>व्याप्त जग तू व्याप्त मैं तनु, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-81"></a>मैं हूँ जग का तेरा जग है, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-82"></a>मैं हूँ मायिक मायापर तू, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-83"></a>मैं हूँ त्रिगुणी तू है निर्गुण, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-84"></a>अल्प हूँ मैं तू है भूमा, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-85"></a>तू है विभु चित् मैं हूँ अणु चित्, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-86"></a>तुझसे मैं हूँ मुझसे तू नहिं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-87"></a>तू है प्रेरक प्रेर्य हूँ मैं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-88"></a>तू है शासक शास्य हूँ मैं, भेद इतनो राधे।

<a id="line-89"></a>अज्ञ मैं सर्वज्ञ है तू, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-90"></a>तू है स्रष्टा सृज्य हूँ मैं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-91"></a>तू है आत्मा देह हूँ मैं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-92"></a>सर्व शक्ति तू अल्प शक्ति मैं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-93"></a>है उपास्य तू मैं उपासक, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-94"></a>एक तू है हम हैं अगणित, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-95"></a>दिव्य तनु तव मेरी प्राकृत, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-96"></a>तू सुखी है मैं दुखी हूँ, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-97"></a>तू है दाता मैं भिखारी, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-98"></a>तू है स्वामिनि दास हूँ मैं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-99"></a>तू है माता पुत्र हूँ मैं, भेद इतनो राधे।  
<a id="line-100"></a>तू भी चेतन मैं भी चेतन, भेद नहिं दोउ राधे।  
<a id="line-101"></a>तू सनातन मैं सनातन, भेद नहिं दोउ राधे।  
<a id="line-102"></a>तू भी उर में मैं भी उर में, भेद नहिं दोउ राधे।  
<a id="line-103"></a>तू भी अव्यय मैं भी अव्यय, भेद नहिं दोउ राधे।  
<a id="line-104"></a>तू भी कर्ता मैं भी कर्ता, भेद नहिं दोउ राधे।  
<a id="line-105"></a>ज्ञान है तू ज्ञान हूँ मैं, भेद नहिं दोउ राधे।  
<a id="line-106"></a>तू भी ज्ञाता मैं भी ज्ञाता, भेद नहिं दोउ राधे।  
<a id="line-107"></a>अन्त नहिं तव अन्त नहिं मम, भेद नहिं दोउ राधे।

<a id="line-108"></a>तू है अंशी अंश हूँ मैं, यह जना दे राधे।  
<a id="line-109"></a>तू है रवि सम मैं किरन सम, उर बिठा दे राधे  
<a id="line-110"></a>तोहिं भुलाया मूढ़ पै अब, शरण आया राधे।  
<a id="line-111"></a>तू है अशरण की शरण माँ, ले शरण मोहिं राधे।  
<a id="line-112"></a>मैं न भूलूँ तोहिं तुम नहिं, मोहिं भूलहु राधे।  
<a id="line-113"></a>मैं तो भूला मायावश तू, भूली क्यों मोहिं राधे।  
<a id="line-114"></a>मैं तेरी होऊँ न होऊँ, तू मेरी बनु राधे।  
<a id="line-115"></a>जग में होत कुपूत पै नहिं, हो कुमाता राधे।  
<a id="line-116"></a>कौन हूँ मैं कौन मेरा, यह जना दे राधे।  
<a id="line-117"></a>तुमको जाना पै न माना, मूढ़ अस मैं राधे।  
<a id="line-118"></a>हारि गइ समुझा के मन को, तू ही समझा राधे।  
<a id="line-119"></a>योगमाया पर्दा तव मम, पर्दा माया राधे।  
<a id="line-120"></a>मेरी मायिक दृष्टि तेरा, रूप चिन्मय राधे।  
<a id="line-121"></a>हौं भला हूँ या बुरा हूँ, हौं तो तव शिशु राधे।  
<a id="line-122"></a>शिशु न जाने कौन माँ मम, माँ जनावे राधे।  
<a id="line-123"></a>झूठ बोलूँ सारे जग ते, मेरी स्वामिनि राधे।  
<a id="line-124"></a>जग खिलौना दै के निज सुत, कित गई माँ राधे।  
<a id="line-125"></a>उर लगाया कबहुँ नहिं मोहिं, कैसी माँ तू राधे।  
<a id="line-126"></a>रस चुये प्रति रोम तेरे, टुक पिला दे राधे

<a id="line-127"></a>रस का चसका तब लगे जब, टुक पिला दे राधे।  
<a id="line-128"></a>पाहि मां त्वं पाहि मां त्वं, पाहि मां त्वं राधे।  
<a id="line-129"></a>तेरे अगनित भक्त मेरी, एक तू है राधे।  
<a id="line-130"></a>तेरे शिशु को मारे दासी, तू लखे माँ राधे।  
<a id="line-131"></a>तू अकारण कृपा कर पुनि, बेर क्यों कर राधे।  
<a id="line-132"></a>न्याय नहिं चह तव कृपा चह, करु कृपा यह राधे।  
<a id="line-133"></a>माना मैं हूँ अति पतित तू, पतित-पावनि राधे।  
<a id="line-134"></a>लाजहूँ जासोें लजत अस, हौं निलज मैं राधे।  
<a id="line-135"></a>जाने बिनु जो पाप कर सो, दण्ड पावे राधे।  
<a id="line-136"></a>जान कर भी पाप कर जो, कौन गति वाय राधे।  
<a id="line-137"></a>जान कर भी पाप कर नित, हौं पतित अस राधे।  
<a id="line-138"></a>लखु न करनी करि ले अपनी, मोहिं स्वामिनि राधे।  
<a id="line-139"></a>ओर मोरी कृपा कोरी, करहु मोरी राधे।  
<a id="line-140"></a>बिनुहि कारण कृपा कारिणि, रसिक कह तोहिं राधे।  
<a id="line-141"></a>जितको देखूँ तू ही दीखे, ऐसा करु मम राधे।  
<a id="line-142"></a>तन समा जा मन को भा जा, दृगन छा जा राधे।  
<a id="line-143"></a>मेरे नैनन मेरे बैनन, रैन दिन वसु राधे।  
<a id="line-144"></a>नाम गाऊँ तेरा पै मन, जग में रम नित राधे।  
<a id="line-145"></a>नाम में नामी रहत यह, ज्ञान दृढ़ करु राधे।

<a id="line-146"></a>तेरी माया ने भुलाया, भाया जग सुख राधे।  
<a id="line-147"></a>दे सतत सत्संग मोहिं अरु, दे न दे कछु राधे।  
<a id="line-148"></a>भुक्ति नहिं चह मुक्ति नहिं चह, भक्ति चह तव राधे।  
<a id="line-149"></a>तेरो ही सुख चहहुँ अपनो, चहहुँ सुख नहिं राधे।  
<a id="line-150"></a>तेरी रुचि ही मेरी रुचि हो, ऐसी मति करु राधे।  
<a id="line-151"></a>तेरो सुख बनि जाय मम सुख, ऐसो करु मन राधे।  
<a id="line-152"></a>मोहिं वरदे एक वर दे, चहहुँ तव सुख राधे।  
<a id="line-153"></a>सेउँ तन ते सेउँ मन ते, सेउँ धन ते राधे।  
<a id="line-154"></a>मेरा सरबस ले ले बरबस, दे दे ब्रजरस राधे।  
<a id="line-155"></a>मैं तो लेना जानुँ तू तो, जाने देना राधे।  
<a id="line-156"></a>प्रेम देना काम लेना, यह जना दे राधे।  
<a id="line-157"></a>प्यार दे या मार दे पै, अब ना छोडूँ राधे।  
<a id="line-158"></a>सोई अब लौं खोई सब कछु, अब ना सोऊँ राधे।  
<a id="line-159"></a>एक दिन तू देगी दर्शन, है भरोसा राधे।  
<a id="line-160"></a>तेरे बिन क्या जीना जीना, प्राण हर ले राधे  
<a id="line-161"></a>मैं हूँ शिशु तव तू है मम माँ, नाहिं भिक्षुक राधे।  
<a id="line-162"></a>माया मारे मातु देखे, अस जगहुँ नहिं राधे।  
<a id="line-163"></a>तेरे अगनित सुत हैं मेरी, एक तू माँ राधे।  
<a id="line-164"></a>तू है मेरी मैं हूँ तेरी, यह जना दे राधे।

<a id="line-165"></a>काउ सों कहिहौं न बारेक, उर लगा ले राधे।  
<a id="line-166"></a>तू अकारन, करुण पुनि क्यों, कर न करुणा राधे।  
<a id="line-167"></a>माँगूं वर यह माँगूं नहिं कछु, कबहुँ तोसों राधे।  
<a id="line-168"></a>जान जग मोहिं तोर जन तव, होत अपयश राधे।  
<a id="line-169"></a>तू है मुझमे मैं हूँ तुझ में, दूरी पुनि क्यों राधे।  
<a id="line-170"></a>जो पुकारे रो के राधे, भाजी आवहिं राधे।  
<a id="line-171"></a>आये या ना आये पै उर, वेदना दे राधे।  
<a id="line-172"></a>स्वर्ग सातों मोक्ष पाँचों, ना दे ना दे राधे।  
<a id="line-173"></a>जेहि कहत सर्वज्ञ सो हरि, जान नहिं तोहिँ राधे।  
<a id="line-174"></a>दे दे दे दे, प्रेम अपनो, घटे नहिं कछु राधे।  
<a id="line-175"></a>खाली हो गया, क्या कृपा का, कोष मम हित राधे।  
<a id="line-176"></a>तू थी अवढरदानी पुनि अब, क्यों कृपण भई राधे।  
<a id="line-177"></a>कर्म बल नहिं ज्ञान बल नहिं, नाम बल मम राधे।  
<a id="line-178"></a>जान नहिँ शिशु मातु तो क्या, मात तजि दे राधे।  
<a id="line-179"></a>बहुत सोया भूखा अब तो, माँ जगा दे राधे।  
<a id="line-180"></a>कर्म नहिं चह, ज्ञान नहिं चह, प्रेम ही चह राधे।  
<a id="line-181"></a>मेरे पापन, ते डरी क्यों, पतित-पावनि राधे।  
<a id="line-182"></a>पतित-पावनि जानि तोहिँ किय, पाप निधरक राधे।  
<a id="line-183"></a>तू मुझे चाहे न चाहे, चाहूँ मैं तोहिं राधे।

<a id="line-184"></a>अस कृपा करु रैन दिन मन, ध्यान कर तव राधे।  
<a id="line-185"></a>तू तो उर रह, यह श्रुतिन कह, आजा बाहर राधे।  
<a id="line-186"></a>तव दरस हित एक पल मोहिं, लग कलप सम राधे।  
<a id="line-187"></a>जो न हों मो सो पतित तोहिं, पूछतो को राधे।  
<a id="line-188"></a>पतित जन ने नाम दिय तोहिं, पतित-पावनि राधे।  
<a id="line-189"></a>तेरी माया बलवती अति, मैं निबल अति राधे।  
<a id="line-190"></a>न्याय करि नहिं पार पैहौ, इतने अघ मम राधे।  
<a id="line-191"></a>या कृपा करु या चला दे, चक्र निज कर राधे।  
<a id="line-192"></a>तेरी दासी बैठी उर महँ, आ भगा दे राधे।  
<a id="line-193"></a>देह को ही जीव माना, भूल यह की राधे।  
<a id="line-194"></a>पतित हूँ नहिं मान आपुहिं, हौं पतित अस राधे।  
<a id="line-195"></a>दीन ही हैं तोहिं प्रिय तो, दीनता दे राधे।  
<a id="line-196"></a>तू अकारण करुण है तो, साधना क्यों राधे।  
<a id="line-197"></a>भिक्षुकों ते भीख माँग्यों, जन्म अगनित राधे।  
<a id="line-198"></a>जान्यों अब मैं गुरु कृपा ते, तू ही दाता राधे।  
<a id="line-199"></a>दे न दे रस करु कृपा अस, माँगूँ छिन छिन राधे।  
<a id="line-200"></a>भूला मैं तोहिं भूल मम पै, तू न भूली राधे।  
<a id="line-201"></a>पाप अगनित देखि मम यम, सोच मन बड़ राधे।  
<a id="line-202"></a>मैं हूँ खोटा सुत खरों के, सँग चला दे राधे।

<a id="line-203"></a>देह मन बुधि मेरी मायिक, तोहिं का दे राधे।  
<a id="line-204"></a>मैं भी तेरा मेरा तेरा, पुनि दऊँ का राधे।  
<a id="line-205"></a>जग का चट्टू घुनघुना दै, कित गई माँ राधे।  
<a id="line-206"></a>पतित मो सम विश्व महँ तोहिँ, मिलहिं नहिं कहुँ राधे।  
<a id="line-207"></a>पतित-पावनि नाम बदलो, या कृपा करु राधे।  
<a id="line-208"></a>बिनु कृपा नहिं जानि सक तोहिं, शारदाहुँ राधे।  
<a id="line-209"></a>तेरी इच्छा में ही मेरी, होय इच्छा राधे।  
<a id="line-210"></a>वनचरिन कहँ सहचरिन करि, उर लगायो राधे।  
<a id="line-211"></a>अब करौं हौं द्वार तेरे, सत्य आग्रह राधे।  
<a id="line-212"></a>मेरी थी तू, मेरी है तू, रहेगी मम राधे।  
<a id="line-213"></a>दे “कृपालुहिं” दरस या ले, प्राण मम मम राधे।

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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